गगग
Sunday, November 10, 2019
🅰 भारतीय संविधान के अनुच्छेद और उनके विषय [Indian Constitution Articles And Their Subject]
अनुच्छेद (Article) 1 – संघ का नाम औ राज्य क्षेत्र
अनुच्छेद (Article) 2 – नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना
अनुच्छेद (Article) 3 – राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे परिवर्तन
अनुच्छेद (Article) 4 – पहली अनुसूचित व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा दो और तीन के अधीन बनाई गई विधियां
अनुच्छेद (Article) 5 – संविधान के प्रारं पर नागरिकता
अनुच्छेद (Article) 6 – भारत आने वाले व्यक्तियों को नागरिकता
अनुच्छेद (Article) 7 – पाकिस्तान जाने वालों को नागरिकता
अनुच्छेद (Article) 8 – भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों का नागरिकता
अनुच्छेद (Article) 9 – विदेशी राज्य की नागरिकता लेने पर भारत का नागरिक ना होना
अनुच्छेद (Article) 10 – नागरिकता क अधिकारों का बना रहना
अनुच्छेद (Article) 11 – संसद द्वारा नागरिकता के लिए कानून का विनियमन
अनुच्छेद (Article) 12 – राज्य की परिभाषा
अनुच्छेद (Article) 13 – मूल अधिकारों को असंगत या अल्पीकरण करने वाली विधियां
अनुच्छेद (Article) 14 – विधि के समक्ष समानता
अनुच्छेद (Article) 15 – धर्म जाति लिंग पर भेद का प्रतिशेध
अनुच्छेद (Article) 16 – लोक नियोजन में अवसर की समानता
अनुच्छेद (Article) 17 – अस्पृश्यता का अंत
अनुच्छेद (Article) 18 – उपाधीयों का अंत
अनुच्छेद (Article) 19 – वाक् की स्वतंत्रता
अनुच्छेद (Article) 20 – अपराधों के दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण
अनुच्छेद (Article) 21 – प्राण और दैहिक स्वतंत्रता
अनुच्छेद (Article) 21 क – 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार
अनुच्छेद (Article) 22 – कुछ दशाओं में गिरफ्तारी से सरंक्षण
अनुच्छेद (Article) 23 – मानव के दुर्व्यापार और बाल आश्रम
अनुच्छेद (Article) 24 – कारखानों में बालक का नियोजन का प्रतिशत
अनुच्छेद (Article) 25 – धर्म का आचरण और प्रचार की स्वतंत्रता
अनुच्छेद (Article) 26 – धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता
अनुच्छेद (Article) 29 – अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण
अनुच्छेद (Article) 30 – शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार
अनुच्छेद (Article) 32 – अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार
अनुच्छेद (Article) 36 – परिभाषा
अनुच्छेद (Article) 40 – ग्राम पंचायतों का संगठन
अनुच्छेद (Article) 48 – कृषि और पशुपालन संगठन
अनुच्छेद (Article) 48क – पर्यावरण वन तथा वन्य जीवों की रक्षा
अनुच्छेद (Article) 49- राष्ट्रीय स्मारक स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण
अनुच्छेद (Article) 50 – कार्यपालिका से न्यायपालिका का प्रथक्करण
अनुच्छेद (Article) 51 – अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा
अनुच्छेद (Article) 51क – मूल कर्तव्य
अनुच्छेद (Article) 52 – भारत का राष्ट्रपति
अनुच्छेद (Article) 53 – संघ की कार्यपालिका शक्ति
अनुच्छेद (Article) 54 – राष्ट्रपति का निर्वाचन
अनुच्छेद (Article) 55 – राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीती
अनुच्छेद (Article) 56 – राष्ट्रपति की पदावधि
अनुच्छेद (Article) 57 – पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता
अनुच्छेद (Article) 58 – राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए आहर्ताए
अनुच्छेद (Article) 59 – राष्ट्रपति पद के लिए शर्ते
अनुच्छेद (Article) 60 – राष्ट्रपति की शपथ
अनुच्छेद (Article) 61 – राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया
अनुच्छेद (Article) 62 – राष्ट्रपति पद पर व्यक्ति को भरने के लिए निर्वाचन का समय और रीतियां
अनुच्छेद (Article) 63 – भारत का उपराष्ट्रपति
अनुच्छेद (Article) 64 – उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना
अनुच्छेद (Article) 65 – राष्ट्रपति के पद की रिक्त पर उप राष्ट्रपति के कार्य
अनुच्छेद (Article) 66 – उप-राष्ट्रपति का निर्वाचन
अनुच्छेद (Article) 67 – उपराष्ट्रपति की पदावधि
अनुच्छेद (Article) 68 – उप राष्ट्रपति के पद की रिक्त पद भरने के लिए निर्वाचन
अनुच्छेद (Article) 69 – उप राष्ट्रपति द्वारा शपथ
अनुच्छेद (Article) 70 – अन्य आकस्मिकता में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन
अनुच्छेद (Article) 71. – राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित विषय
अनुच्छेद (Article) 72 – क्षमादान की शक्ति
अनुच्छेद (Article) 73 – संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार
अनुच्छेद (Article) 74 – राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद
अनुच्छेद (Article) 75 – मंत्रियों के बारे में उपबंध
अनुच्छेद (Article) 76 – भारत का महान्यायवादी
अनुच्छेद (Article) 77 – भारत सरकार के कार्य का संचालन
अनुच्छेद (Article) 78 – राष्ट्रपति को जानकारी देने के प्रधानमंत्री के कर्तव्य
अनुच्छेद (Article) 79 – संसद का गठन
अनुच्छेद (Article) 80 – राज्य सभा की संरचना।
Saturday, October 5, 2019
मुकरियाँ ( अमीर खुसरों)
रात समय वह मेरे आवे। भोर भये वह घर उठि जावे॥
यह अचरज है सबसे न्यारा। ऐ सखि साजन? ना सखि तारा॥
नंगे पाँव फिरन नहिं देत। पाँव से मिट्टी लगन नहिं देत॥
पाँव का चूमा लेत निपूता। ऐ सखि साजन? ना सखि जूता॥
वह आवे तब शादी होय। उस बिन दूजा और न कोय॥
मीठे लागें वाके बोल। ऐ सखि साजन? ना सखि ढोल॥
जब माँगू तब जल भरि लावे। मेरे मन की तपन बुझावे॥
मन का भारी तन का छोटा। ऐ सखि साजन? ना सखि लोटा॥
बेर-बेर सोवतहिं जगावे। ना जागूँ तो काटे खावे॥
व्याकुल हुई मैं हक्की बक्की। ऐ सखि साजन? ना सखि मक्खी॥
अति सुरंग है रंग रंगीलो। है गुणवंत बहुत चटकीलो॥
राम भजन बिन कभी न सोता। क्यों सखि साजन? ना सखि तोता॥
अर्ध निशा वह आया भौन। सुंदरता बरने कवि कौन॥
निरखत ही मन भयो अनंद। क्यों सखि साजन? ना सखि चंद॥
शोभा सदा बढ़ावन हारा। आँखिन से छिन होत न न्यारा॥
आठ पहर मेरो मनरंजन। क्यों सखि साजन? ना सखि अंजन॥
जीवन सब जग जासों कहै। वा बिनु नेक न धीरज रहै॥
हरै छिनक में हिय की पीर। क्यों सखि साजन? ना सखि नीर॥
बिन आये सबहीं सुख भूले। आये ते अँग-अँग सब फूले॥
सीरी भई लगावत छाती। क्यों सखि साजन? ना सखि पाति॥
1. भारतीय आर्य भाषा परिवार की भाषाओं का मूल स्रोत्र कौन सी भाषा है ?
(अ) हिन्दी
(ब) वैदिक संस्कृत
(स) मराठी
(द) लौकिक संस्कृत
2. तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाएँ किस भाषा परिवार से संबद्ध हैं ?
(अ) भारतीय आर्य भाषा परिवार
(ब) भारत-यूरोपीय भाषा परिवार
(स) द्रविड़ परिवार
(द) आधुनिक भारतीय आर्य भाषा परिवार
3. भाषा का मूल रूप कौन सा है ?
(अ) लिखित रूप
(ब) मौखिक रूप
(स) मानक रूप
(द) साहित्यिक रूप
4. खड़ी बोली हिन्दी का साहित्यिक रूप किस शताब्दी में विकसित हुआ ?
(अ) अठाहरवीं शताब्दी
(ब) सत्रहवीं शताब्दी
(स) उन्नीसवीं शताब्दी
(द) सोलहवीं शताब्दी
5. हिन्दी को भारतीय संविधान में संघ की राजभाषा के रूप में कब मान्यता मिली ?
(अ) 14 सितंबर, 1949
(ब) 14 सितंबर, 1948
(स) 14 सितंबर, 1953
(द) 14 सितंबर, 1950
6. आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने किस पत्रिका के माध्यम से खडी बोली हिन्दी को परिष्कृत और परिमार्जित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई ?
(अ) चाँद
(ब) सुधा
(स) सरस्वती
(द) प्रताप
7. उत्तर भारत की खड़ी बोली हिन्दी दक्षिण में किस रूप में विकसित हुई ?
(अ) द्रविड़ हिन्दी
(ब) दक्कनी हिन्दी
(स) दक्कनी उर्दू
(द) परिनिष्ठित हिन्दी
8. मध्य काल में राजकल की भाषा के रूप में किस भाषा को मान्यता मिली हुई थी ?
(अ) हिन्दी
(ब) उर्दू
(स) फारसी
(द) अरबी
9. संविधान के किस अनुच्छेद के अनुसार संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी है ?
(अ) अनुच्छेद-343
(ब) अनुच्छेद-346
(स) अनुच्छेद-344
(द) अनुच्छेद-342
10. ब्रजभाषा और अवधी किस काल की काव्य भाषाएँ थीं ?
(अ) प्राचीन
(ब) मध्य काल
(स) आधुनिक काल
(द) वैदिक काल
11. हिन्दी की बोलियों को कितने वर्गों में रखा जाता है ?
(अ) तीन
(ब) चार
(स) पाँच
(द) आठ
12. ‘बुंदेली’ और ‘कन्नौजी’ बोली हिन्दी के किस उपभाषा वर्ग की बोलियाँ हैं ?
(अ) पूर्वी हिन्दी
(ब) पश्चिमी हिन्दी
(स) राजस्थानी
(द) पहाड़ी
13. आधुनिक भारतीय आर्य भाषाओं का विकास किससे हुआ ?
(अ) संस्कृत
(ब) हिन्दी
(स) अपभ्रंश
(द) पालि-प्राकृत
14. ‘भोजपुरी’ मूलत: किस प्रदेश की बोली है ?
(अ) राजस्थान
(ब) बिहार
(स) मध्य प्रदेश
(द) उत्तर प्रदेश
15. मानक हिन्दी का विकास किस बोली में हुआ ?
(अ) खड़ी बोली हिन्दी
(ब) ब्रजभाषा
(स) अवधी
(द) बाँगरू
16. भाषा के संदर्भ में अशुद्घ तथ्य कौन सा है ?
(अ) भाषा अर्जित सम्पत्ति है
(ब) भाषा सामाजिक वस्तु नहीं है
(स) भाषा परिवर्तनशील है
(द) भाषा अनुकरण द्वारा अर्जितकी जाती है
17. लिपि के विकास-क्रम में पहली लिपि कौन सी है ?
(अ) भावमूलक लिपि
(ब) सूत्र लिपि
(स) चित्र लिपि
(द) प्रतीकात्मक लिपि
18. ‘मैथिल कोकिल’ किसे कहा जाता है ?
(अ) विद्यापति
(ब) बिहारी
(स) कलक्टर सिंह ‘केसरी’
(द) घनानंद
19. कृष्ण काव्य की अपार संपदा किस भाषा में है ?
(अ) अवधी
(ब) ब्रजभाषा
(स) खड़ी बोली
(द) मैथिली
20. ब्रजभाषा, खड़ी बोली, हरियाणवी, बुंदेली, और कन्नौजी बोलियाँ हिन्दी को बोलियों के किस वर्ग की हैं ?
(अ) पूर्वी हिन्दी
(ब) पश्चिमी हिन्दी
(स) राजस्थानी
(द) पहाड़ी
Friday, October 4, 2019
~हिंदी का पहला एकांकी-एक घूँट
~हिंदी का पहला एकांकी नाटक- बा और बापू
~हिंदी की प्रथम मौलिक कहानी-इंदुमती
~हिंदी का प्रथम उपन्यास -परीक्षा गुरु
~हिंदी का प्रथम मौलिक नाटक-(भारतेंदु ने माना) नहुष
~हिंदी का प्रथम अभिनीत नाटक-जानकी मंगल
~हिंदी में प्रथम जीवनी -भक्तमाल
~हिंदी में प्रथम आत्मकथा-अर्द्धकथानक
~हिंदी में प्रथम संस्मरण-हरिऔंध का संस्मरण
~हिंदी में प्रथम रेखाचित्र-पदम पराग
~हिंदी में प्रथम यात्रा वृतांत-लंदन यात्रा
~हिंदी में प्रथम रिपोर्ताज-लक्ष्मीपुरा
~हिंदी की प्रथम रचना-श्रावकाचार
~हिंदी साहित्य की प्रथम रचना-पृथ्वीराज रासो
~हिंदी साहित्य का प्रथम महाकाव्य-पृथ्वीराज रासो
~हिंदी में सर्वप्रथम मुकरियों की शुरुआत-अमीर खुसरो
~हिंदी का प्रथम बड़ा महाकाव्य–हंसावली
~हिंदी का प्रथम वक्रोति कथात्मक महाकाव्य-पद्मावत
Monday, September 16, 2019
1. महापुराण (पुष्पदन्त) - *2 खण्ड*
2. सन्देश रासक (अब्दुल रहमान) - *3 प्रक्रम*
3. बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह) - *4 खण्ड*
4. जसहर चरिउ (पुष्पदन्त) - *4 संधि*
5. कुमारपाल प्रतिबोध (सोमप्रभ सूरि) - *5 प्रस्ताव*
6. पउम चरिउ (स्वयंभू) - *5 काण्ड*
7. उक्ति-व्यक्ति प्रकरण (पं. दामोदर शर्मा) - *5 प्रकरण*
8. भाषा भूषण (जसवंत सिंह) - *5 प्रकाश*)
9. रामचरितमानस (तुलसीदास) - *7 काण्ड*
10. कुरुक्षेत्र (दिनकर) - *7 भाग*
11. कुमारपाल चरित (हेमचन्द्र) - *8 सर्ग*
12. वर्ण रत्नाकर (ज्योतिरीश्वर ठाकुर) - *8 कल्लोल*
13. णयकुमार चरिउ (पुष्पदंत) - *9 संंधि*
14. साकेत (मैथिलीशरण गुप्त) - *12 सर्ग/भाग*
15. कामायनी (जयशंकर प्रसाद) - *15 सर्ग*
16. रसिकप्रिया (केशवदास) - *16 प्रकाश*
17. कविप्रिया (केशवदास) - *16 प्रभाव*
18. प्रिय प्रवास (हरिऔध) - *17 सर्ग*
19. वैदेही वनवास (हरिऔध) - *18 सर्ग*
20. विज्ञानगीता (केशवदास) - *21 प्रभाव*
21. वीरसिंह देवचरित (केशवदास) - *33 प्रकाश*
22. रामचन्द्रिका (केशवदास) - *39 प्रकाश*
23. पद्मावत (जायसी) - *57 खण्ड*
24. पृथ्वीराज रासो (चन्दवरदाई) - *69 समय/सर्ग*
Tuesday, August 6, 2019
लेखक : उपनाम
1. जयशंकर साहू - 'प्रसाद'
2. सूर्यकांत त्रिपाठी - 'निराला'
3. गुसाईं दत्त - सुमित्रानन्दन पन्त
4. धनपत राय – प्रेमचन्द
5. रामधारी सिंह - 'दिनकर’
6. मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान – मिर्ज़ा ग़ालिब
7. मुन्नन द्विवेदी - शांतिप्रिय द्विवेदी
8. हरिप्रसाद द्विवेदी - वियोगि हरि
9. वैद्यनाथ मिश्र – नागार्जुन
10. हरिवंश राय श्रीवास्तव - 'बच्चन'
11. रघुपति सहाय - फिराक गोरखपुरी
12. सम्पूर्ण सिंह कालरा – गुलज़ार
13. धर्मवीर सक्सेना - धर्मवीर भारती
14. पुष्पलता शर्मा – पुष्पा भारती
15. शिवमंगल सिंह - 'सुमन'
16. मदन मोहन गुगलानी - मोहन राकेश
17. कैलाश सक्सेना – कमलेश्वर
18. उपेन्द्रनाथ शर्मा - 'अश्क'
19. फणीश्वर नाथ - 'रेणु'
20. गोपालदास सक्सेना - 'नीरज'
21. श्रीराम वर्मा – अमरकान्त
22. रमेश चन्द्र - शैलेष मटियानी
23. सुदामा पाण्डेय - 'धूमिल'
24. बालस्वरूप भटनागर - 'राही'
25. गंगाप्रसाद उनियाल - 'विमल'
26. रामेश्वर शुक्ल - 'अंचल'
27. वासुदेव सिंह - त्रिलोचन शास्त्री
28. (सच्चिदानंद) हीरानन्द वात्स्यायन - 'अज्ञेय'
29. (तिरूमल्लै) नम्बाकम (वीर) राघव (आचार्य) - रांगेय राघव
30. (पाण्डेय) बेचन शर्मा - 'उग्र'
31. (राय) देवीप्रसाद - 'पूर्ण'
32. (पण्डित) चन्द्रधर शर्मा - 'गुलेरी'
33. बालकृष्ण शर्मा - 'नवीन'
34. गजानन माधव - 'मुक्तिबोध'
35. गोपाल शरण सिंह - 'नेपाली'
36. जनार्दन प्रसाद झा - 'द्विज'
37. सत्यनारायण - 'कविरत्न'
38. भगवान वर्मा - 'लाला भगवानदीन'
39. बालमुकुन्द गुप्त – शिवशम्भु
40. गयाप्रसाद शुक्ल - 'सनेही'
41. अयोध्यासिंह उपाध्याय - 'हरिऔध'
42. नाथूराम शर्मा - 'शंकर'
43. बदरीनारायण चौधरी - 'प्रेमघन'
44. जगन्नाथ दास - 'रत्नाकर'
45. सदासुख लाल - 'नियाज'
46. सैयद गुलाम नबी – 'रसलीन'
47. सैयद इब्राहिम – 'रसखान'
48. मलिक मोहम्मद - 'जायसी'
49. विश्वम्भर नाथ शर्मा - 'कौशिक'
50. चण्डीप्रसाद - 'हृदयेश'
51. हरिकृष्ण शर्मा - 'प्रेमी'
52. गणेशबिहारी मिश्र, श्यामबिहारी मिश्र,
शुकदेवबिहारी मिश्र - 'मिश्रबन्धु'
53. गुलशेर अहमद खान - 'शानी'
54. रामरिख बंसल - ‘मनहर ’
55. काशीनाथ उपाध्याय - बेधडक बनारसी
56. कृष्णदेव प्रसाद गौड - बेढब बनारसी
57. प्रभुलाल गर्ग - काका हाथरसी
58. चन्द्रभूषण त्रिवेदी - रमई काका
59. राजेन्द्र बाला घोष - बंग महिला
60. महेन्द्र कुमारी - मन्नू भण्डारी
61. प्रेम कुमार कुन्द्रा – प्रेम जनमेजय
62. अनिल कुमार जैन – अनिल जनविजय
63. सरोजिनी मलिक - 'प्रीतम'
64. उषा सक्सेना - 'प्रियंवदा'
65. गौरा पन्त - 'शिवानी'
66. सुशील कुमार चड्ढा – हुल्लड़ मुरादाबादी
67. पंडित आनन्द मोहन जुत्शी - गुलज़ार देहल्वी
1. जयशंकर साहू - 'प्रसाद'
2. सूर्यकांत त्रिपाठी - 'निराला'
3. गुसाईं दत्त - सुमित्रानन्दन पन्त
4. धनपत राय – प्रेमचन्द
5. रामधारी सिंह - 'दिनकर’
6. मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान – मिर्ज़ा ग़ालिब
7. मुन्नन द्विवेदी - शांतिप्रिय द्विवेदी
8. हरिप्रसाद द्विवेदी - वियोगि हरि
9. वैद्यनाथ मिश्र – नागार्जुन
10. हरिवंश राय श्रीवास्तव - 'बच्चन'
11. रघुपति सहाय - फिराक गोरखपुरी
12. सम्पूर्ण सिंह कालरा – गुलज़ार
13. धर्मवीर सक्सेना - धर्मवीर भारती
14. पुष्पलता शर्मा – पुष्पा भारती
15. शिवमंगल सिंह - 'सुमन'
16. मदन मोहन गुगलानी - मोहन राकेश
17. कैलाश सक्सेना – कमलेश्वर
18. उपेन्द्रनाथ शर्मा - 'अश्क'
19. फणीश्वर नाथ - 'रेणु'
20. गोपालदास सक्सेना - 'नीरज'
21. श्रीराम वर्मा – अमरकान्त
22. रमेश चन्द्र - शैलेष मटियानी
23. सुदामा पाण्डेय - 'धूमिल'
24. बालस्वरूप भटनागर - 'राही'
25. गंगाप्रसाद उनियाल - 'विमल'
26. रामेश्वर शुक्ल - 'अंचल'
27. वासुदेव सिंह - त्रिलोचन शास्त्री
28. (सच्चिदानंद) हीरानन्द वात्स्यायन - 'अज्ञेय'
29. (तिरूमल्लै) नम्बाकम (वीर) राघव (आचार्य) - रांगेय राघव
30. (पाण्डेय) बेचन शर्मा - 'उग्र'
31. (राय) देवीप्रसाद - 'पूर्ण'
32. (पण्डित) चन्द्रधर शर्मा - 'गुलेरी'
33. बालकृष्ण शर्मा - 'नवीन'
34. गजानन माधव - 'मुक्तिबोध'
35. गोपाल शरण सिंह - 'नेपाली'
36. जनार्दन प्रसाद झा - 'द्विज'
37. सत्यनारायण - 'कविरत्न'
38. भगवान वर्मा - 'लाला भगवानदीन'
39. बालमुकुन्द गुप्त – शिवशम्भु
40. गयाप्रसाद शुक्ल - 'सनेही'
41. अयोध्यासिंह उपाध्याय - 'हरिऔध'
42. नाथूराम शर्मा - 'शंकर'
43. बदरीनारायण चौधरी - 'प्रेमघन'
44. जगन्नाथ दास - 'रत्नाकर'
45. सदासुख लाल - 'नियाज'
46. सैयद गुलाम नबी – 'रसलीन'
47. सैयद इब्राहिम – 'रसखान'
48. मलिक मोहम्मद - 'जायसी'
49. विश्वम्भर नाथ शर्मा - 'कौशिक'
50. चण्डीप्रसाद - 'हृदयेश'
51. हरिकृष्ण शर्मा - 'प्रेमी'
52. गणेशबिहारी मिश्र, श्यामबिहारी मिश्र,
शुकदेवबिहारी मिश्र - 'मिश्रबन्धु'
53. गुलशेर अहमद खान - 'शानी'
54. रामरिख बंसल - ‘मनहर ’
55. काशीनाथ उपाध्याय - बेधडक बनारसी
56. कृष्णदेव प्रसाद गौड - बेढब बनारसी
57. प्रभुलाल गर्ग - काका हाथरसी
58. चन्द्रभूषण त्रिवेदी - रमई काका
59. राजेन्द्र बाला घोष - बंग महिला
60. महेन्द्र कुमारी - मन्नू भण्डारी
61. प्रेम कुमार कुन्द्रा – प्रेम जनमेजय
62. अनिल कुमार जैन – अनिल जनविजय
63. सरोजिनी मलिक - 'प्रीतम'
64. उषा सक्सेना - 'प्रियंवदा'
65. गौरा पन्त - 'शिवानी'
66. सुशील कुमार चड्ढा – हुल्लड़ मुरादाबादी
67. पंडित आनन्द मोहन जुत्शी - गुलज़ार देहल्वी
Saturday, August 3, 2019
सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला'
जन्मकाल – 1899 ई.
जन्मस्थान – महिषादल राज्य (बंगाल)
निवास – गढ़ाकोला (बंगाल)
मृत्युकाल – 1961 ई.
पिता – रामसहाय त्रिपाठी
पत्नी – मनोरमा देवी
पुत्री – सरोज
बचपन का नाम – सूर्य कुमार
दर्शन – अद्वैतवाद
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अब हम इनकी रचनाओं के बारें में पढेंगे ,रचनाओं को कालक्रम से बताया गया है
प्रमुख रचनाएँ –
अनामिका – 1923 ई. नये पत्ते – 1946 ई. सरोज स्मृति – 1935 ई.
परिमल – 1930 ई. बेला – 1946 ई. चतुरी चमार
गीतिका – 1936 ई. अर्चना – 1950 ई. राग-विराग
तुलसीदास – 1938 ई. आराधना – 1953 ई. गर्म पकौङी
अणिमा – 1943 ई. गीत गुंज – 1954 ई. रानी और कानी
कुकुरमुत्ता – 1948 ई. राम की शक्ति पूजा – 1936 ई. स्फटिक शिला
निराला की सर्वप्रथम कविता – जुही की कली – 1916 ई.
निराला की अंतिम कविता – ’पंत्रोकंठित जीवन का विष बुझा हुआ’ है।
नोट:- रामविलास शर्मा के मतानुसार इनकी सर्वप्रथम कविता ’भारत माता की वंदना’ (1920 ई.) मानी जाती है।
रचनाओं के संबंध में विशेष तथ्य –
1. इनकी ’अनामिका’ एवं ’गीत-गुंज’ रचनाओं के दो-दो संस्मरण प्रकाशित हुए हैं।
प्रथम संस्मरण प्रकाशन वर्ष
अनामिका 1923 ई.
गीत-गुंज 1954 ई.
द्वितीय संस्मरण प्रकाशन वर्ष
अनामिका 1938 ई.
गीत-गुंज 1959 ई.
2. निराला का प्रथम काव्य-संग्रह ’अनामिका’ (1923 ई.) एवं अंतिम काव्य-संग्रह ’सांध्यकाकली’ (1969 ई.) है, जो इनके मरणोपरांत प्रकाशित हुआ।
3. ’अनामिका’ एवं ’परिमल’ कविता संग्रहों में इनकी प्रकृति-प्रेम, सौन्दर्य चित्रण एवं रहस्यवाद संबंधी कविताओं को संकलित किया गया है।
4. ’परिमल’ काव्य संग्रह में इनकी निम्न प्रसिद्ध कविताओं को संगृहीत किया गया है –
1. जुही की कली 2. संध्या-सुंदरी 3. बादल-राग
4. विधवा 5. भिक्षुक 6. दीन
7. बहू 8. अधिवास 9. पंचवटी प्रसंग
नोट:- ’परिमल’ में छायावाद के साथ-साथ प्रगतिवाद के तत्व भी विद्यमान हैं।
5. ’जूही की कली’ कविता में प्रकृति के माध्यम से मानवीय वासनाओं की अभिव्यक्ति अत्यंत प्रभावोत्पादक रूप में हुई है।
6. ’गीतिका’ रचना में कवि ने अपनी भावनाओं को संगीत के स्वरों में प्रस्तुत करने का सफल प्रयास किया है।
विषयवस्तु की दृष्टि से इसके गीतों को निम्न चार वर्गों में विभक्त किया जा सकता है –
स्तुतिपरक या प्रार्थनापरक गीत
नारी सौन्दर्य संबंधी गीत
प्रकृति संबंधी गीत
विचार प्रधान गीत
7. तुलसीदास (1938 ई.) – यह निराला जी का श्रेष्ठ प्रबंधात्मक काव्य है। इसमें कवि ने गोस्वामी तुलसीदास के माध्यम से भारतीय परम्परा के गौरवशाली मूल्यों की प्रतिष्ठा का प्रयास किया है। इसमें तुलसीदास द्वारा अपनी पत्नी ’रत्नावली’ से मिलने के लिए उसके पीहर (नैहर) चले जाने एवं पत्नी द्वारा फटकार लगाये जाने पर गृहस्थ-जीवन को त्याग कर रामोपासना में लीन होने की घटना का वर्णन किया गया है। इसी रचना के लेखन के कारण यह माना जाता है कि ये ’तुलसीदास’ को अपना सर्वप्रिय कवि मानते थे।
8. सरोज स्मृति (1935 ई.)- यह एक शोक गीत है जिसे कवि ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री सरोज की करुण-स्मृति में लिखा था। इसे हिन्दी साहित्य संसार का सर्वाधिक प्रसिद्ध शोकगीत कहा जाता है। इसमें वात्सल्य एवं करुण दोनों रसों का अद्भुत सामंजस्य दृष्टिगोचर होता है।
9. राम की शक्ति पूजा (1936 ई.) – यह एक लघु प्रबंधात्मक काव्य है, जिसमें निराला का ओज अपनी पूर्ण शक्ति के साथ प्रस्फुटित हुआ है। इस रचना पर ’कृतिवास रामायण’ का प्रभाव दृष्टिगोचर होती है। यह शक्तिकाव्य जिजीविषा एवं राष्ट्रीय चेतना की कविता है।
10. कुकुरमुत्ता (1942 ई.) – इसमें कवि ने पूँजीवादियों पर तीखा व्यंग्य किया है। इसमें कवि ने संस्कृत शब्दावली का प्रयोग नहीं करके ’उर्दू’ व ’अंग्रेजी’ के शब्दों का प्रचुर प्रयोग किया है। इसमें कवि ने सर्वहारा वर्ग की प्रशंसा और धनवानों की घोर निंदा की है।
11. अणिमा – इसमें तीन प्रकार के गीत संगृहीत हैं –
1. भक्ति प्रधान
2. विषादमूलक
3. विचारपरक
इसमें कवि का दृष्टिकोण अधिक यथार्थवादी और शैली अधिक सरल है।
12. नये पत्ते – इसमें कवि की सात व्यंग्य प्रधान कविताओं का संग्रह किया गया है।
कवि के संबंध में अन्य तथ्य –
⇒ हिन्दी साहित्य जगत् में निराला के लिए ’महाप्राण’ शब्द का प्रयोग भी किया जाता है। गंगाप्रसाद पाण्डेय ’महाप्राण निराला’ आलोचना पुस्तक लिखकर यह नाम प्रदान किया था।
⇒ ये हिन्दी कविता को छंदों की परिधि से मुक्त करने वाले कवि माने जाते हैं, अर्थात् इनको ’मुक्तक छंद का प्रवर्तक’ भी कहा जाता है।
नोट – मुक्तक छंद को ’केंचुआ’ या ’रबर’ छंद भी कहते हैं।
⇒ इनको छायावाद, प्रगतिवाद इन तीनों आंदोलनों का पथ-प्रदर्शक भी कहा जाता है।
⇒ ये छायावाद के ’रुद्र (महेश)’ माने जाते हैं।
⇒ डाॅ. रामविलास शर्मा ने इनको ’ओज एवं औदात्य का कवि’ कहा है।
⇔ ये विवेकानंद जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे।
⇒ इन्होंने ’मतवाला’ एवं ’समन्वय’ नामक दो पत्रों का संपादन कार्य भी किया था।
⇔ द्विवेदीकालीन कवियों में इनको सर्वाधिक विरोध का सामना करना पङा था।
⇒ प्रसिद्ध ऐतिहासिक लेख – ’भावों की भिङन्त’ यह लेख बालकृष्ण शर्मा ’नवीन’ द्वारा संपादित ’प्रभा’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ था, जिसमें यह सिद्ध किया गया था कि निराला की बहुत-सी कविताएँ रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविताओं की नकल हैं। इस लेख ने तत्कालीन साहित्य जगत् में हलचल मचा दी थी।
⇔ ’रविवार’ को जन्म लेने के कारण सर्वप्रथम इनका मूल नाम ’सूर्यकुमार’ रखा गया था, जिसे सन् 1917-18 ई. में बदलकर इन्हांेने ’सूर्यकान्त’ कर दिया।
⇒ निराला ’परिमल’ की भूमिका में लिखते हैं –
’मनुष्यों की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है। मनुष्यों की मुक्ति कर्मों के बंधन से छुटकारा पाना है और कविता की मुक्ति छंद के शासन से अलग हो जाना।’
⇔ निराला ने ’कवित्त’ को ’हिन्दी का जातीय छंद’ कहा है।
⇒ निराला को ’ओज एवं औदात्य’ का कवि माना जाता है। इनकी तुलना अमरीकी कवि वाल्ट व्हिटमैन से की जाती है।
⇔ निराला को छायावाद का ’श्लाका पुरुष’ भी कहा जाता है।
⇒ आचार्य नंददुलारे वाजपेयी ने निराला को ’शताब्दी का कवि’ कहा है।
⇔ डाॅ. नामवर सिंह ने निराला की कविता को ’शताब्दी का काव्य’ कहा है।
सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की कविता –
1. ’बादल राग’ 5. ’वर दे’
2. ’संध्या सुंदरी’ 6. ’सम्राट अष्टम एडवर्ड के प्रति’
3. ’यमुना के प्रति’ 7. तोङती पत्थर’।
4. ’वर दे वीणा वादिनी’
सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के उपन्यास –
अप्सरा (1931 ई.) प्रभावती (1936 ई.)
अलका (1933 ई.) चोटी की पकङ
निरूपमा (1936 ई.) काले कारनामे (1950 ई.)
सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की पंक्तियाँ –
’दुख ही जीवन की कथा रही। ’
’जीर्ण बाहु है, शीर्ण शरीर, तुझे बुलाता कृषक,
अधीर ए विप्लव के वीर।’
’देश काल के शर से बिंध कर
यह जागा कवि अशेष छवि धर।’
’’अमिय गरल शशि सीकर रविकर, राग-विराग भरा प्याला।
पीते हैं जो साधक, उनका प्यारा है मतवाला।।’’
’लखकर अनर्थ आर्थिक पथ पर
हारता रहा मैं स्वार्थ समर।’
’ये कान्यकुब्ज कुल कुलांगार, खाकर पत्तल में करें छेद,
उनके कर कन्या अर्थ खेद।’
’ब्राह्मण समाज में ज्यों अछूत’।
’धिक जीवन जो पाता ही आया विरोध’।
जन्मकाल – 1899 ई.
जन्मस्थान – महिषादल राज्य (बंगाल)
निवास – गढ़ाकोला (बंगाल)
मृत्युकाल – 1961 ई.
पिता – रामसहाय त्रिपाठी
पत्नी – मनोरमा देवी
पुत्री – सरोज
बचपन का नाम – सूर्य कुमार
दर्शन – अद्वैतवाद
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अब हम इनकी रचनाओं के बारें में पढेंगे ,रचनाओं को कालक्रम से बताया गया है
प्रमुख रचनाएँ –
अनामिका – 1923 ई. नये पत्ते – 1946 ई. सरोज स्मृति – 1935 ई.
परिमल – 1930 ई. बेला – 1946 ई. चतुरी चमार
गीतिका – 1936 ई. अर्चना – 1950 ई. राग-विराग
तुलसीदास – 1938 ई. आराधना – 1953 ई. गर्म पकौङी
अणिमा – 1943 ई. गीत गुंज – 1954 ई. रानी और कानी
कुकुरमुत्ता – 1948 ई. राम की शक्ति पूजा – 1936 ई. स्फटिक शिला
निराला की सर्वप्रथम कविता – जुही की कली – 1916 ई.
निराला की अंतिम कविता – ’पंत्रोकंठित जीवन का विष बुझा हुआ’ है।
नोट:- रामविलास शर्मा के मतानुसार इनकी सर्वप्रथम कविता ’भारत माता की वंदना’ (1920 ई.) मानी जाती है।
रचनाओं के संबंध में विशेष तथ्य –
1. इनकी ’अनामिका’ एवं ’गीत-गुंज’ रचनाओं के दो-दो संस्मरण प्रकाशित हुए हैं।
प्रथम संस्मरण प्रकाशन वर्ष
अनामिका 1923 ई.
गीत-गुंज 1954 ई.
द्वितीय संस्मरण प्रकाशन वर्ष
अनामिका 1938 ई.
गीत-गुंज 1959 ई.
2. निराला का प्रथम काव्य-संग्रह ’अनामिका’ (1923 ई.) एवं अंतिम काव्य-संग्रह ’सांध्यकाकली’ (1969 ई.) है, जो इनके मरणोपरांत प्रकाशित हुआ।
3. ’अनामिका’ एवं ’परिमल’ कविता संग्रहों में इनकी प्रकृति-प्रेम, सौन्दर्य चित्रण एवं रहस्यवाद संबंधी कविताओं को संकलित किया गया है।
4. ’परिमल’ काव्य संग्रह में इनकी निम्न प्रसिद्ध कविताओं को संगृहीत किया गया है –
1. जुही की कली 2. संध्या-सुंदरी 3. बादल-राग
4. विधवा 5. भिक्षुक 6. दीन
7. बहू 8. अधिवास 9. पंचवटी प्रसंग
नोट:- ’परिमल’ में छायावाद के साथ-साथ प्रगतिवाद के तत्व भी विद्यमान हैं।
5. ’जूही की कली’ कविता में प्रकृति के माध्यम से मानवीय वासनाओं की अभिव्यक्ति अत्यंत प्रभावोत्पादक रूप में हुई है।
6. ’गीतिका’ रचना में कवि ने अपनी भावनाओं को संगीत के स्वरों में प्रस्तुत करने का सफल प्रयास किया है।
विषयवस्तु की दृष्टि से इसके गीतों को निम्न चार वर्गों में विभक्त किया जा सकता है –
स्तुतिपरक या प्रार्थनापरक गीत
नारी सौन्दर्य संबंधी गीत
प्रकृति संबंधी गीत
विचार प्रधान गीत
7. तुलसीदास (1938 ई.) – यह निराला जी का श्रेष्ठ प्रबंधात्मक काव्य है। इसमें कवि ने गोस्वामी तुलसीदास के माध्यम से भारतीय परम्परा के गौरवशाली मूल्यों की प्रतिष्ठा का प्रयास किया है। इसमें तुलसीदास द्वारा अपनी पत्नी ’रत्नावली’ से मिलने के लिए उसके पीहर (नैहर) चले जाने एवं पत्नी द्वारा फटकार लगाये जाने पर गृहस्थ-जीवन को त्याग कर रामोपासना में लीन होने की घटना का वर्णन किया गया है। इसी रचना के लेखन के कारण यह माना जाता है कि ये ’तुलसीदास’ को अपना सर्वप्रिय कवि मानते थे।
8. सरोज स्मृति (1935 ई.)- यह एक शोक गीत है जिसे कवि ने अपनी 18 वर्षीय पुत्री सरोज की करुण-स्मृति में लिखा था। इसे हिन्दी साहित्य संसार का सर्वाधिक प्रसिद्ध शोकगीत कहा जाता है। इसमें वात्सल्य एवं करुण दोनों रसों का अद्भुत सामंजस्य दृष्टिगोचर होता है।
9. राम की शक्ति पूजा (1936 ई.) – यह एक लघु प्रबंधात्मक काव्य है, जिसमें निराला का ओज अपनी पूर्ण शक्ति के साथ प्रस्फुटित हुआ है। इस रचना पर ’कृतिवास रामायण’ का प्रभाव दृष्टिगोचर होती है। यह शक्तिकाव्य जिजीविषा एवं राष्ट्रीय चेतना की कविता है।
10. कुकुरमुत्ता (1942 ई.) – इसमें कवि ने पूँजीवादियों पर तीखा व्यंग्य किया है। इसमें कवि ने संस्कृत शब्दावली का प्रयोग नहीं करके ’उर्दू’ व ’अंग्रेजी’ के शब्दों का प्रचुर प्रयोग किया है। इसमें कवि ने सर्वहारा वर्ग की प्रशंसा और धनवानों की घोर निंदा की है।
11. अणिमा – इसमें तीन प्रकार के गीत संगृहीत हैं –
1. भक्ति प्रधान
2. विषादमूलक
3. विचारपरक
इसमें कवि का दृष्टिकोण अधिक यथार्थवादी और शैली अधिक सरल है।
12. नये पत्ते – इसमें कवि की सात व्यंग्य प्रधान कविताओं का संग्रह किया गया है।
कवि के संबंध में अन्य तथ्य –
⇒ हिन्दी साहित्य जगत् में निराला के लिए ’महाप्राण’ शब्द का प्रयोग भी किया जाता है। गंगाप्रसाद पाण्डेय ’महाप्राण निराला’ आलोचना पुस्तक लिखकर यह नाम प्रदान किया था।
⇒ ये हिन्दी कविता को छंदों की परिधि से मुक्त करने वाले कवि माने जाते हैं, अर्थात् इनको ’मुक्तक छंद का प्रवर्तक’ भी कहा जाता है।
नोट – मुक्तक छंद को ’केंचुआ’ या ’रबर’ छंद भी कहते हैं।
⇒ इनको छायावाद, प्रगतिवाद इन तीनों आंदोलनों का पथ-प्रदर्शक भी कहा जाता है।
⇒ ये छायावाद के ’रुद्र (महेश)’ माने जाते हैं।
⇒ डाॅ. रामविलास शर्मा ने इनको ’ओज एवं औदात्य का कवि’ कहा है।
⇔ ये विवेकानंद जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे।
⇒ इन्होंने ’मतवाला’ एवं ’समन्वय’ नामक दो पत्रों का संपादन कार्य भी किया था।
⇔ द्विवेदीकालीन कवियों में इनको सर्वाधिक विरोध का सामना करना पङा था।
⇒ प्रसिद्ध ऐतिहासिक लेख – ’भावों की भिङन्त’ यह लेख बालकृष्ण शर्मा ’नवीन’ द्वारा संपादित ’प्रभा’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ था, जिसमें यह सिद्ध किया गया था कि निराला की बहुत-सी कविताएँ रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविताओं की नकल हैं। इस लेख ने तत्कालीन साहित्य जगत् में हलचल मचा दी थी।
⇔ ’रविवार’ को जन्म लेने के कारण सर्वप्रथम इनका मूल नाम ’सूर्यकुमार’ रखा गया था, जिसे सन् 1917-18 ई. में बदलकर इन्हांेने ’सूर्यकान्त’ कर दिया।
⇒ निराला ’परिमल’ की भूमिका में लिखते हैं –
’मनुष्यों की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है। मनुष्यों की मुक्ति कर्मों के बंधन से छुटकारा पाना है और कविता की मुक्ति छंद के शासन से अलग हो जाना।’
⇔ निराला ने ’कवित्त’ को ’हिन्दी का जातीय छंद’ कहा है।
⇒ निराला को ’ओज एवं औदात्य’ का कवि माना जाता है। इनकी तुलना अमरीकी कवि वाल्ट व्हिटमैन से की जाती है।
⇔ निराला को छायावाद का ’श्लाका पुरुष’ भी कहा जाता है।
⇒ आचार्य नंददुलारे वाजपेयी ने निराला को ’शताब्दी का कवि’ कहा है।
⇔ डाॅ. नामवर सिंह ने निराला की कविता को ’शताब्दी का काव्य’ कहा है।
सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की कविता –
1. ’बादल राग’ 5. ’वर दे’
2. ’संध्या सुंदरी’ 6. ’सम्राट अष्टम एडवर्ड के प्रति’
3. ’यमुना के प्रति’ 7. तोङती पत्थर’।
4. ’वर दे वीणा वादिनी’
सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के उपन्यास –
अप्सरा (1931 ई.) प्रभावती (1936 ई.)
अलका (1933 ई.) चोटी की पकङ
निरूपमा (1936 ई.) काले कारनामे (1950 ई.)
सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की पंक्तियाँ –
’दुख ही जीवन की कथा रही। ’
’जीर्ण बाहु है, शीर्ण शरीर, तुझे बुलाता कृषक,
अधीर ए विप्लव के वीर।’
’देश काल के शर से बिंध कर
यह जागा कवि अशेष छवि धर।’
’’अमिय गरल शशि सीकर रविकर, राग-विराग भरा प्याला।
पीते हैं जो साधक, उनका प्यारा है मतवाला।।’’
’लखकर अनर्थ आर्थिक पथ पर
हारता रहा मैं स्वार्थ समर।’
’ये कान्यकुब्ज कुल कुलांगार, खाकर पत्तल में करें छेद,
उनके कर कन्या अर्थ खेद।’
’ब्राह्मण समाज में ज्यों अछूत’।
’धिक जीवन जो पाता ही आया विरोध’।
छायावाद की परिभाषा : वरिष्ठ विद्वानों द्वारा
1.आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने छायावाद को स्पष्ट करते हुए लिखा है -"छायावाद शब्द का प्रयोग दो अर्थों में समझना चाहिए। एक तो रहस्यवाद के अर्थ में,जहां उसका संबंध काव्य-वस्तु से होता है अर्थात् जहां कवि उस अनंत और अज्ञात प्रियतम को को आलम्बन बनाकर अत्यंत चित्रमयी भाषा में प्रेम की अनेक प्रकार से व्यंजना करता है। छायावाद शब्द का दूसरा प्रयोग काव्य शैली या पद्धति-विशेष के व्यापक अर्थ में है।... छायावाद एक शैली विशेष है,जो लाक्षणिक प्रयोगों,अप्रस्तुत विधानों और अमूर्त उपमानों को लेकर चलती है।"
2.महादेवी वर्मा के अनुसार "छायावाद का कवि धर्म के अध्यात्म से अधिक दर्शन के ब्रह्म का ऋणी है, जो मूर्त और अमूर्त विश्व को मिलाकर पूर्णता पाता है। ... अन्यत्र वे लिखती हैं कि "छायावाद प्रकृति के बीच जीवन का उद्-गीथ है।"
3.डॉ. राम कुमार वर्मा के अनुसार 1."आत्मा और परमात्मा का गुप्त वाग्विलास रहस्यवाद है और वही छायावाद है।"
2."छायावाद या रहस्यवाद जीवात्मा की उस अंतर्निहित प्रवृत्ति का प्रकाशन है जिसमें वह दिव्य और अलौकिक सत्ता से अपना शांत और निश्चल संबंध जोड़ना चाहती है और यह संबंध इतना बढ़ जाता है कि दोनों में कुछ अंतर ही नहीं रह जाता है।"
3."परमात्मा की छाया आत्मा पर पड़ने लगती है और आत्मा की छाया परमात्मा पर। यही छायावाद है।"
4.आचार्य नंददुलारे वाजपेयी के अनुसार -"मानव अथवा प्रकृति के सूक्ष्म किंतु व्यक्त सौंदर्य में आध्यात्मिक छाया का भान मेरे विचार से छायावाद की एक सर्वमान्य व्याख्या हो सकती है।"
5.शांतिप्रिय द्विवेदी ने छायावाद और रहस्यवाद में गहरा संबंध स्थापित करते हुए कहा है-"जिस प्रकार मैटर ऑफ़ फैक्ट(इतिवृत्तात्मक) के आगे की चीज छायावाद है, उसी प्रकार छायावाद के आगे की चीज रहस्यवाद है।"
6.गंगाप्रसाद पांडेय ने कहा -"छायावाद नाम से ही उसकी छायात्मकता स्पष्ट है। विश्व की किसी वस्तु में एक अज्ञात सप्राण छाया की झांकी पाना अथवा उसका आरोप करना ही छायावाद है। ...जिस प्रकार छाया स्थूल वस्तुवाद के आगे की चीज है, उसी प्रकार रहस्यवाद छायावाद के आगे की चीज है।"
7.छायावाद के स्तम्भ जयशंकर प्रसाद ने छायावाद को अपने ढ़ग से परिभाषित करते हुए कहा है - "कविता के क्षेत्र में पौराणिक युग की किसी घटना अथवा देश-विदेश की सुंदरी के बाह्य वर्णन से भिन्न जब वेदना के आधार पर स्वानुभूतिमयी अभिव्यक्ति होने लगी तब हिंदी में उसे छायावाद के नाम से अभिहित किया गया।"
8.डॉ. नगेन्द्र छायावाद को "स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह मानते हैं"।
9."राष्ट्रीय जागरण की काव्यात्मक अभिव्यक्ति" - नामवर सिंह जी
1.आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने छायावाद को स्पष्ट करते हुए लिखा है -"छायावाद शब्द का प्रयोग दो अर्थों में समझना चाहिए। एक तो रहस्यवाद के अर्थ में,जहां उसका संबंध काव्य-वस्तु से होता है अर्थात् जहां कवि उस अनंत और अज्ञात प्रियतम को को आलम्बन बनाकर अत्यंत चित्रमयी भाषा में प्रेम की अनेक प्रकार से व्यंजना करता है। छायावाद शब्द का दूसरा प्रयोग काव्य शैली या पद्धति-विशेष के व्यापक अर्थ में है।... छायावाद एक शैली विशेष है,जो लाक्षणिक प्रयोगों,अप्रस्तुत विधानों और अमूर्त उपमानों को लेकर चलती है।"
2.महादेवी वर्मा के अनुसार "छायावाद का कवि धर्म के अध्यात्म से अधिक दर्शन के ब्रह्म का ऋणी है, जो मूर्त और अमूर्त विश्व को मिलाकर पूर्णता पाता है। ... अन्यत्र वे लिखती हैं कि "छायावाद प्रकृति के बीच जीवन का उद्-गीथ है।"
3.डॉ. राम कुमार वर्मा के अनुसार 1."आत्मा और परमात्मा का गुप्त वाग्विलास रहस्यवाद है और वही छायावाद है।"
2."छायावाद या रहस्यवाद जीवात्मा की उस अंतर्निहित प्रवृत्ति का प्रकाशन है जिसमें वह दिव्य और अलौकिक सत्ता से अपना शांत और निश्चल संबंध जोड़ना चाहती है और यह संबंध इतना बढ़ जाता है कि दोनों में कुछ अंतर ही नहीं रह जाता है।"
3."परमात्मा की छाया आत्मा पर पड़ने लगती है और आत्मा की छाया परमात्मा पर। यही छायावाद है।"
4.आचार्य नंददुलारे वाजपेयी के अनुसार -"मानव अथवा प्रकृति के सूक्ष्म किंतु व्यक्त सौंदर्य में आध्यात्मिक छाया का भान मेरे विचार से छायावाद की एक सर्वमान्य व्याख्या हो सकती है।"
5.शांतिप्रिय द्विवेदी ने छायावाद और रहस्यवाद में गहरा संबंध स्थापित करते हुए कहा है-"जिस प्रकार मैटर ऑफ़ फैक्ट(इतिवृत्तात्मक) के आगे की चीज छायावाद है, उसी प्रकार छायावाद के आगे की चीज रहस्यवाद है।"
6.गंगाप्रसाद पांडेय ने कहा -"छायावाद नाम से ही उसकी छायात्मकता स्पष्ट है। विश्व की किसी वस्तु में एक अज्ञात सप्राण छाया की झांकी पाना अथवा उसका आरोप करना ही छायावाद है। ...जिस प्रकार छाया स्थूल वस्तुवाद के आगे की चीज है, उसी प्रकार रहस्यवाद छायावाद के आगे की चीज है।"
7.छायावाद के स्तम्भ जयशंकर प्रसाद ने छायावाद को अपने ढ़ग से परिभाषित करते हुए कहा है - "कविता के क्षेत्र में पौराणिक युग की किसी घटना अथवा देश-विदेश की सुंदरी के बाह्य वर्णन से भिन्न जब वेदना के आधार पर स्वानुभूतिमयी अभिव्यक्ति होने लगी तब हिंदी में उसे छायावाद के नाम से अभिहित किया गया।"
8.डॉ. नगेन्द्र छायावाद को "स्थूल के प्रति सूक्ष्म का विद्रोह मानते हैं"।
9."राष्ट्रीय जागरण की काव्यात्मक अभिव्यक्ति" - नामवर सिंह जी
Wednesday, July 31, 2019
@रीतिकालीन शिल्पगत विशेषताएँ :
(1) सतसई परम्परा का पुनरुद्धार
(2) काव्य भाषा-वज्रभाषा (श्रुति मधुर व कोमल कांत पदावलियों से युक्त तराशी हुई भाषा)
(3) काव्य रूप-मुख्यतः मुक्तक का प्रयोग
(4) दोहा छंद की प्रधानता (दोहे 'गागर में सागर' शैली वाली कहावत को चरितार्थ करते है तथा लोकप्रियता के लिहाज से संस्कृत के 'श्लोक' एवं अरबी-फारसी के शेर के समतुल्य है।); दोहे के अलावा 'सवैया' (श्रृंगार रस के अनुकूल छंद) और 'कवित्त' (वीर रस के अनुकूल छंद) रीति कवियों के प्रिय छंद थे। केशवदास की 'रामचंद्रिका' को 'छंदों' का अजायबघर' कहा जाता है।
@रीतिमुक्त/रीति स्वच्छन्द काव्य की विशेषताएँ : बंधन या परिपाटी से मुक्त रहकर रीतिकाव्य धारा के प्रवाह के विरुद्ध एक अलग तथा विशिष्ट पहचान बनाने वाली काव्यधारा 'रीतिमुक्त काव्य' के नाम से जाना जाता है। रीतिमुक्त काव्य की विशेषताएँ थीं :
(1) रीति स्वच्छंदता
(2) स्वअनुभूत प्रेम की अभिव्यक्ति
(3) विरह का आधिक्य
(4) कला पक्ष के स्थान पर भाव पक्ष पर जोर
(5) पृथक काव्यादर्श/प्राचीन काव्य परम्परा का त्याग
(6) सहज, स्वाभाविक एवं प्रभावी अभिव्यक्ति
(7) सरल, मनोहारी बिम्ब योजना व सटीक प्रतीक विधान
रीतिकालीन देव ने फ्रायड की तरह, लेकिन फ्रायड के बहुत पहले ही, काम (Sex) को समस्त जीवों की प्रक्रियाओं के केन्द्र में रखकर अपने समय में क्रांतिकारी चिंतन दिया।
@प्रसिद्ध पंक्तियाँ
@इत आवति चलि, जाति उत चली छ सातक हाथ।
चढ़ि हिंडोरे सी रहै लागे उसासनु हाथ।।
(विरही नायिका इतनी अशक्त हो गयी है कि सांस लेने मात्र से छः सात हाथ पीछे चली जाती है और सांस छोड़ने मात्र से छः सात हाथ आगे चली जाती है। ऐसा लगता है मानो जमीन पर खड़ी न होकर हिंडोले पर चढ़ी हुई है।) -बिहारी
@वासर की संपति उलूक ज्यों न चितवत
(जिस तरह दिन में उल्लू संपत्ति की ओर नहीं ताकते उसी तरह राम अन्य स्त्रियों की तरफ नहीं देखते।) -केशवदास
@आगे के कवि रीझिहें, तो कविताई, न तौ
राधिका कन्हाई सुमिरन को बहानो है।
(आगे के कवि रीझें तो कविता है अन्यथा राधा-कृष्ण के स्मरण का बहाना ही सही।) -भिखारी दास
@जान्यौ चहै जु थोरे ही, रस कविता को बंस।
तिन्ह रसिकन के हेतु यह, कान्हों रस सारंस।। -भिखारी दास
@काव्य की रीति सिखी सुकवीन सों
(मैंने काव्य की रीति कवियों से ही सीखी है।) -भिखारी दास
@तुलसी गंग दुवौ भए सुकविन के सरदार -भिखारी दास
@रीति सुभाषा कवित की बरनत बुधि अनुसार -चिंतामणि
@अपनी-अपनी रीति के काव्य और कवि-रीति -देव
@अति सूधो सनेह को मारग है, जहाँ नैकु सयानप बाँक नहीं।
तहँ साँचे चलैं ताजि आपनपौ, झिझकै कपटी जे निसांक नहीं।। -घनानन्द
@यह कैसो संयोग न सूझि पड़ै जो वियोग न एको विछोहत है -घनानंद
@मोहे तो मेरे कवित्त बनावत। -घनानंद
@यह प्रेम को पंथ कराल महा तरवारि की धार पर धाबनो है -बोधा
जदपि सुजाति सुलक्षणी सुवरण सरस सुवृत्त।
भूषण बिनु न विराजई कविता वनिता मीत।। -केशवदास
@लोचन, वचन, प्रसाद, मुदृ हास, वास चित्त मोद।
इतने प्रगट जानिये वरनत सुकवि विनोद।। -मतिराम
@युक्ति सराही मुक्ति हेतु, मुक्ति भुक्ति को धाम।
युक्ति, मुक्ति और भुक्ति को मूल सो कहिये काम।। -देव
@दृग अरुझत, टूटत कुटुम्ब, जुरत चतुर चित प्रीति।
पड़ति गांठ दुर्जन हिये दई नई यह रीति।। -बिहारी
@फागु के भीर अभीरन में गहि
गोविंदै लै गई भीतर गोरी।
भाई करी मन की पद्माकर,
ऊपर नाहिं अबीर की झोरी।
छीनी पितंबर कम्मर ते सु
विदा दई मीड़ि कपोलन रोरी
नैन नचाय कही मुसकाय,
'लला फिर आइयो खेलन होरी' । -पद्माकर
@आँखिन मूंदिबै के मिस,
आनि अचानक पीठि उरोज लगावै -चिंतामणि
@मानस की जात सभै एकै पहिचानबो -गुरु गोविंद सिंह
@अभिधा उत्तम काव्य है मध्य लक्षणा लीन
अधम व्यंजना रस विरस, उलटी कहत प्रवीन। -देव
@अमिय, हलाहल, मदभरे, सेत, स्याम, रतनार।
जियत, मरत, झुकि-झुकि परत, जेहि चितवत एक बार।। -रसलीन
@भले बुरे सम, जौ लौ बोलत नाहिं
जानि परत है काक पिक, ऋतु बसंत के माहिं। -वृन्द
@कनक छुरी सी कामिनी काहे को कटि छीन -आलम
@नेही महा बज्रभाषा प्रवीन और सुंदरतानि के भेद को जानै -बज्रनाथ
@एक सुभान कै आनन पै कुरबान जहाँ लगि रूप जहाँ को -बोधा
@आलम नेवाज सिरताज पातसाहन के
गाज ते दराज कौन नजर तिहारी है -चन्द्रशेखर
@देखे मुख भावै अनदेखे कमल चंद
ताते मुख मुरझे कमला न चंद। -केशवदास
@सटपटाति-सी ससि मुखी मुख घूँघट पर ढाँकि -बिहारी
@मेरी भव बाधा हरो -बिहारी
@कुंदन का रंग फीको लगै, झलकै अति अंगनि चारु गोराई।
आँखिन में अलसानि, चित्तौन में मंजु विलासन की सरसाई।।
को बिन मोल बिकात नहीं मतिराम लहे मुसकानि मिठाई।
ज्यों-ज्यों निहारिए नेरे है नैननि त्यों-त्यों खरी निकरै सी निकाई।। -मतिराम
@तंत्रीनाद कवित्त रस सरस राग रति रंग।
अनबूड़े बूड़ेतिरे जे बूड़ेसब अंग।। -बिहारी
@साजि चतुरंग वीर रंग में तुरंग चढ़ि -भूषण
@गुलगुली गिलमैं, गलीचा है, गुनीजन हैं, चिक हैं, चिराकैं है, चिरागन की माला हैं।
कहै पदमाकर है गजक गजा हूँ सजी,
सज्जा हैं, सुरा हैं, सुराही हैं, सुप्याला हैं। -पद्माकर
@रावरे रूप की रीति अनूप, नयो नयो लागै ज्यौं ज्यौं निहारियै।
त्यौं इन आँखिन बानि अनोखी अघानि कहूँ नहिं आन तिहारियै। -घनानंद
@घनानंद प्यारे सुजान सुनौ, इत एक तें दूसरो आँक नहीं।
तुम कौन सी पाटी पढ़े हो लला, मन लेहु पै देहु छटाँक नहीं।।
[सुजान-घनानंद की प्रेमिका का नाम: घनानंद ने प्रायः सुजान
(एक अर्थ-सुजान, दूसरा अर्थ-श्रीकृष्ण) को संबोधित करते हुए अपनी कविताएँ रची है] -घनानंद
@चाह के रंग मैं भीज्यौ हियो, बिछुरें-मिलें प्रीतम सांति न मानै।
भाषा प्रबीन, सुछंद सदा रहै, सो घनजी के कबित्त बखानै।। -बज्रनाथ (घनानंद के कवि-मित्र एवं प्रशस्तिकार)
@उत्तर-मध्यकालीन/रीतिकालीन रचना एवं रचनाकार
चिंतामणि- कविकुल कल्पतरु, रस विलास, काव्य विवेक, श्रृंगार मंजरी, छंद विचार
मतिराम- रसराज, ललित ललाम, अलंकार पंचाशिका, वृत्तकौमुदी
राजा जसवंत सिंह -भाषा भूषण
भिखारी दास- काव्य निर्णय, श्रृंगार निर्णय
याकूब खाँ -रस भूषण
रसिक सुमति- अलंकार चन्द्रोदय
दूलह- कवि कुल कण्ठाभरण
देव- शब्द रसायन, काव्य रसायन, भाव विलास, भवानी विलास, सुजान विनोद, सुख सागर तरंग
कुलपति मिश्र- रस रहस्य
सुखदेव मिश्र- रसार्णव
रसलीन -रस प्रबोध
दलपति राय -अलंकार रत्नाकर
माखन- छंद विलास
बिहारी- बिहारी सतसई
रसनिधि- रतनहजारा
घनानन्द- सुजान हित प्रबंध, वियोग बेलि, इश्कलता, प्रीति पावस, पदावली
आलम- आलम केलि
ठाकुर- ठाकुर ठसक
बोधा- विरह वारीश, इश्कनामा
द्विजदेव -श्रृंगार बत्तीसी, श्रृंगार चालीसी, श्रृंगार लतिका
लाल कवि- छत्र प्रकाश (प्रबंध)
पद्माकर भट्ट- हिम्मत बहादुर विरुदावली (प्रबंध)
सूदन -सुजान चरित (प्रबंध)
खुमान- लक्ष्मण शतक
जोधराज -हम्मीर रासो
भूषण- शिवराज भूषण, शिवा बावनी, छत्रसाल दशक
वृन्द- वृन्द सतसई
राम सहाय दास- राम सतसई
दीन दयाल गिरि -अन्योक्ति कल्पद्रुम
गिरिधर कविराय -स्फुट छन्द
गुरु गोविंद सिंह -सुनीति प्रकाश, सर्वसोलह प्रकाश, चण्डी चरित्र|
(1) सतसई परम्परा का पुनरुद्धार
(2) काव्य भाषा-वज्रभाषा (श्रुति मधुर व कोमल कांत पदावलियों से युक्त तराशी हुई भाषा)
(3) काव्य रूप-मुख्यतः मुक्तक का प्रयोग
(4) दोहा छंद की प्रधानता (दोहे 'गागर में सागर' शैली वाली कहावत को चरितार्थ करते है तथा लोकप्रियता के लिहाज से संस्कृत के 'श्लोक' एवं अरबी-फारसी के शेर के समतुल्य है।); दोहे के अलावा 'सवैया' (श्रृंगार रस के अनुकूल छंद) और 'कवित्त' (वीर रस के अनुकूल छंद) रीति कवियों के प्रिय छंद थे। केशवदास की 'रामचंद्रिका' को 'छंदों' का अजायबघर' कहा जाता है।
@रीतिमुक्त/रीति स्वच्छन्द काव्य की विशेषताएँ : बंधन या परिपाटी से मुक्त रहकर रीतिकाव्य धारा के प्रवाह के विरुद्ध एक अलग तथा विशिष्ट पहचान बनाने वाली काव्यधारा 'रीतिमुक्त काव्य' के नाम से जाना जाता है। रीतिमुक्त काव्य की विशेषताएँ थीं :
(1) रीति स्वच्छंदता
(2) स्वअनुभूत प्रेम की अभिव्यक्ति
(3) विरह का आधिक्य
(4) कला पक्ष के स्थान पर भाव पक्ष पर जोर
(5) पृथक काव्यादर्श/प्राचीन काव्य परम्परा का त्याग
(6) सहज, स्वाभाविक एवं प्रभावी अभिव्यक्ति
(7) सरल, मनोहारी बिम्ब योजना व सटीक प्रतीक विधान
रीतिकालीन देव ने फ्रायड की तरह, लेकिन फ्रायड के बहुत पहले ही, काम (Sex) को समस्त जीवों की प्रक्रियाओं के केन्द्र में रखकर अपने समय में क्रांतिकारी चिंतन दिया।
@प्रसिद्ध पंक्तियाँ
@इत आवति चलि, जाति उत चली छ सातक हाथ।
चढ़ि हिंडोरे सी रहै लागे उसासनु हाथ।।
(विरही नायिका इतनी अशक्त हो गयी है कि सांस लेने मात्र से छः सात हाथ पीछे चली जाती है और सांस छोड़ने मात्र से छः सात हाथ आगे चली जाती है। ऐसा लगता है मानो जमीन पर खड़ी न होकर हिंडोले पर चढ़ी हुई है।) -बिहारी
@वासर की संपति उलूक ज्यों न चितवत
(जिस तरह दिन में उल्लू संपत्ति की ओर नहीं ताकते उसी तरह राम अन्य स्त्रियों की तरफ नहीं देखते।) -केशवदास
@आगे के कवि रीझिहें, तो कविताई, न तौ
राधिका कन्हाई सुमिरन को बहानो है।
(आगे के कवि रीझें तो कविता है अन्यथा राधा-कृष्ण के स्मरण का बहाना ही सही।) -भिखारी दास
@जान्यौ चहै जु थोरे ही, रस कविता को बंस।
तिन्ह रसिकन के हेतु यह, कान्हों रस सारंस।। -भिखारी दास
@काव्य की रीति सिखी सुकवीन सों
(मैंने काव्य की रीति कवियों से ही सीखी है।) -भिखारी दास
@तुलसी गंग दुवौ भए सुकविन के सरदार -भिखारी दास
@रीति सुभाषा कवित की बरनत बुधि अनुसार -चिंतामणि
@अपनी-अपनी रीति के काव्य और कवि-रीति -देव
@अति सूधो सनेह को मारग है, जहाँ नैकु सयानप बाँक नहीं।
तहँ साँचे चलैं ताजि आपनपौ, झिझकै कपटी जे निसांक नहीं।। -घनानन्द
@यह कैसो संयोग न सूझि पड़ै जो वियोग न एको विछोहत है -घनानंद
@मोहे तो मेरे कवित्त बनावत। -घनानंद
@यह प्रेम को पंथ कराल महा तरवारि की धार पर धाबनो है -बोधा
जदपि सुजाति सुलक्षणी सुवरण सरस सुवृत्त।
भूषण बिनु न विराजई कविता वनिता मीत।। -केशवदास
@लोचन, वचन, प्रसाद, मुदृ हास, वास चित्त मोद।
इतने प्रगट जानिये वरनत सुकवि विनोद।। -मतिराम
@युक्ति सराही मुक्ति हेतु, मुक्ति भुक्ति को धाम।
युक्ति, मुक्ति और भुक्ति को मूल सो कहिये काम।। -देव
@दृग अरुझत, टूटत कुटुम्ब, जुरत चतुर चित प्रीति।
पड़ति गांठ दुर्जन हिये दई नई यह रीति।। -बिहारी
@फागु के भीर अभीरन में गहि
गोविंदै लै गई भीतर गोरी।
भाई करी मन की पद्माकर,
ऊपर नाहिं अबीर की झोरी।
छीनी पितंबर कम्मर ते सु
विदा दई मीड़ि कपोलन रोरी
नैन नचाय कही मुसकाय,
'लला फिर आइयो खेलन होरी' । -पद्माकर
@आँखिन मूंदिबै के मिस,
आनि अचानक पीठि उरोज लगावै -चिंतामणि
@मानस की जात सभै एकै पहिचानबो -गुरु गोविंद सिंह
@अभिधा उत्तम काव्य है मध्य लक्षणा लीन
अधम व्यंजना रस विरस, उलटी कहत प्रवीन। -देव
@अमिय, हलाहल, मदभरे, सेत, स्याम, रतनार।
जियत, मरत, झुकि-झुकि परत, जेहि चितवत एक बार।। -रसलीन
@भले बुरे सम, जौ लौ बोलत नाहिं
जानि परत है काक पिक, ऋतु बसंत के माहिं। -वृन्द
@कनक छुरी सी कामिनी काहे को कटि छीन -आलम
@नेही महा बज्रभाषा प्रवीन और सुंदरतानि के भेद को जानै -बज्रनाथ
@एक सुभान कै आनन पै कुरबान जहाँ लगि रूप जहाँ को -बोधा
@आलम नेवाज सिरताज पातसाहन के
गाज ते दराज कौन नजर तिहारी है -चन्द्रशेखर
@देखे मुख भावै अनदेखे कमल चंद
ताते मुख मुरझे कमला न चंद। -केशवदास
@सटपटाति-सी ससि मुखी मुख घूँघट पर ढाँकि -बिहारी
@मेरी भव बाधा हरो -बिहारी
@कुंदन का रंग फीको लगै, झलकै अति अंगनि चारु गोराई।
आँखिन में अलसानि, चित्तौन में मंजु विलासन की सरसाई।।
को बिन मोल बिकात नहीं मतिराम लहे मुसकानि मिठाई।
ज्यों-ज्यों निहारिए नेरे है नैननि त्यों-त्यों खरी निकरै सी निकाई।। -मतिराम
@तंत्रीनाद कवित्त रस सरस राग रति रंग।
अनबूड़े बूड़ेतिरे जे बूड़ेसब अंग।। -बिहारी
@साजि चतुरंग वीर रंग में तुरंग चढ़ि -भूषण
@गुलगुली गिलमैं, गलीचा है, गुनीजन हैं, चिक हैं, चिराकैं है, चिरागन की माला हैं।
कहै पदमाकर है गजक गजा हूँ सजी,
सज्जा हैं, सुरा हैं, सुराही हैं, सुप्याला हैं। -पद्माकर
@रावरे रूप की रीति अनूप, नयो नयो लागै ज्यौं ज्यौं निहारियै।
त्यौं इन आँखिन बानि अनोखी अघानि कहूँ नहिं आन तिहारियै। -घनानंद
@घनानंद प्यारे सुजान सुनौ, इत एक तें दूसरो आँक नहीं।
तुम कौन सी पाटी पढ़े हो लला, मन लेहु पै देहु छटाँक नहीं।।
[सुजान-घनानंद की प्रेमिका का नाम: घनानंद ने प्रायः सुजान
(एक अर्थ-सुजान, दूसरा अर्थ-श्रीकृष्ण) को संबोधित करते हुए अपनी कविताएँ रची है] -घनानंद
@चाह के रंग मैं भीज्यौ हियो, बिछुरें-मिलें प्रीतम सांति न मानै।
भाषा प्रबीन, सुछंद सदा रहै, सो घनजी के कबित्त बखानै।। -बज्रनाथ (घनानंद के कवि-मित्र एवं प्रशस्तिकार)
@उत्तर-मध्यकालीन/रीतिकालीन रचना एवं रचनाकार
चिंतामणि- कविकुल कल्पतरु, रस विलास, काव्य विवेक, श्रृंगार मंजरी, छंद विचार
मतिराम- रसराज, ललित ललाम, अलंकार पंचाशिका, वृत्तकौमुदी
राजा जसवंत सिंह -भाषा भूषण
भिखारी दास- काव्य निर्णय, श्रृंगार निर्णय
याकूब खाँ -रस भूषण
रसिक सुमति- अलंकार चन्द्रोदय
दूलह- कवि कुल कण्ठाभरण
देव- शब्द रसायन, काव्य रसायन, भाव विलास, भवानी विलास, सुजान विनोद, सुख सागर तरंग
कुलपति मिश्र- रस रहस्य
सुखदेव मिश्र- रसार्णव
रसलीन -रस प्रबोध
दलपति राय -अलंकार रत्नाकर
माखन- छंद विलास
बिहारी- बिहारी सतसई
रसनिधि- रतनहजारा
घनानन्द- सुजान हित प्रबंध, वियोग बेलि, इश्कलता, प्रीति पावस, पदावली
आलम- आलम केलि
ठाकुर- ठाकुर ठसक
बोधा- विरह वारीश, इश्कनामा
द्विजदेव -श्रृंगार बत्तीसी, श्रृंगार चालीसी, श्रृंगार लतिका
लाल कवि- छत्र प्रकाश (प्रबंध)
पद्माकर भट्ट- हिम्मत बहादुर विरुदावली (प्रबंध)
सूदन -सुजान चरित (प्रबंध)
खुमान- लक्ष्मण शतक
जोधराज -हम्मीर रासो
भूषण- शिवराज भूषण, शिवा बावनी, छत्रसाल दशक
वृन्द- वृन्द सतसई
राम सहाय दास- राम सतसई
दीन दयाल गिरि -अन्योक्ति कल्पद्रुम
गिरिधर कविराय -स्फुट छन्द
गुरु गोविंद सिंह -सुनीति प्रकाश, सर्वसोलह प्रकाश, चण्डी चरित्र|
Thursday, June 20, 2019
हिन्दी भाषा एवं साहित्य
1. संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल की गई चार नई भाषाएँ हैं? →संथाली, मैथिली,बोडो और डोगरी
2. भारतीय भाषाओं को कितने प्रमुख वर्गों में बाँटा गया है? →4
3. भारत में सबसे अधिक बोला जाने वाला भाषायी समूह है? →इण्डो-आर्यन
4. भारत में सबसे कम बोला जाने वाला भाषायी समूह है? →चीनी-तिब्बती
5. ऑस्ट्रिक भाषा समूह की भाषाओं को बोलने वालों को कहा जाता है?→ किरात
6. 'जो जिण सासण भाषियउ सो मई कहियउ सारु। जो पालइ सइ भाउ करि सो तरि पावइ पारु॥' इस दोहे के रचनाकार का नाम है?→ देवसेन
7. चीनी-तिब्बती भाषा समूह की भाषाओं के बोलने वालों को कहा जाता है?→ निषाद
8. अपभ्रंश के योग से राजसाषानी भाषा का जो साहित्यिक रूप बना, उसे कहा जाता है?→ डिंगल भाषा
9. 'एक नार पिया को भानी। तन वाको सगरा ज्यों पानी।' यह पंक्ति किस भाषा की है?→ ब्रजभाषा
10. अमीर ख़ुसरो ने जिन मुकरियों, पहेलियों और दो सुखनों की रचना की है, उसकी मुख्य भाषा है?→खड़ीबोली
11. देवनागरी लिपि को राष्ट्रलिपि के रूप में कब स्वीकार किया गया था?→ 14 सितम्बर, 1949
12. 'रानी केतकी की कहानी' की भाषा को कहा जाता है?→ खड़ीबोली
13. प्रादेशिक बोलियों के साथ ब्रज या मध्य देश की भाषा का आश्रय लेकर एक सामान्य साहित्यिक भाषा स्वीकृत हुई, जिसे चारणों ने नाम दिया?→ पिंगल भाषा
14. निम्नलिखित में से कौन प्रेमचंद की एक रचना है? →पंच-परमेश्वर
15. 'बाँगरू' बोली का किस बोली से निकट सम्बन्ध है? →खड़ीबोली
16. डोगरी भाषा मुख्य रूप से कहाँ बोली जाती है? →जम्मू कश्मीर
17. भारत के किस प्रान्त में कोंकणी भाषा बोली जाती है?→ महाराष्ट्र तथा गोवा
18. आन्ध्र प्रदेश की राजकीय भाषा है?→ तेलुगु
19.आचार्य हज़ारीप्रसाद द्विवेदी के उस इतिहास ग्रंथ का नाम बतलाइए जिसमें मात्र आदिकालीन हिन्दी साहित्य सम्बन्धी सामग्री संग्रहीत है?→ हिन्दी साहित्य का आदिकाल
20. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने किन दो प्रमुख तथ्यों को ध्यान में रखकर 'हिन्दी साहित्य के इतिहास' के काल खण्डों का नामकरण किया है?
→ ग्रंथों की प्रचुरता एवं ग्रंथों की प्रसिद्धि
21. इनमें किस इतिहासकार ने सर्वप्रथम रीतिकालीन कवियों के सर्वाधिक परिचयात्मक विवरण दिए हैं?→मिश्रबन्धु
22. 'हिन्दी साहित्य का अतीत: भाग- एक' के लेखक का नाम है? →डॉ. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
23. प्रेम लक्षणा भक्ति को किस भक्ति शाखा ने अपनी साधना का मुख्य आधार बनाया है?→ कृष्णभक्ति शाखा
24. मनुष्यत्व की सामान्य भावना को आगे करके निम्न श्रेणी की जनता में आत्म- गौरव का भाव जगाने वाले सर्वश्रेष्ठ कवि थे? →कबीर
25. 'हंस जवाहिर' रचना किस सूफ़ी कवि द्वारा रची गई थी? →क़ासिमशाह
25. 'देखन जौ पाऊँ तौ पठाऊँ जमलोक हाथ, दूजौ न लगाऊँ, वार करौ एक करको।' ये पंक्तियाँ किस कवि द्वारा सृजित हैं? →नाभादास
27. 'भक्तमाल'' भक्तिकाल के कवियों की प्राथमिक जानकारी देता है, इसके रचयिता थे? →नाभादास
28. अमीर ख़ुसरो ने किसके विकास में अग्रणी भूमिका निभाई? →खड़ी बोली
29.त्रिपुरा की राजभाषा है? →बांग्ला
30. 'हरिश्चन्द्री हिन्दी' शब्द का प्रयोग किस इतिहासकार ने अपने इतिहास ग्रंथ में किया है? →रामचन्द्र शुक्ल
31. आँख की किरकिरी होने का अर्थ है→अप्रिय लगना
32. लाल पीला होने का अर्थ है→क्रोध करना
33. 'नमक का दरोगा' कहानी के लेखक हैं→प्रेमचंद
34. इनमें किस नाटककार ने अपने नाटकों के लिए रंगमंच को अनिवार्य नहीं माना है? →जयशंकर प्रसाद
35. 'प्रभातफेरी' काव्य के रचनाकार कौन हैं? →नरेन्द्र शर्मा
36. 'निशा -निमंत्रण' के रचनाकार कौन हैं? → हरिवंश राय बच्चन
37. बिहारी किस राजा के दरबारी कवि थे? →जयपुर नरेश जयसिंह के
38. 'अतीत के चलचित्र' के रचयिता हैं→महादेवी वर्मा
39. तुलसीदास का वह ग्रंथ कौन-सा है, जिसमें ज्योतिष का वर्णन किया गया है? →रामाज्ञा प्रश्नावली
40. 'रामचरितमानस' में प्रधान रस के रूप में किस रस को मान्यता मिली है? →भक्ति रस
41. सर्वप्रथम किस आलोचक ने अपने किस ग्रंथ में 'देव बड़े हैं कि बिहारी' विवाद को जन्म दिया?→मिश्रबंधु : हिन्दी नवरत्न
42. इनमें किस आलोचक ने अपना कौन सा आलोचना ग्रंथ लिखकर हिन्दी के स्नातकोत्तर कक्षाओं के पाठ्यक्रम में आलोचना के अभाव को पूरा करने का सर्वप्रथम सफल प्रयास किया था? →श्यामसुन्दर दास : साहित्यालोचन
43.आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'त्रिवेणी' में किन तीन महाकवियों की समीक्षाएँ प्रस्तुत की हैं? →सूर, तुलसी, जायसी
44. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार इनमें एक ऐसा कवि है, जिसका 'वियोग वर्णन, वियोग वर्णन के लिए ही है, परिस्थिति के अनुरोध से नहीं'? →कबीर
45. 'सुन्दर परम किसोर बयक्रम चंचल नयन बिसाल। कर मुरली सिर मोरपंख पीतांबर उर बनमाल॥ ये पंक्तियाँ किस रचनाकार की हैं? →सूरदास
रचनाकार की हैं?
46.हिन्दी साहित्य के इतिहास के सर्वप्रथम लेखक का नाम क्या है? → गार्सा द तासी
47. 'पद्मावत' किसकी रचना है? →मलिक मुहम्मद जायसी
48. 'बैताल पच्चीसी' के रचनाकार हैं→सूरति मिश्र
49. 'लहरें व्योम चूमती उठती। चपलाएँ असंख्य नचती।' पंक्ति जयशंकर प्रसाद के किस रचना का अंश है?→कामायनी
50. किस छायावादी कवि ने संवाद शैली का सर्वाधिक उपयोग किया है? →जयशंकर प्रसाद
51. व्यवस्थाप्रियता और विद्रोह का विलक्षण संयोग किस प्रयोगवादी कवि में सबसे अधिक मिलता है?→अज्ञेय में
52. भारतेन्दु कृत 'भारत दुर्दशा' किस साहित्य रूप का हिस्सा है? →नाटक साहित्य
53. 'जो अपनी जान खपाते हैं, उनका हक उन लोगों से ज़्यादा है, जो केवल रुपया लगाते हैं।' यह कथन 'गोदान' के किस पात्र द्वारा कहा गया है? →महतो
54. 'पवित्रता की माप है मलिनता, सुख का आलोचक है दुःख, पुण्य की कसौटी है पाप।' यह कथन 'स्कन्दगुप्त' नाटक के किस पात्र का है? →देवसेना
55. 'दोहाकोश' के रचयिता हैं→सरहपा
56. 'प्रेमसागर' के रचनाकार हैं→लल्लू लालजी
57. 'यह युग (भारतेन्दु) बच्चे के समान हँसता-खेलता आया था, जिसमें बच्चों की सी निश्छलता, अक्खड़पन, सरलता और तन्मयता थी।' यह कथन किस आलोचक का है? →आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
58. मनुष्य से बड़ा है उसका अपना विश्वास और उसका ही रचा हुआ विधान। अपने विश्वास और विधान के सम्मुख ही मनुष्य विवशता अनुभव करता है और स्वयं ही वह उसे बदल भी देता है॥' यह कथन किस उपन्यासकार ने लिखा है? →हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
59. वीरों का कैसा हो वसंत कविता के रचयिता हैं? →सुभद्रा कुमारी चौहान
60. 'आँसू' (काव्य) के रचयिता हैं→जयशंकर प्रसाद
61. सही वर्तनी का चयन कीजिए? →परीक्षा
62. 'पंचवटी' कौन-सा समास है? →द्विगु
63. 'निरुत्तर' शब्द का शुद्ध सन्धि विच्छेद है? →निः + उत्तर
64. 'रामचरितमानस' में कितने काण्ड हैं? →(7)
65. निम्नलिखित में से कौन सा एक व्यंग्य लेखक है? →हरिशंकर परसाई
66. शुद्ध शब्द क्या है? →कवयित्री
67. 'इतिहास' शब्द का शुद्ध विशेषण है-→ऐतिहासिक
68. 'नवनीत' शब्द का सही अर्थ है-→मक्खन
69. 'प्राचीन' का विलोम है-→अर्वाचीन
70. 'मनुष्यता' का विपरीतार्थक है-→बर्बरता
71. किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है? →भक्ति काल
72. सूरदास के गुरु कौन थे? →बल्लभाचार्य
73. 'जिसका जन्म न हो' एक शब्द बताएँ? →अजन्मा
74. कौन सा वाक्य शुद्ध है? →रामचरितमानस' एक धार्मिक ग्रंथ है
75. "कनक-कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय" में कौन-सा अलंकार है? →यमक
76. खड़ीबोली का अरबी-फ़ारसीमय रूप है? →उर्दू भाषा
77. हिन्दी भाषा का पहला समाचार-पत्र 'उदंत मार्तण्ड' किस सन् में प्रकाशित हुआ था? →1826
78. हिन्दी के किस समाचार-पत्र में 'खड़ीबोली' को 'मध्यदेशीय भाषा' कहा गया है? →बनारस अखबार
79. 'गाथा' (गाहा) कहने से किस लोक प्रचलित काव्यभाषा का बोध होता है? →प्राकृत
80. सिद्धों की उद्धृत रचनाओं की काव्य भाषा है? →देशभाषा मिश्रित अपभ्रंश अर्थात् पुरानी हिन्दी
81. अपभ्रंश भाषा के प्रथम व्याकरणाचार्य थे? →हेमचन्द्र
82. देवनागरी लिपि का विकास किस लिपि से हुआ है? →ब्राह्मी लिपि
83. द्रविड़ भाषाओं में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है? →तेलुगु
84. किस भाषा को द्रविड़ परिवार की सभी भाषाओं की जननी कहा जाता है? →तमिल
85. किस भाषा को भारतीय आर्य भाषाओं की जननी, भारतीय आर्य संस्कृति का आधार, देवभाषा आदि नामों से जाना जाता है? →संस्कृत
86. संस्कृत से सर्वांधिक प्रभावित द्रविड़ भाषा है? →तेलुगु
87. भाषा के सम्बन्ध में 'हिन्दी' शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया? →अमीर ख़ुसरो
88. भारतीय संविधान में हिनीधि को कहा गया है? →राजभाषा
89. राजभाषा आयोग के अध्यक्ष थे? →बी.जी.खेर
90.उर्दू किस भाषा का शब्द है? →तुर्की
91. देश में एकमात्र किस राज्य की राजभाषा अंग्रेज़ी है? →नागालैंड
92. बिहारी निम्नलिखित में से किस काल के कवि थे? →रीति काल
93. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कृत 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' की अधिकांश सामग्री पुस्तकाकार प्रकाशन के पूर्व 'हिन्दी शब्द- सागर' की भूमिका में छपी थी। इस भूमिका में उसका शीर्षक था? →हिन्दी साहित्य का विकास
94. अवधी भाषा के सर्वाधिक लोकप्रिय महाकाव्य का नाम है? →रामचरितमानस
95. "जिस कालखण्ड के भीतर किसी विशेष ढंग की रचनाओं की प्रचुरता दिखाई पड़ी है, वह एक अलग काल माना गया है और उसका नामकरण उन्हीं रचनाओं के अनुसार किया गया है" यह मान्यता किस इतिहासकार की है? →आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
96. केरल राज्य की राजकीय भाषा है? →मलयालम
97. नागालैंड की राजकीय भाषा है? →अंग्रेज़ी
98. हिनीलख को राजकीय भाषा (कार्यालय की भाषा) कब घोषित किया गया? →26 जनवरी, 1965
89. निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में नहीं दी गई है? →अंग्रेज़ी
100. कौन-सी भाषा ऑस्ट्रिक समूह से सम्बन्धित है? →खासी
101. निम्नलिखित भारतीय भाषाओं में कौन-सी भाषा द्रविड़ भाषा की उत्पत्ति नहीं है? →मराठी
102. निम्नलिखित में से किस देश में अधिकतम संख्या में भाषाएँ बोली जाती हैं? →भारत
103. अंगेलखज़ी भाषा को भारत में शिक्षा के माध्यम से आरंभ किया गया? →लॉर्ड मैकाले द्वारा
104. हिनीलख साहितयज के प्रारंभिक काल को आचारयर शुकलत ने क्या कहा है? →वीरगाथा-काल
105. भारत की प्राचीन भाषा है? →संस्कृत
106. आसमान पर चढ़ाने का अर्थ है-→अत्यधिक प्रशंसा करना
107. वीरगाथा काल के सर्वश्रेष्ठ कवि माने जाते हैं-→चन्दबरदाई
108."पृथ्वीराज रासो" के रचनाकार हैं-→चन्दबरदाई
109. कबीरदास की भाषा क्या थी? →सधुक्कड़ी
110. 'शिवा बावनी' के रचनाकार हैं-→भूषण
111. बूँदी नरेश महाराज भावसिंह का आश्रित कवि निम्नलिखित में से कौन था? →मतिराम
112. भूषण का निम्नलिखित में से कौन सा लक्षण ग्रंथ है? →शिवराज भूषण
113. निम्नलिखित में से किस रचना की सर्वाधिक टीकाएँ लिखी गई हैं? →बिहारी सतसई
114. वीरगाथा काल के कवि नहीं हैं-→नामदेव
115. हिन्दी कविता को छंदों की परिधि से मुक्त कराने वाले थे-→सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
116. 'पल्लव' के रचयिता हैं-→सुमित्रानंदन पंत
117. 'चिंतामणि' के रचयिता हैं-→रामचन्द्र शुक्ल
118. निम्नलिखित में से सबसे पहले अपनी आत्मकथा हिनी्ष में किसने लिखी? →राजेन्द्र प्रसाद
119. आंचलिक रचनाएँ किससे संबधित होती हैं? →क्षेत्र विशेष से
120. निर्गुण भक्ति काव्य का प्रमुख कवि है-→कबीरदास
121. हिन्दी के सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र का नाम क्या है? →उतण्ड मार्तण्ड
122. छायावाद के प्रवर्तक का नाम है-→जयशंकर प्रसाद
123. 'प्रगतिवाद उपयोगितावाद का दूसरा नाम है।' यह कथन किसका है? →नन्द दुलारे बाजपेयी
124. पेवामचनदव के अधूरे उपन्यास का नाम क्या है? →मंगलसूत्र
125. रामधारी सिंह 'दिनकर' को भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ था-→'उर्वशी' पर
126. 'सुहाग के नूपुर' के रचयिता हैं-→अमृतलाल नागर
127. 'संस्कृति के चार अध्याय' किसकी रचना है? →रामधारी सिंह 'दिनकर'
128. 'अशोक के फूल' (निबंध सग्रह) के रचनाकार हैं-→हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
129. 'झरना' (काव्य संग्रह) के रचयिता हैं-→जयशंकर प्रसाद
130. 'दुरित, दुःख, दैन्य न थे जब ज्ञात, अपरिचित जरा-मरण-भ्रू पात।।' पंक्ति के रचनाकार हैं?→सुमित्रानंदन पंत
131. 'निराला के राम तुलसीदास के राम से भिन्न और भवभूति के राम के निकट हैं।' यह कथन किस हिन्दी आलोचक का है? →डॉ. रामविलास शर्मा
132. 'राम की शक्तिपूजा' में निराला की इन दो कविताओं का सारतत्त्व समाहित है?→जागो फिर एक बार और तुलसीदास
133. 'भारत भारती' (काव्य) के रचनाकार हैं-→मैथिलीशरण गुप्त
134. 'मनुष्य के आचरण के प्रवर्तक भाव या मनोविकार ही होते हैं, बुद्धि नहीं।' यह कथन है? →रामचन्द्र शुक्ल का
135. 'रस मीमांसा' रस-सिद्धांत से सम्बन्धित पुस्तक है, इस पुस्तक के लेखक हैं? →आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
136. 'परहित सरिस धर्म नहि भाई, परपीड़ा सम नहिं अधमाई'। इस पंक्ति के रचयिता कौन हैं?→तुलसीदास
137. 'साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप'। इस पंक्ति के रचयिता कौन हैं? →कबीर
138. 'अष्टछाप' के सर्वश्रेष्ठ भक्त कवि कौन हैं? →सूरदास
139. भूषण किस रस के कवि हैं? →वीर रस
140. हिनीलस का आदि कवि किसे माना जाता है? →स्वयंभू
141. उपन्यास और कहानी का मूल अन्तर है, उसका -→विषय निरूपण
142. हिनीलस पत्रिका 'कादम्बिनी' के संपादक कौन हैं? →राजेन्द्र अवस्थी
143. रामधारी सिंह 'दिनकर' किस रस के कवि माने जाते हैं? →वीर रस
144. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला को कैसा कवि माना जाता है? →क्रांतिकारी
145. 'चारु' शब्द की शुद्ध भावात्मक संज्ञा है-→चारुता
146.हिन्दी भाषा की बोलियों के आधार पर छती्कसगढ़ी बोली है-→पूर्वी हिन्दी
147. 'घनिष्ठ' की शुद्ध उत्तरावस्था है-→घनिष्ठतर
148. निम्नलिखित में कौन सा एक उपन्यास जैनेन्द्र द्वारा रचित है? →परख
149. 'कामायनी' किस प्रकार का ग्रंथ है? →महाकाव्य
150. 'गागर में सागर' भरने का कार्य किस कवि ने किया है? →बिहारीलाल
151.मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषाओं का स्थिति काल रहा है?
→500 ई.पू. से 1000 ई.पू.
152. 'प्राचीन देशभाषा' (पूर्व अपभ्रंश) को 'अपभ्रंश' तथा परवर्ती अर्थात् अग्रसरीभूत अपभ्रंश को 'अवहट्ठ' किस भाषा वैज्ञानिक ने कहा है?
→सुनीतिकुमार चटर्जी एवं सुकुमार सेन
154. अर्द्धमागधी अपभ्रंश से इनमें से किस बोली का विकास हुआ है?
→बंगाली
156. कामताप्रसाद गुरु का हिन्दी व्याकरण विषयक ग्रंथ, जो नागरी प्रचारिणी सभा, काशी से प्रकाशित हुआ था, उसका नाम था?
→हिन्दी व्याकरण
158. देवनागरी लिपि है?
→अक्षरात्मक
159. विद्यापति की उस प्रमुख रचना का नाम बताइए, जिसमें 'अवहट्ठ' भाषा का बहुतायत प्रयोग हुआ है? →कीर्तिलता
160. जॉर्ज ग्रियर्सन ने पश्चिमोत्तर समुदाय की भाषा को आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं की किस उपशाखा में रखा है?
→बाहरी उपशाखा
161. उर्दू किस भाषा का मूल शब्द है?
→तुर्की भाषा
162. 'साहित्य का इतिहास दर्शन' ग्रंथ के लेखक का नाम है?
→डॉ. नलिन विलोचन शर्मा
164. जहाँ शब्दों, शब्दांशों या वाक्यांशों की आवृत्ति हो, किंतु उनके अर्थ भिन्न हों, वहाँ निम्न में से कौन-साअलंकार है?
→यमक
165. गिला' कहानी के लेखक का नाम है?
→प्रेमचन्द्र
166. 'गंगावतरण' काव्य के रचयिता हैं?
→जगन्नाथदास रत्नाकर
167. छायावादी कवियों ने जब आध्यात्मिक प्रेम को अपनी कविताओं में व्यक्त किया तो ऐसी कविताओं को किस वाद के अंतर्गत रखा गया है?
→रहस्यवाद
169. गोवा की स्वीकृत राजभाषा है?
→कोंकणी
170. 'ध्रुव स्वामिनी' नाटक के रचयिता हैं?
→जयशंकर प्रसाद
171. 'परिवर्तन' नामक कविता सर्वप्रथम सुमित्रानन्दन पंत के किस कविता संग्रह में संगृहीत हुई है?
→पल्लव
172. भिखारीदास की रचना का नाम है?
→काव्य निर्णय
173. उन्नीसवीं सदी की साहित्य- सर्जना का मूल हेतु है?
→पराधीनता का बोध
175. 'यह प्रेम को पंथ कराल महा तरवारि की धार पै धावनो है', नामक पंक्ति किस कवि द्वारा सृजित है?
→बोधा
176. आचार्य केशवदास को 'कठिन काव्य का प्रेत' किस आलोचक ने कहा है?
→आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
177. भक्तिकाल का एक कवि अवतारवाद और मूर्तिपूजा का विरोधी है. इसके बावज़ूद वह हिन्दुओं के जन्म-मृत्यु सम्बन्धी सिद्धांत को मानता है, ऐसा रचनाकार है?
→कबीर
178. प्रथम सूफ़ी प्रेमाख्यानक काव्य के रचयिता हैं?
→मुल्ला दाऊद
179. भक्तिकालीन कवियों में एक ऐसा ख्यातिलब्ध रचनाकार है जो अपने काव्य में लोकव्यापी प्रभाव वाले कर्म और लोकव्यापिनी दशाओं के वर्णन में माहिर है। ऐसे रचनाकार का नाम है?
→तुलसीदास
180. 'जायसी -ग्रंथावली' के सम्पादक का नाम है?
→रामचन्द्र शुक्ल
181. दोहा छन्द में श्रृंगारी रचना प्रस्तुत करने वालों में हिन्दी के सर्वाधिक ख्यातिलब्ध कवि हैं?
→बिहारी
182. 'कंचन तन धन बरन बर रहयौ रंग मिलि रंग। जानी जाति सुबास ही केसरि लाई अंग॥' उपर्युक्त पंक्तियाँ किसकी हैं?
→ बिहारी
183. जलप्लावन भारतीय इतिहास की ऐसी प्राचीन घटना है जिसको आधार बनाकर छायावादी युग में एक महाकाव्य लिखा गया है। उसका नाम है?
→कामायनी
184. शब्दार्थों सहित काव्यम् यह उक्ति किसकी है?
→भामह
185. ढ़ाई आखर प्रेम के, पढ़ै सो पंडित होय॥ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?→कबीर दास
186. चौपाई के प्रत्येक चरण में मात्राएँ होती हैं?
→16
187. 'संदेश रासक' के रचयिता हैं?
→अब्दुल रहमान
188. 'साखी' के रचयिता हैं?
→कबीरदास
189. लोगहिं लागि कवित्त बनावत, मोहिं तौ मेरे कवित्त बनावत॥ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?
→घनानन्द
190. बैर क्रोध का अचार या मुरब्बा है, यह कथन किसका है?
→रामचन्द्र शुक्ल
191. रामभक्त कवि नहीं हैं?
→नरोत्तमदास
192. जीवन में हास्य का महत्त्व इसलिए है कि, वह जीवन को
→सरस बनाता है
193. श्रृंगार रस का स्थायी भाव है?
→रति
194. किस रस का संचारी भाव उग्रता, गर्व, हर्ष आदि है
→वीर
195. कबीरदास की भाषा थी
→सधुक्कड़ी
197. "रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून" में कौन-सा अलंकार है?
→श्लेष
198. 'कितने पाकिस्तान' नामक उपन्यास के लेखक हैं?
→कमलेश्वर
199. राजेन्द्र कुमार द्वारा सम्पादित पुस्तक 'आलोचना का विवेक' किस विधा से संबंधित है?
→आलोचना
200. 'भ्रमरगीत' के रचयिता हैं?
→सूरदास
201. 'ईदगाह' कहानी के रचनाकार हैं?
→प्रेमचंद
202. कवि कालिदास की 'अभिज्ञान शाकुंतलम' का हिन्दी अनुवाद किसने किया?
→राजा लक्ष्मण सिंह
203. 'यह काम मैं आप कर लूँगा', पंक्तियों में 'आप' है?
→निजवाचक सर्वनाम
204. निम्नलिखित में से कौन-सा स्त्रीलिंग में प्रयुक्त होता है?
→ऋतु
205. 'तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए' में कौन-सा अलंकार है?
→अनुप्रास अलंकार
206. उपर्युक्त पंक्तियों में रस है-
'राग है कि, रूप है कि
रस है कि, जस है कि
तन है कि, मन है कि
प्राण है कि, प्यारी है'
→अद्भुत
207. मुग़ल काल में किस भाषा को रेख्यां कहा गया है?
→उर्दू
208. मुग़ल काल की राजकीय भाषा थी
→उर्दू
209. हिन्दी भाषा बोलने वाले भारतीयों का प्रतिशत लगभग है?
→40 प्रतिशत
210. दक्षिण भारत में हिन्दी भाषा के क्षेत्र में किसने प्रचार-प्रसार किया?
→सी. राजगोपालाचारी
211. हिन्दी के पश्चात भारत की दूसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है?
→बांग्ला
212. दक्षिण भारत की सर्वाधिक प्राचीन भाषा है?
→तमिल
213. भारत की किस भाषा को 'इटालियन ऑफ़ द ईस्ट' कहा जाता है?
→तेलुगु
214. गंगा छवि वर्णन' कविता के रचनाकार हैं?
→भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
215. 'अनामदास का पौधा' उपन्यास के रचयिता हैं?
→हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
216. 'वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे' के रचयिता हैं?
→मैथिलीशरण गुप्त
217. कौन-सी भाषा देवभाषा है?.→संस्कृत
218. चोल शासकों की भाषा क्या थी?
→तमिल
219. निम्नलिखित में से कौन-सी भाषाएँ हाल ही में प्राचीन भाषाएँ घोषित की गई है?
→कन्नड़ एवं तेलुगु
220. भारत की तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है?
→तेलुगु
221. निम्नलिखित में से किसमें तमिल एक प्रमुख भाषा है?
→सिंगापुर
222. आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने रीतिकाल को 'श्रृंगारकाल' नाम दिया, लेकिन उन्होंने इस पर जो ग्रंथ लिखा, उसका नाम 'हिन्दी का श्रृंगारकाल' नहीं है, बल्कि उसका नाम है?
→हिन्दी साहित्य का अतीत, भाग -2
223. 'भारत मित्र' पत्र (जो कलकत्ता से सन् 1934 में प्रकाशित हुआ था) के एक सम्पादक थे?
→रुद्रदत्त शर्मा
224. 'मेवाड़ की पन्ना' नामक धाय के अलौकिक त्याग का ऐतिहासिक वृत्त लेकर 'राजमुकुट' नाटक की रचना की गई थी, इस नाटक के लेखक का नाम है?
→गोविंद बल्लभ पंत
226. डॉ. कृष्ण शंकर शुक्ल ने आचार्य केशवदास पर एक समीक्षात्मक पुस्तक लिखी थी, उस पुस्तक का नाम है?
→ केशव की काव्यकला.
227. 'आत्मनिर्भरता' निबंध के रचनाकार हैं?
→बालकृष्ण भट्ट
228. 'समांतर कहानी' के प्रवर्तक कौन थे?
→कमलेश्वर
229. 'श्रद्धा' किस कृति की नायिका हैं?
→कामायनी
230. 'तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहिं न पान'। इस पंक्ति के रचयिता हैं?→रहीम
231. 'तरनि-तनूजा-तट तमाल तरुवर बहु छाए'। इस पंक्ति के रचयिता हैं?→भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
232. भूषण की कविता का प्रधान स्वर है?
→प्रशस्तिपरक
233. भक्तिकाल की रामाश्रयी शाखा के निम्नलिखित में से कौन-से कवि हैं?
→तुलसीदास
234. भक्तिकाल में एक ऐसा कवि हुआ, जिसने अपने भाव व्यक्त करने के लिए उर्दू, फ़ारसी, खड़ीबोली आदि के शब्दों का मुक्त उपयोग किया है?
→ कबीर
235. हिन्दी के प्रथम गद्यकार हैं?
→लल्लूलाल
236. 'राग दरबारी' उपन्यास के रचयिता हैं?
→श्रीलाल शुक्ल
237. 'पूस की रात' कहानी के रचनाकार हैं?
→प्रेमचन्द
238. 'पंच परमेश्वर' के लेखक हैं?
→प्रेमचन्द
239. 'तोड़ती पत्थर' (कविता) के कवि हैं?
→सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
240. 'हार की जीत' (कहानी) के कहानीकार हैं?
→सुदर्शन
241. 'रानी केतकी की कहानी' के रचयिता हैं?
→इंशा अल्ला ख़ाँ
242. 'शिव शंभु के चिट्ठे' से संबंधित रचनाकार हैं?→बाल मुकुन्द गुप्त
243. 'रसिक प्रिया' के रचयिता हैं? →केशवदास
244. 'कुटज' के रचयिता हैं?
→हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
245. मसि कागद छुयो नहीं कलम गही नहिं हाथ॥ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?
→कबीरदास
246. 'चन्दन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग'। इस पंक्ति के रचयिता हैं?→रहीम
247. 'जब-जब होय धर्म की हानी, बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी'। इस पंक्ति के रचयिता हैं?
→तुलसीदास
248. "यदि चादर के बाहर........पसारोगे तो पछताओगे"
→पैर
249. (वाक्य में उचित विराम चिह्न लगाएँ) उसने एम ए बी एड पास किया है?
→एम.ए., बी.एड
250. 'महाभोज' रचना की प्रधान समस्या को उजागर करने वाले विकल्प को चुनिए
→राजनीतिक समस्या
251. अर्द्धसम मात्रिक जाति का छन्द है
→दोहा
252. तोड़ती पत्थर' कैसी कविता है?
→यथार्थवादी
253. अवधी भाषा के सर्वाधिक लोकप्रिय महाकाव्य का नाम है?
→रामचरितमानस
254. विद्यापति की 'पदावली' की भाषा क्या है?
→मैथिली
255. 'शेष कादम्बरी' के रचयिता हैं?
→अलका सरावगी
256. 'मुख रूपी चाँद पर राहु भी धोखा खा गया' पंक्तियों में अलंकार है?
→रूपक
257. जहाँ किसी वस्तु का लोक-सीमा से इतना बढ़कर वर्णन किया जाए कि वह असम्भव की सीमा तक पहुँच जाए, वहाँ अलंकार होता है?
→अत्युक्ति
258. अपभ्रंश का वाल्मीकि किसे कहा गया है?
→स्वयंभू
259. बिहारी, बंगाली, उड़िया और असमिया भाषाओं का जन्म कौन-से अपभ्रंश से हुआ है?
→मागधी
260. निम्न में से कंठ्य ध्वनियाँ कौन-सी हैं?
→क, ख
261. 'क', 'ख', 'ग', और 'फ' में से कौन-सा अक्षर उर्दू से लिया गया है?
→फ
262. वर्ण के द्वितीय व चतुर्थ व्यंजन क्या कहलाते हैं?
→महाप्राण
263. भावों और विचारों को प्रकट करने वाले मानव-मुख से निकले ध्वनि-संकेतों को क्या कहते हैं?
→भाषा
264. एक भाषा दूसरी भाषा से क्या लेती है?
→शब्दावली
265. सर्वप्रथम भाषा का प्रयोग किस रूप में हुआ?
→सांकेतिक
266. किस रस को 'रसराज' कहा जाता है?
→श्रृंगार रस
267. संस्कृत भाषा का प्राचीनतम रूप कहाँ दिखाई पड़ता है?
→ऋग्वेद
268. हिन्दी भाषा का जन्म हुआ है?→पाली प्राकृत से
270. ग्रियर्सन' ने किसे 'देशी हिन्दुस्तानी' कहा है?
→खड़ी बोली
271. स्वयंभू ने किस भाषा को 'देसी भाषा' कहा है?
→अपभ्रंश
272. किस पुस्तक में हिन्दी का सर्वप्रथम उल्लेख हुआ?
→रामचरितमानस
273. शौरसेनी, पैशाची, महाराष्ट्री, अर्द्धमागधी और मागधी, ये निम्न में से किस भाषा के पाँच भेद हैं?
→प्राकृत
274. भारतीय आर्यों की भाषा में 'ट' वर्ग की ध्वनियाँ किसकी देन हैं?
→द्रविड़ भाषाओं की
276. 'ट', 'ठ', 'ड', 'ढ' वर्णों का प्रयोग होता है?
→ओज
277. वीर रस का स्थायी भाव क्या होता है?
→उत्साह
278. स्थायी भावों की कुल संख्या कितनी है?
→9
280. 'धनाक्षरी छंद' किस प्रकार का छंद है?
→वर्णित
281. निम्न में से पृथ्वी का पर्यायवाची शब्द कौन-सा है?
→रत्नगर्भा
282. हिन्दी साहित्य का नौवाँ रस कौन-सा है?
→शांत रस
283. सर्वश्रेष्ठ रस किसे माना जाता है?
→श्रृंगार रस
284. छंद का सर्वप्रथम उल्लेख कहाँ मिलता है?
→ऋग्वेद
285. हिन्दी साहित्य के आरंभिक काल को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने क्या कहा है?
→वीरगाथा काल
286. 'शिवा बावनी' के रचनाकार कौन हैं?
→भूषण
287. निम्न में से प्रेमचंद के अधूरे उपन्यास का नाम क्या है?
→मंगलसूत्र
288. हिन्दी के प्रथम गद्यकार हैं?
→लल्लूलाल
289. निम्नलिखित में से कौन-सी बोली पूर्वी हिन्दी की नहीं है?
→मालवी बोली
290. 'जब-जब होय धर्म की हानी, बाढ़ै असुर अधम अभिमानी', पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
→तुलसीदास
291. 'अनिल' का पर्यायवाची शब्द क्या है?
→पवन
292. 'कठिन काव्य के प्रेत हैं', यह किस कवि के लिए कहा गया है?
→अज्ञेय
293. 'मुख रूपी चाँद पर राहु भी धोखा खा गया', इन पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
→रूपक
294. वियोगी हरि जी का पूर्ण नाम क्या था?
→श्री हरि द्विवेदी
295. कौन-सी बोली पश्चिमी हिन्दी की नहीं है?
→बघेली बोली
296. इनमें से सही शब्द कौन-सा है?
→श्रृंगार
297. 'पंचवटी' शब्द में कौन-सा समास है?
→बहुब्रीहि
298. 'कुरुक्षेत्र' को क्या कहा जाता है?
→रणक्षेत्र
299. हिन्दी वर्णमाला में स्वरों की संख्या कितनी है?
→दस
300. जयशंकर प्रसाद का संबंध किस काव्य-प्रवृत्ति से है?
→छायावाद
301. निम्नलिखित भाषाओं में से कौन-सी भाषा उत्तर प्रदेश में नहीं बोली जाती है?
→मैथिली भाषा
302. भक्ति को रस रूप में प्रतिष्ठित करने वाले आचार्य कौन हैं?
→वल्लभाचार्य
303. ह्रदय की वह कौन-सी स्थायी दशा है, जो सदाचार को प्रेरित करती है?
→शील दशा
304. प्रयोगवाद को 'बैठे ठाले का धन्धा' किस आलोचक ने कहा?
→नन्द दुलारे वाजपेयी
305. चंदबरदाई किसके दरबारी कवि थे?
→पृथ्वीराज चौहान के
306. अपभ्रंश को 'पुरानी हिन्दी' किसने कहा है?
→चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
307. कबीर किस काव्य धारा के कवि हैं?
→ज्ञानमार्गी
308. 'विपाशा पत्रिका' का प्रकाशन किस प्रदेश से होता है?
→उत्तर प्रदेश
309. साहित्य को क्या माना गया है?→कठिन तपस्या और महान यज्ञ
310. निम्न में से किन्हें 'राष्ट्रकवि' कहा जाता है?
→रामधारी सिंह दिनकर
311. कबीरदास की भाषा थी?
→सधुक्कड़ी बोली
312. 'जनमेजय का नागयज्ञ' किसकी कृति हैं?
→जयशंकर प्रसाद
313. 'श्रद्धा' किस कृति की नायिका है?
→कामायनी
314. हिन्दी नाटकों के मंचन में 'यक्षगान' का प्रयोग किसने किया है?
→गिरीश कर्नाड
315. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के निबन्ध संग्रह का नाम है?
→चिंतामणि
316. भारत में सर्वाधिक किस भाषा का प्रयोग किया जाता है?
→हिन्दी भाषा
317. अधिकतर भारतीय भाषाओं का विकास किस लिपि से हुआ?
→ब्राह्मी लिपि
318. हिन्दी खड़ी बोली किस अपभ्रंश से विकसित हुई है?
→शौरसेनी
319. श्रृंगार रस का स्थायी भाव क्या है?
→अद्भुत
320. माधुर्य गुण का किस रस में प्रयोग होता है?
→भयानक
321. नवल सुन्दर श्याम में कौन-सा अलंकार है?
→उल्लेख अलंकार
322. 'कामायनी' किस प्रकार का ग्रंथ है?
→महाकाव्य
323. कालिदास की अन्तिम रचना 'अभिज्ञान शाकुन्तलम्' का हिन्दी अनुवाद किसने किया था?
→राजा लक्ष्मण सिंह
324. तुलसीदास ने अपनी रचनाओं में किसका वर्णन किया है?
→राम
325. ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले हिन्दी के प्रथम साहित्यकार हैं?
→सुमित्रानन्दन पंत
326. 'आकाशदीप' कहानी के लेखक हैं?
→जयशंकर प्रसाद
327. 'रामचरितमानस' में कितने काण्ड हैं?
→7
328. 'राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय' कहाँ है?
→नई दिल्ली
329.श्रृंगार रस का स्थायी भाव है?
→रति
330. जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?
→तुलसीदास
331. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में हिन्दी को राजभाषा घोषित किया गया है?
→343
332. खड़ी बोली का प्रयोग सबसे पहले किस पुस्तक में हुआ?
→प्रेम सागर
333. देवनागरी लिपि का विकास किस लिपि से हुआ है?
→ब्राह्मी लिपि
334. निम्नलिखित शब्दों में से किसमें व्यंजन संधि है?
→सत्कार
335. 'भारत भारती' (काव्य) के रचयिता का नाम है?
→मैथिलीशरण गुप्त
336. सर्वनाम कितने प्रकार के होते हैं?
→छ:
337. भरतमुनि ने अपभ्रंश को नाम दिया है?
→अशुद्धभाषा
338.'महोदय' में कौन-सी संधि है?
→गुण
339. अष्टछाप के कवियों में प्रथम नियुक्त कीर्तनकार कवि कौन थे?
→सूरदास
340 'उद्धवशतक' किसकी कृति है?
→जगन्नाथदास रत्नाकर
341. 'प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी' किसकी पंक्ति है?→रैदास
342. 'एक भारतीय आत्मा' नाम से कविता की रचना किसने की?
→माखन लाल चतुर्वेदी ने
343. अज्ञेय की कौन-सी रचना यात्रा पर आधारित है?
→एक बूंद सहसा उछली
344. इनमें से कौन भरतमुनि के रस-सूत्र का व्याख्याकार है?
→भट्टलोल्लट
345. 'रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून' में कौन-सा अलंकार है?
→श्लेष
346. जयशंकर प्रसाद की 'चन्द्रगुप्त' निम्नांकित में से क्या है?
→नाटक
347. तुलसीदास की किस रचना का सम्बन्ध ज्योतिष से है?
→रामाज्ञा प्रश्न
348. 'कवि सम्राट' इसे कहा जाता है?
→अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
349. निम्न में से स्त्रीलिंग शब्द कौन-सा है?
→ठंडाई
350. हिन्दी ग़ज़ल लेखन का कार्य किसने प्रारंभ किया?
→दुष्यंत कुमार
351. निम्नलिखित में कौन-सी हिन्दी पत्रिका है?
→केरल ज्योति
352. 'मधुर-मधुर मेरे दीपक जल' में कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है?
→विरह और रहस्य
353. 'बरवै रामायण' किसकी रचना है?
→तुलसीदास
354. निम्नलिखित में से अर्द्ध स्वर कौन-सा है?
→य
355. हिन्दी की मूल उत्पत्ति किससे हुई है?
→वैदिक संस्कृत
356.
निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है?
→मराठी भाषा
357. इनमें संयुक्त व्यंजन कौन-सा है?
→ज्ञ
358. सूर्य शब्द का स्त्रीलिंग क्या होगा?
→सूर्या
359. हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल को इस नाम से भी अभिहित किया जाता है?
→गद्य काल
360. मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ जावें वीर अनेक....प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता कौन हैं?
→माखन लाल चतुर्वेदी
361. रामधारी सिंह दिनकर किस रस के कवि माने जाते हैं?
→वीर रस
362. 'मधुशाला' के लेखक हैं?
→हरिवंश राय बच्चन
363. जहाँ बिना कारण के कार्य का होना पाया जाए वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
→विभावना
364. हिन्दी की पहली कहानी लेखिका का नाम है?
→बंग महिला
365. 'मोक्ष की इच्छा करने वाला' कहलाता है?
→मुमुक्षु
366. संज्ञा के कितने भेद हैं?
→तीन
367. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना खड़ी बोली की है?
→साकेत
368. 'ठेले पर हिमालय' किसकी रचना है?
→धर्मवीर भारती
1. संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल की गई चार नई भाषाएँ हैं? →संथाली, मैथिली,बोडो और डोगरी
2. भारतीय भाषाओं को कितने प्रमुख वर्गों में बाँटा गया है? →4
3. भारत में सबसे अधिक बोला जाने वाला भाषायी समूह है? →इण्डो-आर्यन
4. भारत में सबसे कम बोला जाने वाला भाषायी समूह है? →चीनी-तिब्बती
5. ऑस्ट्रिक भाषा समूह की भाषाओं को बोलने वालों को कहा जाता है?→ किरात
6. 'जो जिण सासण भाषियउ सो मई कहियउ सारु। जो पालइ सइ भाउ करि सो तरि पावइ पारु॥' इस दोहे के रचनाकार का नाम है?→ देवसेन
7. चीनी-तिब्बती भाषा समूह की भाषाओं के बोलने वालों को कहा जाता है?→ निषाद
8. अपभ्रंश के योग से राजसाषानी भाषा का जो साहित्यिक रूप बना, उसे कहा जाता है?→ डिंगल भाषा
9. 'एक नार पिया को भानी। तन वाको सगरा ज्यों पानी।' यह पंक्ति किस भाषा की है?→ ब्रजभाषा
10. अमीर ख़ुसरो ने जिन मुकरियों, पहेलियों और दो सुखनों की रचना की है, उसकी मुख्य भाषा है?→खड़ीबोली
11. देवनागरी लिपि को राष्ट्रलिपि के रूप में कब स्वीकार किया गया था?→ 14 सितम्बर, 1949
12. 'रानी केतकी की कहानी' की भाषा को कहा जाता है?→ खड़ीबोली
13. प्रादेशिक बोलियों के साथ ब्रज या मध्य देश की भाषा का आश्रय लेकर एक सामान्य साहित्यिक भाषा स्वीकृत हुई, जिसे चारणों ने नाम दिया?→ पिंगल भाषा
14. निम्नलिखित में से कौन प्रेमचंद की एक रचना है? →पंच-परमेश्वर
15. 'बाँगरू' बोली का किस बोली से निकट सम्बन्ध है? →खड़ीबोली
16. डोगरी भाषा मुख्य रूप से कहाँ बोली जाती है? →जम्मू कश्मीर
17. भारत के किस प्रान्त में कोंकणी भाषा बोली जाती है?→ महाराष्ट्र तथा गोवा
18. आन्ध्र प्रदेश की राजकीय भाषा है?→ तेलुगु
19.आचार्य हज़ारीप्रसाद द्विवेदी के उस इतिहास ग्रंथ का नाम बतलाइए जिसमें मात्र आदिकालीन हिन्दी साहित्य सम्बन्धी सामग्री संग्रहीत है?→ हिन्दी साहित्य का आदिकाल
20. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने किन दो प्रमुख तथ्यों को ध्यान में रखकर 'हिन्दी साहित्य के इतिहास' के काल खण्डों का नामकरण किया है?
→ ग्रंथों की प्रचुरता एवं ग्रंथों की प्रसिद्धि
21. इनमें किस इतिहासकार ने सर्वप्रथम रीतिकालीन कवियों के सर्वाधिक परिचयात्मक विवरण दिए हैं?→मिश्रबन्धु
22. 'हिन्दी साहित्य का अतीत: भाग- एक' के लेखक का नाम है? →डॉ. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
23. प्रेम लक्षणा भक्ति को किस भक्ति शाखा ने अपनी साधना का मुख्य आधार बनाया है?→ कृष्णभक्ति शाखा
24. मनुष्यत्व की सामान्य भावना को आगे करके निम्न श्रेणी की जनता में आत्म- गौरव का भाव जगाने वाले सर्वश्रेष्ठ कवि थे? →कबीर
25. 'हंस जवाहिर' रचना किस सूफ़ी कवि द्वारा रची गई थी? →क़ासिमशाह
25. 'देखन जौ पाऊँ तौ पठाऊँ जमलोक हाथ, दूजौ न लगाऊँ, वार करौ एक करको।' ये पंक्तियाँ किस कवि द्वारा सृजित हैं? →नाभादास
27. 'भक्तमाल'' भक्तिकाल के कवियों की प्राथमिक जानकारी देता है, इसके रचयिता थे? →नाभादास
28. अमीर ख़ुसरो ने किसके विकास में अग्रणी भूमिका निभाई? →खड़ी बोली
29.त्रिपुरा की राजभाषा है? →बांग्ला
30. 'हरिश्चन्द्री हिन्दी' शब्द का प्रयोग किस इतिहासकार ने अपने इतिहास ग्रंथ में किया है? →रामचन्द्र शुक्ल
31. आँख की किरकिरी होने का अर्थ है→अप्रिय लगना
32. लाल पीला होने का अर्थ है→क्रोध करना
33. 'नमक का दरोगा' कहानी के लेखक हैं→प्रेमचंद
34. इनमें किस नाटककार ने अपने नाटकों के लिए रंगमंच को अनिवार्य नहीं माना है? →जयशंकर प्रसाद
35. 'प्रभातफेरी' काव्य के रचनाकार कौन हैं? →नरेन्द्र शर्मा
36. 'निशा -निमंत्रण' के रचनाकार कौन हैं? → हरिवंश राय बच्चन
37. बिहारी किस राजा के दरबारी कवि थे? →जयपुर नरेश जयसिंह के
38. 'अतीत के चलचित्र' के रचयिता हैं→महादेवी वर्मा
39. तुलसीदास का वह ग्रंथ कौन-सा है, जिसमें ज्योतिष का वर्णन किया गया है? →रामाज्ञा प्रश्नावली
40. 'रामचरितमानस' में प्रधान रस के रूप में किस रस को मान्यता मिली है? →भक्ति रस
41. सर्वप्रथम किस आलोचक ने अपने किस ग्रंथ में 'देव बड़े हैं कि बिहारी' विवाद को जन्म दिया?→मिश्रबंधु : हिन्दी नवरत्न
42. इनमें किस आलोचक ने अपना कौन सा आलोचना ग्रंथ लिखकर हिन्दी के स्नातकोत्तर कक्षाओं के पाठ्यक्रम में आलोचना के अभाव को पूरा करने का सर्वप्रथम सफल प्रयास किया था? →श्यामसुन्दर दास : साहित्यालोचन
43.आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'त्रिवेणी' में किन तीन महाकवियों की समीक्षाएँ प्रस्तुत की हैं? →सूर, तुलसी, जायसी
44. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार इनमें एक ऐसा कवि है, जिसका 'वियोग वर्णन, वियोग वर्णन के लिए ही है, परिस्थिति के अनुरोध से नहीं'? →कबीर
45. 'सुन्दर परम किसोर बयक्रम चंचल नयन बिसाल। कर मुरली सिर मोरपंख पीतांबर उर बनमाल॥ ये पंक्तियाँ किस रचनाकार की हैं? →सूरदास
रचनाकार की हैं?
46.हिन्दी साहित्य के इतिहास के सर्वप्रथम लेखक का नाम क्या है? → गार्सा द तासी
47. 'पद्मावत' किसकी रचना है? →मलिक मुहम्मद जायसी
48. 'बैताल पच्चीसी' के रचनाकार हैं→सूरति मिश्र
49. 'लहरें व्योम चूमती उठती। चपलाएँ असंख्य नचती।' पंक्ति जयशंकर प्रसाद के किस रचना का अंश है?→कामायनी
50. किस छायावादी कवि ने संवाद शैली का सर्वाधिक उपयोग किया है? →जयशंकर प्रसाद
51. व्यवस्थाप्रियता और विद्रोह का विलक्षण संयोग किस प्रयोगवादी कवि में सबसे अधिक मिलता है?→अज्ञेय में
52. भारतेन्दु कृत 'भारत दुर्दशा' किस साहित्य रूप का हिस्सा है? →नाटक साहित्य
53. 'जो अपनी जान खपाते हैं, उनका हक उन लोगों से ज़्यादा है, जो केवल रुपया लगाते हैं।' यह कथन 'गोदान' के किस पात्र द्वारा कहा गया है? →महतो
54. 'पवित्रता की माप है मलिनता, सुख का आलोचक है दुःख, पुण्य की कसौटी है पाप।' यह कथन 'स्कन्दगुप्त' नाटक के किस पात्र का है? →देवसेना
55. 'दोहाकोश' के रचयिता हैं→सरहपा
56. 'प्रेमसागर' के रचनाकार हैं→लल्लू लालजी
57. 'यह युग (भारतेन्दु) बच्चे के समान हँसता-खेलता आया था, जिसमें बच्चों की सी निश्छलता, अक्खड़पन, सरलता और तन्मयता थी।' यह कथन किस आलोचक का है? →आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
58. मनुष्य से बड़ा है उसका अपना विश्वास और उसका ही रचा हुआ विधान। अपने विश्वास और विधान के सम्मुख ही मनुष्य विवशता अनुभव करता है और स्वयं ही वह उसे बदल भी देता है॥' यह कथन किस उपन्यासकार ने लिखा है? →हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
59. वीरों का कैसा हो वसंत कविता के रचयिता हैं? →सुभद्रा कुमारी चौहान
60. 'आँसू' (काव्य) के रचयिता हैं→जयशंकर प्रसाद
61. सही वर्तनी का चयन कीजिए? →परीक्षा
62. 'पंचवटी' कौन-सा समास है? →द्विगु
63. 'निरुत्तर' शब्द का शुद्ध सन्धि विच्छेद है? →निः + उत्तर
64. 'रामचरितमानस' में कितने काण्ड हैं? →(7)
65. निम्नलिखित में से कौन सा एक व्यंग्य लेखक है? →हरिशंकर परसाई
66. शुद्ध शब्द क्या है? →कवयित्री
67. 'इतिहास' शब्द का शुद्ध विशेषण है-→ऐतिहासिक
68. 'नवनीत' शब्द का सही अर्थ है-→मक्खन
69. 'प्राचीन' का विलोम है-→अर्वाचीन
70. 'मनुष्यता' का विपरीतार्थक है-→बर्बरता
71. किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है? →भक्ति काल
72. सूरदास के गुरु कौन थे? →बल्लभाचार्य
73. 'जिसका जन्म न हो' एक शब्द बताएँ? →अजन्मा
74. कौन सा वाक्य शुद्ध है? →रामचरितमानस' एक धार्मिक ग्रंथ है
75. "कनक-कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय" में कौन-सा अलंकार है? →यमक
76. खड़ीबोली का अरबी-फ़ारसीमय रूप है? →उर्दू भाषा
77. हिन्दी भाषा का पहला समाचार-पत्र 'उदंत मार्तण्ड' किस सन् में प्रकाशित हुआ था? →1826
78. हिन्दी के किस समाचार-पत्र में 'खड़ीबोली' को 'मध्यदेशीय भाषा' कहा गया है? →बनारस अखबार
79. 'गाथा' (गाहा) कहने से किस लोक प्रचलित काव्यभाषा का बोध होता है? →प्राकृत
80. सिद्धों की उद्धृत रचनाओं की काव्य भाषा है? →देशभाषा मिश्रित अपभ्रंश अर्थात् पुरानी हिन्दी
81. अपभ्रंश भाषा के प्रथम व्याकरणाचार्य थे? →हेमचन्द्र
82. देवनागरी लिपि का विकास किस लिपि से हुआ है? →ब्राह्मी लिपि
83. द्रविड़ भाषाओं में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है? →तेलुगु
84. किस भाषा को द्रविड़ परिवार की सभी भाषाओं की जननी कहा जाता है? →तमिल
85. किस भाषा को भारतीय आर्य भाषाओं की जननी, भारतीय आर्य संस्कृति का आधार, देवभाषा आदि नामों से जाना जाता है? →संस्कृत
86. संस्कृत से सर्वांधिक प्रभावित द्रविड़ भाषा है? →तेलुगु
87. भाषा के सम्बन्ध में 'हिन्दी' शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया? →अमीर ख़ुसरो
88. भारतीय संविधान में हिनीधि को कहा गया है? →राजभाषा
89. राजभाषा आयोग के अध्यक्ष थे? →बी.जी.खेर
90.उर्दू किस भाषा का शब्द है? →तुर्की
91. देश में एकमात्र किस राज्य की राजभाषा अंग्रेज़ी है? →नागालैंड
92. बिहारी निम्नलिखित में से किस काल के कवि थे? →रीति काल
93. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल कृत 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' की अधिकांश सामग्री पुस्तकाकार प्रकाशन के पूर्व 'हिन्दी शब्द- सागर' की भूमिका में छपी थी। इस भूमिका में उसका शीर्षक था? →हिन्दी साहित्य का विकास
94. अवधी भाषा के सर्वाधिक लोकप्रिय महाकाव्य का नाम है? →रामचरितमानस
95. "जिस कालखण्ड के भीतर किसी विशेष ढंग की रचनाओं की प्रचुरता दिखाई पड़ी है, वह एक अलग काल माना गया है और उसका नामकरण उन्हीं रचनाओं के अनुसार किया गया है" यह मान्यता किस इतिहासकार की है? →आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
96. केरल राज्य की राजकीय भाषा है? →मलयालम
97. नागालैंड की राजकीय भाषा है? →अंग्रेज़ी
98. हिनीलख को राजकीय भाषा (कार्यालय की भाषा) कब घोषित किया गया? →26 जनवरी, 1965
89. निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में नहीं दी गई है? →अंग्रेज़ी
100. कौन-सी भाषा ऑस्ट्रिक समूह से सम्बन्धित है? →खासी
101. निम्नलिखित भारतीय भाषाओं में कौन-सी भाषा द्रविड़ भाषा की उत्पत्ति नहीं है? →मराठी
102. निम्नलिखित में से किस देश में अधिकतम संख्या में भाषाएँ बोली जाती हैं? →भारत
103. अंगेलखज़ी भाषा को भारत में शिक्षा के माध्यम से आरंभ किया गया? →लॉर्ड मैकाले द्वारा
104. हिनीलख साहितयज के प्रारंभिक काल को आचारयर शुकलत ने क्या कहा है? →वीरगाथा-काल
105. भारत की प्राचीन भाषा है? →संस्कृत
106. आसमान पर चढ़ाने का अर्थ है-→अत्यधिक प्रशंसा करना
107. वीरगाथा काल के सर्वश्रेष्ठ कवि माने जाते हैं-→चन्दबरदाई
108."पृथ्वीराज रासो" के रचनाकार हैं-→चन्दबरदाई
109. कबीरदास की भाषा क्या थी? →सधुक्कड़ी
110. 'शिवा बावनी' के रचनाकार हैं-→भूषण
111. बूँदी नरेश महाराज भावसिंह का आश्रित कवि निम्नलिखित में से कौन था? →मतिराम
112. भूषण का निम्नलिखित में से कौन सा लक्षण ग्रंथ है? →शिवराज भूषण
113. निम्नलिखित में से किस रचना की सर्वाधिक टीकाएँ लिखी गई हैं? →बिहारी सतसई
114. वीरगाथा काल के कवि नहीं हैं-→नामदेव
115. हिन्दी कविता को छंदों की परिधि से मुक्त कराने वाले थे-→सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
116. 'पल्लव' के रचयिता हैं-→सुमित्रानंदन पंत
117. 'चिंतामणि' के रचयिता हैं-→रामचन्द्र शुक्ल
118. निम्नलिखित में से सबसे पहले अपनी आत्मकथा हिनी्ष में किसने लिखी? →राजेन्द्र प्रसाद
119. आंचलिक रचनाएँ किससे संबधित होती हैं? →क्षेत्र विशेष से
120. निर्गुण भक्ति काव्य का प्रमुख कवि है-→कबीरदास
121. हिन्दी के सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र का नाम क्या है? →उतण्ड मार्तण्ड
122. छायावाद के प्रवर्तक का नाम है-→जयशंकर प्रसाद
123. 'प्रगतिवाद उपयोगितावाद का दूसरा नाम है।' यह कथन किसका है? →नन्द दुलारे बाजपेयी
124. पेवामचनदव के अधूरे उपन्यास का नाम क्या है? →मंगलसूत्र
125. रामधारी सिंह 'दिनकर' को भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ था-→'उर्वशी' पर
126. 'सुहाग के नूपुर' के रचयिता हैं-→अमृतलाल नागर
127. 'संस्कृति के चार अध्याय' किसकी रचना है? →रामधारी सिंह 'दिनकर'
128. 'अशोक के फूल' (निबंध सग्रह) के रचनाकार हैं-→हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
129. 'झरना' (काव्य संग्रह) के रचयिता हैं-→जयशंकर प्रसाद
130. 'दुरित, दुःख, दैन्य न थे जब ज्ञात, अपरिचित जरा-मरण-भ्रू पात।।' पंक्ति के रचनाकार हैं?→सुमित्रानंदन पंत
131. 'निराला के राम तुलसीदास के राम से भिन्न और भवभूति के राम के निकट हैं।' यह कथन किस हिन्दी आलोचक का है? →डॉ. रामविलास शर्मा
132. 'राम की शक्तिपूजा' में निराला की इन दो कविताओं का सारतत्त्व समाहित है?→जागो फिर एक बार और तुलसीदास
133. 'भारत भारती' (काव्य) के रचनाकार हैं-→मैथिलीशरण गुप्त
134. 'मनुष्य के आचरण के प्रवर्तक भाव या मनोविकार ही होते हैं, बुद्धि नहीं।' यह कथन है? →रामचन्द्र शुक्ल का
135. 'रस मीमांसा' रस-सिद्धांत से सम्बन्धित पुस्तक है, इस पुस्तक के लेखक हैं? →आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
136. 'परहित सरिस धर्म नहि भाई, परपीड़ा सम नहिं अधमाई'। इस पंक्ति के रचयिता कौन हैं?→तुलसीदास
137. 'साँच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप'। इस पंक्ति के रचयिता कौन हैं? →कबीर
138. 'अष्टछाप' के सर्वश्रेष्ठ भक्त कवि कौन हैं? →सूरदास
139. भूषण किस रस के कवि हैं? →वीर रस
140. हिनीलस का आदि कवि किसे माना जाता है? →स्वयंभू
141. उपन्यास और कहानी का मूल अन्तर है, उसका -→विषय निरूपण
142. हिनीलस पत्रिका 'कादम्बिनी' के संपादक कौन हैं? →राजेन्द्र अवस्थी
143. रामधारी सिंह 'दिनकर' किस रस के कवि माने जाते हैं? →वीर रस
144. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला को कैसा कवि माना जाता है? →क्रांतिकारी
145. 'चारु' शब्द की शुद्ध भावात्मक संज्ञा है-→चारुता
146.हिन्दी भाषा की बोलियों के आधार पर छती्कसगढ़ी बोली है-→पूर्वी हिन्दी
147. 'घनिष्ठ' की शुद्ध उत्तरावस्था है-→घनिष्ठतर
148. निम्नलिखित में कौन सा एक उपन्यास जैनेन्द्र द्वारा रचित है? →परख
149. 'कामायनी' किस प्रकार का ग्रंथ है? →महाकाव्य
150. 'गागर में सागर' भरने का कार्य किस कवि ने किया है? →बिहारीलाल
151.मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषाओं का स्थिति काल रहा है?
→500 ई.पू. से 1000 ई.पू.
152. 'प्राचीन देशभाषा' (पूर्व अपभ्रंश) को 'अपभ्रंश' तथा परवर्ती अर्थात् अग्रसरीभूत अपभ्रंश को 'अवहट्ठ' किस भाषा वैज्ञानिक ने कहा है?
→सुनीतिकुमार चटर्जी एवं सुकुमार सेन
154. अर्द्धमागधी अपभ्रंश से इनमें से किस बोली का विकास हुआ है?
→बंगाली
156. कामताप्रसाद गुरु का हिन्दी व्याकरण विषयक ग्रंथ, जो नागरी प्रचारिणी सभा, काशी से प्रकाशित हुआ था, उसका नाम था?
→हिन्दी व्याकरण
158. देवनागरी लिपि है?
→अक्षरात्मक
159. विद्यापति की उस प्रमुख रचना का नाम बताइए, जिसमें 'अवहट्ठ' भाषा का बहुतायत प्रयोग हुआ है? →कीर्तिलता
160. जॉर्ज ग्रियर्सन ने पश्चिमोत्तर समुदाय की भाषा को आधुनिक भारतीय आर्यभाषाओं की किस उपशाखा में रखा है?
→बाहरी उपशाखा
161. उर्दू किस भाषा का मूल शब्द है?
→तुर्की भाषा
162. 'साहित्य का इतिहास दर्शन' ग्रंथ के लेखक का नाम है?
→डॉ. नलिन विलोचन शर्मा
164. जहाँ शब्दों, शब्दांशों या वाक्यांशों की आवृत्ति हो, किंतु उनके अर्थ भिन्न हों, वहाँ निम्न में से कौन-साअलंकार है?
→यमक
165. गिला' कहानी के लेखक का नाम है?
→प्रेमचन्द्र
166. 'गंगावतरण' काव्य के रचयिता हैं?
→जगन्नाथदास रत्नाकर
167. छायावादी कवियों ने जब आध्यात्मिक प्रेम को अपनी कविताओं में व्यक्त किया तो ऐसी कविताओं को किस वाद के अंतर्गत रखा गया है?
→रहस्यवाद
169. गोवा की स्वीकृत राजभाषा है?
→कोंकणी
170. 'ध्रुव स्वामिनी' नाटक के रचयिता हैं?
→जयशंकर प्रसाद
171. 'परिवर्तन' नामक कविता सर्वप्रथम सुमित्रानन्दन पंत के किस कविता संग्रह में संगृहीत हुई है?
→पल्लव
172. भिखारीदास की रचना का नाम है?
→काव्य निर्णय
173. उन्नीसवीं सदी की साहित्य- सर्जना का मूल हेतु है?
→पराधीनता का बोध
175. 'यह प्रेम को पंथ कराल महा तरवारि की धार पै धावनो है', नामक पंक्ति किस कवि द्वारा सृजित है?
→बोधा
176. आचार्य केशवदास को 'कठिन काव्य का प्रेत' किस आलोचक ने कहा है?
→आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
177. भक्तिकाल का एक कवि अवतारवाद और मूर्तिपूजा का विरोधी है. इसके बावज़ूद वह हिन्दुओं के जन्म-मृत्यु सम्बन्धी सिद्धांत को मानता है, ऐसा रचनाकार है?
→कबीर
178. प्रथम सूफ़ी प्रेमाख्यानक काव्य के रचयिता हैं?
→मुल्ला दाऊद
179. भक्तिकालीन कवियों में एक ऐसा ख्यातिलब्ध रचनाकार है जो अपने काव्य में लोकव्यापी प्रभाव वाले कर्म और लोकव्यापिनी दशाओं के वर्णन में माहिर है। ऐसे रचनाकार का नाम है?
→तुलसीदास
180. 'जायसी -ग्रंथावली' के सम्पादक का नाम है?
→रामचन्द्र शुक्ल
181. दोहा छन्द में श्रृंगारी रचना प्रस्तुत करने वालों में हिन्दी के सर्वाधिक ख्यातिलब्ध कवि हैं?
→बिहारी
182. 'कंचन तन धन बरन बर रहयौ रंग मिलि रंग। जानी जाति सुबास ही केसरि लाई अंग॥' उपर्युक्त पंक्तियाँ किसकी हैं?
→ बिहारी
183. जलप्लावन भारतीय इतिहास की ऐसी प्राचीन घटना है जिसको आधार बनाकर छायावादी युग में एक महाकाव्य लिखा गया है। उसका नाम है?
→कामायनी
184. शब्दार्थों सहित काव्यम् यह उक्ति किसकी है?
→भामह
185. ढ़ाई आखर प्रेम के, पढ़ै सो पंडित होय॥ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?→कबीर दास
186. चौपाई के प्रत्येक चरण में मात्राएँ होती हैं?
→16
187. 'संदेश रासक' के रचयिता हैं?
→अब्दुल रहमान
188. 'साखी' के रचयिता हैं?
→कबीरदास
189. लोगहिं लागि कवित्त बनावत, मोहिं तौ मेरे कवित्त बनावत॥ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?
→घनानन्द
190. बैर क्रोध का अचार या मुरब्बा है, यह कथन किसका है?
→रामचन्द्र शुक्ल
191. रामभक्त कवि नहीं हैं?
→नरोत्तमदास
192. जीवन में हास्य का महत्त्व इसलिए है कि, वह जीवन को
→सरस बनाता है
193. श्रृंगार रस का स्थायी भाव है?
→रति
194. किस रस का संचारी भाव उग्रता, गर्व, हर्ष आदि है
→वीर
195. कबीरदास की भाषा थी
→सधुक्कड़ी
197. "रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून" में कौन-सा अलंकार है?
→श्लेष
198. 'कितने पाकिस्तान' नामक उपन्यास के लेखक हैं?
→कमलेश्वर
199. राजेन्द्र कुमार द्वारा सम्पादित पुस्तक 'आलोचना का विवेक' किस विधा से संबंधित है?
→आलोचना
200. 'भ्रमरगीत' के रचयिता हैं?
→सूरदास
201. 'ईदगाह' कहानी के रचनाकार हैं?
→प्रेमचंद
202. कवि कालिदास की 'अभिज्ञान शाकुंतलम' का हिन्दी अनुवाद किसने किया?
→राजा लक्ष्मण सिंह
203. 'यह काम मैं आप कर लूँगा', पंक्तियों में 'आप' है?
→निजवाचक सर्वनाम
204. निम्नलिखित में से कौन-सा स्त्रीलिंग में प्रयुक्त होता है?
→ऋतु
205. 'तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए' में कौन-सा अलंकार है?
→अनुप्रास अलंकार
206. उपर्युक्त पंक्तियों में रस है-
'राग है कि, रूप है कि
रस है कि, जस है कि
तन है कि, मन है कि
प्राण है कि, प्यारी है'
→अद्भुत
207. मुग़ल काल में किस भाषा को रेख्यां कहा गया है?
→उर्दू
208. मुग़ल काल की राजकीय भाषा थी
→उर्दू
209. हिन्दी भाषा बोलने वाले भारतीयों का प्रतिशत लगभग है?
→40 प्रतिशत
210. दक्षिण भारत में हिन्दी भाषा के क्षेत्र में किसने प्रचार-प्रसार किया?
→सी. राजगोपालाचारी
211. हिन्दी के पश्चात भारत की दूसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है?
→बांग्ला
212. दक्षिण भारत की सर्वाधिक प्राचीन भाषा है?
→तमिल
213. भारत की किस भाषा को 'इटालियन ऑफ़ द ईस्ट' कहा जाता है?
→तेलुगु
214. गंगा छवि वर्णन' कविता के रचनाकार हैं?
→भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
215. 'अनामदास का पौधा' उपन्यास के रचयिता हैं?
→हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
216. 'वही मनुष्य है जो मनुष्य के लिए मरे' के रचयिता हैं?
→मैथिलीशरण गुप्त
217. कौन-सी भाषा देवभाषा है?.→संस्कृत
218. चोल शासकों की भाषा क्या थी?
→तमिल
219. निम्नलिखित में से कौन-सी भाषाएँ हाल ही में प्राचीन भाषाएँ घोषित की गई है?
→कन्नड़ एवं तेलुगु
220. भारत की तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है?
→तेलुगु
221. निम्नलिखित में से किसमें तमिल एक प्रमुख भाषा है?
→सिंगापुर
222. आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र ने रीतिकाल को 'श्रृंगारकाल' नाम दिया, लेकिन उन्होंने इस पर जो ग्रंथ लिखा, उसका नाम 'हिन्दी का श्रृंगारकाल' नहीं है, बल्कि उसका नाम है?
→हिन्दी साहित्य का अतीत, भाग -2
223. 'भारत मित्र' पत्र (जो कलकत्ता से सन् 1934 में प्रकाशित हुआ था) के एक सम्पादक थे?
→रुद्रदत्त शर्मा
224. 'मेवाड़ की पन्ना' नामक धाय के अलौकिक त्याग का ऐतिहासिक वृत्त लेकर 'राजमुकुट' नाटक की रचना की गई थी, इस नाटक के लेखक का नाम है?
→गोविंद बल्लभ पंत
226. डॉ. कृष्ण शंकर शुक्ल ने आचार्य केशवदास पर एक समीक्षात्मक पुस्तक लिखी थी, उस पुस्तक का नाम है?
→ केशव की काव्यकला.
227. 'आत्मनिर्भरता' निबंध के रचनाकार हैं?
→बालकृष्ण भट्ट
228. 'समांतर कहानी' के प्रवर्तक कौन थे?
→कमलेश्वर
229. 'श्रद्धा' किस कृति की नायिका हैं?
→कामायनी
230. 'तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियहिं न पान'। इस पंक्ति के रचयिता हैं?→रहीम
231. 'तरनि-तनूजा-तट तमाल तरुवर बहु छाए'। इस पंक्ति के रचयिता हैं?→भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
232. भूषण की कविता का प्रधान स्वर है?
→प्रशस्तिपरक
233. भक्तिकाल की रामाश्रयी शाखा के निम्नलिखित में से कौन-से कवि हैं?
→तुलसीदास
234. भक्तिकाल में एक ऐसा कवि हुआ, जिसने अपने भाव व्यक्त करने के लिए उर्दू, फ़ारसी, खड़ीबोली आदि के शब्दों का मुक्त उपयोग किया है?
→ कबीर
235. हिन्दी के प्रथम गद्यकार हैं?
→लल्लूलाल
236. 'राग दरबारी' उपन्यास के रचयिता हैं?
→श्रीलाल शुक्ल
237. 'पूस की रात' कहानी के रचनाकार हैं?
→प्रेमचन्द
238. 'पंच परमेश्वर' के लेखक हैं?
→प्रेमचन्द
239. 'तोड़ती पत्थर' (कविता) के कवि हैं?
→सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
240. 'हार की जीत' (कहानी) के कहानीकार हैं?
→सुदर्शन
241. 'रानी केतकी की कहानी' के रचयिता हैं?
→इंशा अल्ला ख़ाँ
242. 'शिव शंभु के चिट्ठे' से संबंधित रचनाकार हैं?→बाल मुकुन्द गुप्त
243. 'रसिक प्रिया' के रचयिता हैं? →केशवदास
244. 'कुटज' के रचयिता हैं?
→हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
245. मसि कागद छुयो नहीं कलम गही नहिं हाथ॥ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?
→कबीरदास
246. 'चन्दन विष व्यापत नहीं, लिपटे रहत भुजंग'। इस पंक्ति के रचयिता हैं?→रहीम
247. 'जब-जब होय धर्म की हानी, बाढ़हिं असुर अधम अभिमानी'। इस पंक्ति के रचयिता हैं?
→तुलसीदास
248. "यदि चादर के बाहर........पसारोगे तो पछताओगे"
→पैर
249. (वाक्य में उचित विराम चिह्न लगाएँ) उसने एम ए बी एड पास किया है?
→एम.ए., बी.एड
250. 'महाभोज' रचना की प्रधान समस्या को उजागर करने वाले विकल्प को चुनिए
→राजनीतिक समस्या
251. अर्द्धसम मात्रिक जाति का छन्द है
→दोहा
252. तोड़ती पत्थर' कैसी कविता है?
→यथार्थवादी
253. अवधी भाषा के सर्वाधिक लोकप्रिय महाकाव्य का नाम है?
→रामचरितमानस
254. विद्यापति की 'पदावली' की भाषा क्या है?
→मैथिली
255. 'शेष कादम्बरी' के रचयिता हैं?
→अलका सरावगी
256. 'मुख रूपी चाँद पर राहु भी धोखा खा गया' पंक्तियों में अलंकार है?
→रूपक
257. जहाँ किसी वस्तु का लोक-सीमा से इतना बढ़कर वर्णन किया जाए कि वह असम्भव की सीमा तक पहुँच जाए, वहाँ अलंकार होता है?
→अत्युक्ति
258. अपभ्रंश का वाल्मीकि किसे कहा गया है?
→स्वयंभू
259. बिहारी, बंगाली, उड़िया और असमिया भाषाओं का जन्म कौन-से अपभ्रंश से हुआ है?
→मागधी
260. निम्न में से कंठ्य ध्वनियाँ कौन-सी हैं?
→क, ख
261. 'क', 'ख', 'ग', और 'फ' में से कौन-सा अक्षर उर्दू से लिया गया है?
→फ
262. वर्ण के द्वितीय व चतुर्थ व्यंजन क्या कहलाते हैं?
→महाप्राण
263. भावों और विचारों को प्रकट करने वाले मानव-मुख से निकले ध्वनि-संकेतों को क्या कहते हैं?
→भाषा
264. एक भाषा दूसरी भाषा से क्या लेती है?
→शब्दावली
265. सर्वप्रथम भाषा का प्रयोग किस रूप में हुआ?
→सांकेतिक
266. किस रस को 'रसराज' कहा जाता है?
→श्रृंगार रस
267. संस्कृत भाषा का प्राचीनतम रूप कहाँ दिखाई पड़ता है?
→ऋग्वेद
268. हिन्दी भाषा का जन्म हुआ है?→पाली प्राकृत से
270. ग्रियर्सन' ने किसे 'देशी हिन्दुस्तानी' कहा है?
→खड़ी बोली
271. स्वयंभू ने किस भाषा को 'देसी भाषा' कहा है?
→अपभ्रंश
272. किस पुस्तक में हिन्दी का सर्वप्रथम उल्लेख हुआ?
→रामचरितमानस
273. शौरसेनी, पैशाची, महाराष्ट्री, अर्द्धमागधी और मागधी, ये निम्न में से किस भाषा के पाँच भेद हैं?
→प्राकृत
274. भारतीय आर्यों की भाषा में 'ट' वर्ग की ध्वनियाँ किसकी देन हैं?
→द्रविड़ भाषाओं की
276. 'ट', 'ठ', 'ड', 'ढ' वर्णों का प्रयोग होता है?
→ओज
277. वीर रस का स्थायी भाव क्या होता है?
→उत्साह
278. स्थायी भावों की कुल संख्या कितनी है?
→9
280. 'धनाक्षरी छंद' किस प्रकार का छंद है?
→वर्णित
281. निम्न में से पृथ्वी का पर्यायवाची शब्द कौन-सा है?
→रत्नगर्भा
282. हिन्दी साहित्य का नौवाँ रस कौन-सा है?
→शांत रस
283. सर्वश्रेष्ठ रस किसे माना जाता है?
→श्रृंगार रस
284. छंद का सर्वप्रथम उल्लेख कहाँ मिलता है?
→ऋग्वेद
285. हिन्दी साहित्य के आरंभिक काल को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने क्या कहा है?
→वीरगाथा काल
286. 'शिवा बावनी' के रचनाकार कौन हैं?
→भूषण
287. निम्न में से प्रेमचंद के अधूरे उपन्यास का नाम क्या है?
→मंगलसूत्र
288. हिन्दी के प्रथम गद्यकार हैं?
→लल्लूलाल
289. निम्नलिखित में से कौन-सी बोली पूर्वी हिन्दी की नहीं है?
→मालवी बोली
290. 'जब-जब होय धर्म की हानी, बाढ़ै असुर अधम अभिमानी', पंक्ति के रचनाकार कौन हैं?
→तुलसीदास
291. 'अनिल' का पर्यायवाची शब्द क्या है?
→पवन
292. 'कठिन काव्य के प्रेत हैं', यह किस कवि के लिए कहा गया है?
→अज्ञेय
293. 'मुख रूपी चाँद पर राहु भी धोखा खा गया', इन पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
→रूपक
294. वियोगी हरि जी का पूर्ण नाम क्या था?
→श्री हरि द्विवेदी
295. कौन-सी बोली पश्चिमी हिन्दी की नहीं है?
→बघेली बोली
296. इनमें से सही शब्द कौन-सा है?
→श्रृंगार
297. 'पंचवटी' शब्द में कौन-सा समास है?
→बहुब्रीहि
298. 'कुरुक्षेत्र' को क्या कहा जाता है?
→रणक्षेत्र
299. हिन्दी वर्णमाला में स्वरों की संख्या कितनी है?
→दस
300. जयशंकर प्रसाद का संबंध किस काव्य-प्रवृत्ति से है?
→छायावाद
301. निम्नलिखित भाषाओं में से कौन-सी भाषा उत्तर प्रदेश में नहीं बोली जाती है?
→मैथिली भाषा
302. भक्ति को रस रूप में प्रतिष्ठित करने वाले आचार्य कौन हैं?
→वल्लभाचार्य
303. ह्रदय की वह कौन-सी स्थायी दशा है, जो सदाचार को प्रेरित करती है?
→शील दशा
304. प्रयोगवाद को 'बैठे ठाले का धन्धा' किस आलोचक ने कहा?
→नन्द दुलारे वाजपेयी
305. चंदबरदाई किसके दरबारी कवि थे?
→पृथ्वीराज चौहान के
306. अपभ्रंश को 'पुरानी हिन्दी' किसने कहा है?
→चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
307. कबीर किस काव्य धारा के कवि हैं?
→ज्ञानमार्गी
308. 'विपाशा पत्रिका' का प्रकाशन किस प्रदेश से होता है?
→उत्तर प्रदेश
309. साहित्य को क्या माना गया है?→कठिन तपस्या और महान यज्ञ
310. निम्न में से किन्हें 'राष्ट्रकवि' कहा जाता है?
→रामधारी सिंह दिनकर
311. कबीरदास की भाषा थी?
→सधुक्कड़ी बोली
312. 'जनमेजय का नागयज्ञ' किसकी कृति हैं?
→जयशंकर प्रसाद
313. 'श्रद्धा' किस कृति की नायिका है?
→कामायनी
314. हिन्दी नाटकों के मंचन में 'यक्षगान' का प्रयोग किसने किया है?
→गिरीश कर्नाड
315. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के निबन्ध संग्रह का नाम है?
→चिंतामणि
316. भारत में सर्वाधिक किस भाषा का प्रयोग किया जाता है?
→हिन्दी भाषा
317. अधिकतर भारतीय भाषाओं का विकास किस लिपि से हुआ?
→ब्राह्मी लिपि
318. हिन्दी खड़ी बोली किस अपभ्रंश से विकसित हुई है?
→शौरसेनी
319. श्रृंगार रस का स्थायी भाव क्या है?
→अद्भुत
320. माधुर्य गुण का किस रस में प्रयोग होता है?
→भयानक
321. नवल सुन्दर श्याम में कौन-सा अलंकार है?
→उल्लेख अलंकार
322. 'कामायनी' किस प्रकार का ग्रंथ है?
→महाकाव्य
323. कालिदास की अन्तिम रचना 'अभिज्ञान शाकुन्तलम्' का हिन्दी अनुवाद किसने किया था?
→राजा लक्ष्मण सिंह
324. तुलसीदास ने अपनी रचनाओं में किसका वर्णन किया है?
→राम
325. ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले हिन्दी के प्रथम साहित्यकार हैं?
→सुमित्रानन्दन पंत
326. 'आकाशदीप' कहानी के लेखक हैं?
→जयशंकर प्रसाद
327. 'रामचरितमानस' में कितने काण्ड हैं?
→7
328. 'राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय' कहाँ है?
→नई दिल्ली
329.श्रृंगार रस का स्थायी भाव है?
→रति
330. जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं?
→तुलसीदास
331. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में हिन्दी को राजभाषा घोषित किया गया है?
→343
332. खड़ी बोली का प्रयोग सबसे पहले किस पुस्तक में हुआ?
→प्रेम सागर
333. देवनागरी लिपि का विकास किस लिपि से हुआ है?
→ब्राह्मी लिपि
334. निम्नलिखित शब्दों में से किसमें व्यंजन संधि है?
→सत्कार
335. 'भारत भारती' (काव्य) के रचयिता का नाम है?
→मैथिलीशरण गुप्त
336. सर्वनाम कितने प्रकार के होते हैं?
→छ:
337. भरतमुनि ने अपभ्रंश को नाम दिया है?
→अशुद्धभाषा
338.'महोदय' में कौन-सी संधि है?
→गुण
339. अष्टछाप के कवियों में प्रथम नियुक्त कीर्तनकार कवि कौन थे?
→सूरदास
340 'उद्धवशतक' किसकी कृति है?
→जगन्नाथदास रत्नाकर
341. 'प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी' किसकी पंक्ति है?→रैदास
342. 'एक भारतीय आत्मा' नाम से कविता की रचना किसने की?
→माखन लाल चतुर्वेदी ने
343. अज्ञेय की कौन-सी रचना यात्रा पर आधारित है?
→एक बूंद सहसा उछली
344. इनमें से कौन भरतमुनि के रस-सूत्र का व्याख्याकार है?
→भट्टलोल्लट
345. 'रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून' में कौन-सा अलंकार है?
→श्लेष
346. जयशंकर प्रसाद की 'चन्द्रगुप्त' निम्नांकित में से क्या है?
→नाटक
347. तुलसीदास की किस रचना का सम्बन्ध ज्योतिष से है?
→रामाज्ञा प्रश्न
348. 'कवि सम्राट' इसे कहा जाता है?
→अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
349. निम्न में से स्त्रीलिंग शब्द कौन-सा है?
→ठंडाई
350. हिन्दी ग़ज़ल लेखन का कार्य किसने प्रारंभ किया?
→दुष्यंत कुमार
351. निम्नलिखित में कौन-सी हिन्दी पत्रिका है?
→केरल ज्योति
352. 'मधुर-मधुर मेरे दीपक जल' में कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है?
→विरह और रहस्य
353. 'बरवै रामायण' किसकी रचना है?
→तुलसीदास
354. निम्नलिखित में से अर्द्ध स्वर कौन-सा है?
→य
355. हिन्दी की मूल उत्पत्ति किससे हुई है?
→वैदिक संस्कृत
356.
निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है?
→मराठी भाषा
357. इनमें संयुक्त व्यंजन कौन-सा है?
→ज्ञ
358. सूर्य शब्द का स्त्रीलिंग क्या होगा?
→सूर्या
359. हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल को इस नाम से भी अभिहित किया जाता है?
→गद्य काल
360. मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ जावें वीर अनेक....प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता कौन हैं?
→माखन लाल चतुर्वेदी
361. रामधारी सिंह दिनकर किस रस के कवि माने जाते हैं?
→वीर रस
362. 'मधुशाला' के लेखक हैं?
→हरिवंश राय बच्चन
363. जहाँ बिना कारण के कार्य का होना पाया जाए वहाँ कौन सा अलंकार होता है?
→विभावना
364. हिन्दी की पहली कहानी लेखिका का नाम है?
→बंग महिला
365. 'मोक्ष की इच्छा करने वाला' कहलाता है?
→मुमुक्षु
366. संज्ञा के कितने भेद हैं?
→तीन
367. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना खड़ी बोली की है?
→साकेत
368. 'ठेले पर हिमालय' किसकी रचना है?
→धर्मवीर भारती
Wednesday, June 19, 2019
राष्ट्रीयऔर अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिवस
1. लुईस ब्रेल दिवस
– 4 जनवरी
2. विश्व हास्य दिवस
– 10 जनवरी
3. राष्ट्रिय युवा दिवस
– 12 जनवरी
4. थल सेना दिवस
– 15 जनवरी
5. कुष्ठ निवारण दिवस
– 30 जनवरी
6. भारत पर्यटन दिवस
– 25 जनवरी
7. गणतंत्र दिवस
– 26 जनवरी
8. अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क एवं उत्पाद दिवस
– 26 जनवरी
9. सर्वोदय दिवस
– 30 जनवरी
10. शहीद दिवस
– 30 जनवरी
11. विश्व कैंसर दिवस
– 4 feb
12. गुलाब दिवस
– 12 फरवरी
13. वेलेंटाइन दिवस
– 14 फरवरी
14. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
– 21 फरवरी
15. केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस
– 24 फरवरी
16. राष्ट्रिय विज्ञानं दिवस
– 28 फरवरी
17. राष्ट्रिय सुरक्षा दिवस
– 4 मार्च
18. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
– 8 मार्च
19. के०औ०सु० बल की स्थापना दिवस
– 12 मार्च
20. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस
– 15 मार्च
21. आयुध निर्माण दिवस
– 18 मार्च
22. विश्व वानिकी दिवस
– 21 मार्च
23. विश्व जल दिवस
– 22 मार्च
24. भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीद दिवस
– 23 दिवस
25. विश्व मौसम विज्ञानं दिवस
– 23 मार्च
26. राममनोहर लोहिया जयंती
– 23 मार्च
27. विश्व टी०बी० दिवस
– 24 मार्च
28. ग्रामीण डाक जीवन बिमा दिवस
– 24 मार्च
29. गणेश शंकर विद्यार्थी का बलिदान दिवस
– 25 मार्च
30. बांग्लादेश का राष्ट्रिय दिवस
– 26 मार्च
31. विश्व थियेटर दिवस
– 27 मार्च
32. विश्व स्वास्थ दिवस
– 7 अप्रैल
33. अम्बेदकर जयंती
– 14 अप्रैल
34. विश्व वैमानिकी दिवस
– 14 अप्रैल
35. विश्व हीमोफीलिया दिवस
– 17 अप्रैल
36. विश्व विरासत दिवस
– 18 अप्रैल
37. पृथ्वी दिवस
– 22 अप्रैल
38. विश्व पुस्तक दिवस
– 23 अप्रैल
39. विश्व श्रमिक दिवस
– 1 मई
40. विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस
– 3 मई
41. विश्व प्रवासी पक्षी दिवस
– 8 मई
42. विश्व रेडक्रॉस दिवस
– 8 मई
43. अंतर्राष्ट्रीय थैलीसिमिया दिवस
– 8 मई
44. राष्ट्रिय प्रौधोगिकी दिवस
– 11 मई
45. विश्व संग्रहालय दिवस
– 18 मई
46. विश्व नर्स दिवस
– 12 मई
47. विश्व परिवार दिवस
– 15 मई
48. विश्व दूरसंचार दिवस
– 17 मई
49. आतंकवाद विरोधी दिवस
– 21 मई
50. जैविक विविधिता दिवस
– 22 मई
51. माउन्ट एवरेस्ट दिवस
– 29 मई
52. विश्व तम्बाकू रोधी दिवस
– 31 मई
53. विश्व पर्यावरण दिवस
– 5 जून
54. विश्व रक्तदान दिवस
– 14 जून
55. अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति स्थापना दिवस
– 6 जून
56. विश्व शरणार्थी दिवस
– 20 जून
57. राष्ट्रिय सांख्यिकी दिवस
– 29 जून
58. पी०सी० महालनोबिस का जन्म दिवस
– 29 जून
60. भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना दिवस
– 1 जुलाई
61. चिकित्सक दिवस
– 1 जुलाई
62. डॉ० विधानचंद्र राय का जन्म दिवस
– 1 जुलाई
63. विश्व जनसंख्या दिवस
– 11 जुलाई
64. कारगिल स्मृति दिवस
– 26 जुलाई
65. विश्व स्तनपान दिवस
– 1 अगस्त
66. विश्व युवा दिवस
– 12 अगस्त
67. स्वतंत्रता दिवस
– 15 अगस्त
68. राष्ट्रिय खेल दिवस
– 29 अगस्त
69. ध्यानचन्द्र का जन्म दिवस
– 29 अगस्त
70. शिक्षक दिवस
– 5 सितम्बर
71. अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस
– 8 सितम्बर
72. हिंदी दिवस
– 14 सितम्बर
73. विश्व-बंधुत्व एवं क्षमा याचना दिवस
– 14 सितम्बर
74. अभियंता दिवस
– 15 सितम्बर
75. संचयिता दिवस
– 15 सितम्बर
76. ओजोन परत रक्षण दिवस
– 16 सितम्बर
77. RPF की स्थापना दिवस
– 20 सितम्बर
78. विश्व शांति दिवस
– 21 सितम्बर
79. विश्व पर्यटन दिवस
– 27 सितम्बर
80. अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस
– 1 अक्टूबर
81. लाल बहादुर शास्त्री जयंती
– 2 अक्टूबर
82. अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस
– 2 अक्टूबर
83. विश्व प्रकृति दिवस
– 3 अक्टूबर
84. विश्व पशु-कल्याण दिवस
– 4 अक्टूबर
85. विश्व शिक्षक दिवस
– 5 अक्टूबर
86. विश्व वन्य प्राणी दिवस
– 6 अक्टूबर
87. वायु सेना दिवस
– 8 अक्टूबर
88. विश्व डाक दिवस
– 9 अक्टूबर
89. विश्व दृष्टि दिवस
– 10 अक्टूबर
90. जयप्रकाश जयंती
– 11 अक्टूबर
91. विश्व मानक दिवस
– 14 अक्टूबर
92. विश्व एलर्जी जागरूकता दिवस
– 16 अक्टूबर
93. विश्व खाद्य दिवस
– 16 अक्टूबर
94. विश्व आयोडीन अल्पता दिवस
– 21 अक्टूबर
95. संयुक्त राष्ट्र दिवस
– 24 अक्टूबर
96. विश्व मितव्ययिता दिवस
– 30 अक्टूबर
97. इंदिरा गाँधी की पुण्य तिथि
– 31 अक्टूबर
98. विश्व सेवा दिवस
– 9 नवम्बर
99. रा० विधिक साक्षरता दिवस
– 9 नवम्बर
100. बाल दिवस
– 14 नवम्बर
101. विश्व मधुमेह दिवस
– 14 नवम्बर
102. विश्व विधार्थी दिवस
– 17 नवम्बर
103. राष्ट्रिय पत्रकारिता दिवस
– 17 नवम्बर
104. विश्व व्यस्क दिवस
– 18 नवम्बर
105. विश्व नागरिक दिवस
– 19 नवम्बर
106. सार्वभौमिक बाल दिवस
– 20 नवम्बर
107. विश्व टेलीविजन दिवस
– 21 नवम्बर
108. विश्व मांसाहार निषेध दिवस
– 25 नवम्बर
109. विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस
– 26 नवम्बर
110. राष्ट्रिय विधि दिवस
– 26 नवम्बर
111. विश्व एड्स दिवस
– 1 दिसम्बर
112. नौसेना दिवस
– 4 दिसम्बर
113. रासायनिक दुर्घटना निवारण दिवस
– 4 दिसम्बर
114. अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस
– 5 दिसम्बर
115. नागरिक सुरक्षा दिवस
– 6 दिसम्बर
116. झंडा दिवस
– 7 दिसम्बर
117. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस
– 7 दिसम्बर
118. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस
– 10 दिसम्बर
119. विश्व बाल कोष दिवस
– 11 दिसम्बर
120. विश्व अस्थमा दिवस
– 11 दिसम्बर
121. राष्ट्रिय उर्जा संरक्षण दिवस
– 14 दिसम्बर
122. गोवा मुक्ति दिवस
– 19 दिसम्बर
123. किसान दिवस
– 23 दिसम्बर
124. राष्ट्रिय उपभोक्ता दिवस
– 24 दिसम्बर
125. CRPF का स्थापना दिवस
– 28 दिसम्बर
1. लुईस ब्रेल दिवस
– 4 जनवरी
2. विश्व हास्य दिवस
– 10 जनवरी
3. राष्ट्रिय युवा दिवस
– 12 जनवरी
4. थल सेना दिवस
– 15 जनवरी
5. कुष्ठ निवारण दिवस
– 30 जनवरी
6. भारत पर्यटन दिवस
– 25 जनवरी
7. गणतंत्र दिवस
– 26 जनवरी
8. अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क एवं उत्पाद दिवस
– 26 जनवरी
9. सर्वोदय दिवस
– 30 जनवरी
10. शहीद दिवस
– 30 जनवरी
11. विश्व कैंसर दिवस
– 4 feb
12. गुलाब दिवस
– 12 फरवरी
13. वेलेंटाइन दिवस
– 14 फरवरी
14. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
– 21 फरवरी
15. केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस
– 24 फरवरी
16. राष्ट्रिय विज्ञानं दिवस
– 28 फरवरी
17. राष्ट्रिय सुरक्षा दिवस
– 4 मार्च
18. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
– 8 मार्च
19. के०औ०सु० बल की स्थापना दिवस
– 12 मार्च
20. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस
– 15 मार्च
21. आयुध निर्माण दिवस
– 18 मार्च
22. विश्व वानिकी दिवस
– 21 मार्च
23. विश्व जल दिवस
– 22 मार्च
24. भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीद दिवस
– 23 दिवस
25. विश्व मौसम विज्ञानं दिवस
– 23 मार्च
26. राममनोहर लोहिया जयंती
– 23 मार्च
27. विश्व टी०बी० दिवस
– 24 मार्च
28. ग्रामीण डाक जीवन बिमा दिवस
– 24 मार्च
29. गणेश शंकर विद्यार्थी का बलिदान दिवस
– 25 मार्च
30. बांग्लादेश का राष्ट्रिय दिवस
– 26 मार्च
31. विश्व थियेटर दिवस
– 27 मार्च
32. विश्व स्वास्थ दिवस
– 7 अप्रैल
33. अम्बेदकर जयंती
– 14 अप्रैल
34. विश्व वैमानिकी दिवस
– 14 अप्रैल
35. विश्व हीमोफीलिया दिवस
– 17 अप्रैल
36. विश्व विरासत दिवस
– 18 अप्रैल
37. पृथ्वी दिवस
– 22 अप्रैल
38. विश्व पुस्तक दिवस
– 23 अप्रैल
39. विश्व श्रमिक दिवस
– 1 मई
40. विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस
– 3 मई
41. विश्व प्रवासी पक्षी दिवस
– 8 मई
42. विश्व रेडक्रॉस दिवस
– 8 मई
43. अंतर्राष्ट्रीय थैलीसिमिया दिवस
– 8 मई
44. राष्ट्रिय प्रौधोगिकी दिवस
– 11 मई
45. विश्व संग्रहालय दिवस
– 18 मई
46. विश्व नर्स दिवस
– 12 मई
47. विश्व परिवार दिवस
– 15 मई
48. विश्व दूरसंचार दिवस
– 17 मई
49. आतंकवाद विरोधी दिवस
– 21 मई
50. जैविक विविधिता दिवस
– 22 मई
51. माउन्ट एवरेस्ट दिवस
– 29 मई
52. विश्व तम्बाकू रोधी दिवस
– 31 मई
53. विश्व पर्यावरण दिवस
– 5 जून
54. विश्व रक्तदान दिवस
– 14 जून
55. अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति स्थापना दिवस
– 6 जून
56. विश्व शरणार्थी दिवस
– 20 जून
57. राष्ट्रिय सांख्यिकी दिवस
– 29 जून
58. पी०सी० महालनोबिस का जन्म दिवस
– 29 जून
60. भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना दिवस
– 1 जुलाई
61. चिकित्सक दिवस
– 1 जुलाई
62. डॉ० विधानचंद्र राय का जन्म दिवस
– 1 जुलाई
63. विश्व जनसंख्या दिवस
– 11 जुलाई
64. कारगिल स्मृति दिवस
– 26 जुलाई
65. विश्व स्तनपान दिवस
– 1 अगस्त
66. विश्व युवा दिवस
– 12 अगस्त
67. स्वतंत्रता दिवस
– 15 अगस्त
68. राष्ट्रिय खेल दिवस
– 29 अगस्त
69. ध्यानचन्द्र का जन्म दिवस
– 29 अगस्त
70. शिक्षक दिवस
– 5 सितम्बर
71. अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस
– 8 सितम्बर
72. हिंदी दिवस
– 14 सितम्बर
73. विश्व-बंधुत्व एवं क्षमा याचना दिवस
– 14 सितम्बर
74. अभियंता दिवस
– 15 सितम्बर
75. संचयिता दिवस
– 15 सितम्बर
76. ओजोन परत रक्षण दिवस
– 16 सितम्बर
77. RPF की स्थापना दिवस
– 20 सितम्बर
78. विश्व शांति दिवस
– 21 सितम्बर
79. विश्व पर्यटन दिवस
– 27 सितम्बर
80. अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस
– 1 अक्टूबर
81. लाल बहादुर शास्त्री जयंती
– 2 अक्टूबर
82. अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस
– 2 अक्टूबर
83. विश्व प्रकृति दिवस
– 3 अक्टूबर
84. विश्व पशु-कल्याण दिवस
– 4 अक्टूबर
85. विश्व शिक्षक दिवस
– 5 अक्टूबर
86. विश्व वन्य प्राणी दिवस
– 6 अक्टूबर
87. वायु सेना दिवस
– 8 अक्टूबर
88. विश्व डाक दिवस
– 9 अक्टूबर
89. विश्व दृष्टि दिवस
– 10 अक्टूबर
90. जयप्रकाश जयंती
– 11 अक्टूबर
91. विश्व मानक दिवस
– 14 अक्टूबर
92. विश्व एलर्जी जागरूकता दिवस
– 16 अक्टूबर
93. विश्व खाद्य दिवस
– 16 अक्टूबर
94. विश्व आयोडीन अल्पता दिवस
– 21 अक्टूबर
95. संयुक्त राष्ट्र दिवस
– 24 अक्टूबर
96. विश्व मितव्ययिता दिवस
– 30 अक्टूबर
97. इंदिरा गाँधी की पुण्य तिथि
– 31 अक्टूबर
98. विश्व सेवा दिवस
– 9 नवम्बर
99. रा० विधिक साक्षरता दिवस
– 9 नवम्बर
100. बाल दिवस
– 14 नवम्बर
101. विश्व मधुमेह दिवस
– 14 नवम्बर
102. विश्व विधार्थी दिवस
– 17 नवम्बर
103. राष्ट्रिय पत्रकारिता दिवस
– 17 नवम्बर
104. विश्व व्यस्क दिवस
– 18 नवम्बर
105. विश्व नागरिक दिवस
– 19 नवम्बर
106. सार्वभौमिक बाल दिवस
– 20 नवम्बर
107. विश्व टेलीविजन दिवस
– 21 नवम्बर
108. विश्व मांसाहार निषेध दिवस
– 25 नवम्बर
109. विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस
– 26 नवम्बर
110. राष्ट्रिय विधि दिवस
– 26 नवम्बर
111. विश्व एड्स दिवस
– 1 दिसम्बर
112. नौसेना दिवस
– 4 दिसम्बर
113. रासायनिक दुर्घटना निवारण दिवस
– 4 दिसम्बर
114. अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस
– 5 दिसम्बर
115. नागरिक सुरक्षा दिवस
– 6 दिसम्बर
116. झंडा दिवस
– 7 दिसम्बर
117. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस
– 7 दिसम्बर
118. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस
– 10 दिसम्बर
119. विश्व बाल कोष दिवस
– 11 दिसम्बर
120. विश्व अस्थमा दिवस
– 11 दिसम्बर
121. राष्ट्रिय उर्जा संरक्षण दिवस
– 14 दिसम्बर
122. गोवा मुक्ति दिवस
– 19 दिसम्बर
123. किसान दिवस
– 23 दिसम्बर
124. राष्ट्रिय उपभोक्ता दिवस
– 24 दिसम्बर
125. CRPF का स्थापना दिवस
– 28 दिसम्बर
Sunday, April 28, 2019
हिंदी साहित्य से संबधित प्रमुख पत्र/पत्रिकाएं
शुरू से 1900 ई. तक
पत्रिका का नाम- प्रकाशन वर्ष-आवृति- संस्थापक- प्रकाशन स्थल
*उदंत मार्तंड- 30 मई 1826- साप्ताहिक- पं. युगलकिशोर - कोलकता
नोट:- यह भारत का प्रथम हिंदी पत्र है|
*बंगदूत-1829 - साप्ताहिक- राजा राम मोहन राय- कोलकता
*प्रजामित्र- 1834- साप्ताहिक- - - कोलकता
*बनारस अखबार- 1854- साप्ताहिक- राजा शिव प्रसाद सितारे हिंद- बनारस
*मार्तंड- 1846 - साप्ताहिक - - - कोलकता
*सुधाकर- 1850- साप्ताहिक- तारामोहन- काशी
*बुद्धिप्रकाश- 1852- साप्ताहिक- सदासुख लाल- आगरा
* सामाचार सुधावर्षण- 1854- दैनिक- श्याम सुन्दर सेन- कोलकता
नोट:- भारत का प्रथम हिंदी दैनिक पत्र
*प्रजा हितैषी- 1855 - राजा लक्ष्मण सिंह- आगरा
*तत्त्वबोधिनी पत्रिका- 1865--- बरेली
*ज्ञानप्रदायिनी पत्रिका- 1866 -मासिक- लाहोर
* कवि वचन सुधा - 1868- मा. पा. सा. - भारतेंदु हरिश्चन्द्र- काशी
*बिहार-बंधु - 1871 - मासिक- केशवराय भट्ट- बाँकीपुर
* हरिश्चन्द्र मैगजीन- 1873- मासिक- भा. हरिश्चन्द्र- काशी(बनारस)
नोट:- शुरुआती आठ अंक तक यह पत्रिका 'हरिश्चन्द्र मैगजीन' नाम से प्रकाशित होती रही थी| नवें अंक में इसका नाम ' हरिश्चन्द्र चन्द्रिका ' रखा गया|
-हिंदी गद्य का ठिक परिष्कृत रूप इसी 'चन्द्रिका' में प्रकट हुआ|
*बालबोधनी- 1874- मासिक- भा. हरिश्चन्द्र- काशी
*भारतबंधु- 1874- साप्ताहिक- बाबू तोताराम- अलीगढ़
*हिंदी प्रदीप- 1877- मासिक- बालकृष्ण भट्ट- इलाहाबाद
*सारसुधानिधि - 1879- साप्ताहिक - कोलकता
*आनंद कादंबिनी -1881- मासिक- बदरीनारायण चौधरी- मिर्जापुर
*भारतेंदु - 1883- राधाचरण गोस्वामी - वृंदावन
*ब्राह्मण - 1883- मासिक - प्रतापनारायण मिश्र- कानपुर
*इंदु - 1883 - मासिक--- लाहौर
*भारतोदय - 1885- दैनिक - कानपुर
*हिंदी बंगवासी -1890- साप्ताहिक- कोलकता
*नागरी-नीरद -1893 - साप्ताहिक- बदरी नारायण चौधरी - मिर्जापुर
*साहित्य सुधानिधि- 1894- मासिक- काशी
*नागरी प्रचारिणी पत्रिका- 1896- त्रैमासिक- श्याम सुन्दर दास- काशी
*समस्यापूर्ति- 1897--- बांकीपुर
*उपन्यास पत्रिका- 1898- मासिक- किशोरीलाल गोस्वामी - काशी
*सरस्वती-1900 - मासिक- श्याम सुंदर दास- काशी/इलाहाबाद
*सुदर्शन -1900 - मासिक- देवकीनंदन खत्री - काशी
नोट:- संकलन में कोई त्रुटि हो तो जरूर बताएं |
शुरू से 1900 ई. तक
पत्रिका का नाम- प्रकाशन वर्ष-आवृति- संस्थापक- प्रकाशन स्थल
*उदंत मार्तंड- 30 मई 1826- साप्ताहिक- पं. युगलकिशोर - कोलकता
नोट:- यह भारत का प्रथम हिंदी पत्र है|
*बंगदूत-1829 - साप्ताहिक- राजा राम मोहन राय- कोलकता
*प्रजामित्र- 1834- साप्ताहिक- - - कोलकता
*बनारस अखबार- 1854- साप्ताहिक- राजा शिव प्रसाद सितारे हिंद- बनारस
*मार्तंड- 1846 - साप्ताहिक - - - कोलकता
*सुधाकर- 1850- साप्ताहिक- तारामोहन- काशी
*बुद्धिप्रकाश- 1852- साप्ताहिक- सदासुख लाल- आगरा
* सामाचार सुधावर्षण- 1854- दैनिक- श्याम सुन्दर सेन- कोलकता
नोट:- भारत का प्रथम हिंदी दैनिक पत्र
*प्रजा हितैषी- 1855 - राजा लक्ष्मण सिंह- आगरा
*तत्त्वबोधिनी पत्रिका- 1865--- बरेली
*ज्ञानप्रदायिनी पत्रिका- 1866 -मासिक- लाहोर
* कवि वचन सुधा - 1868- मा. पा. सा. - भारतेंदु हरिश्चन्द्र- काशी
*बिहार-बंधु - 1871 - मासिक- केशवराय भट्ट- बाँकीपुर
* हरिश्चन्द्र मैगजीन- 1873- मासिक- भा. हरिश्चन्द्र- काशी(बनारस)
नोट:- शुरुआती आठ अंक तक यह पत्रिका 'हरिश्चन्द्र मैगजीन' नाम से प्रकाशित होती रही थी| नवें अंक में इसका नाम ' हरिश्चन्द्र चन्द्रिका ' रखा गया|
-हिंदी गद्य का ठिक परिष्कृत रूप इसी 'चन्द्रिका' में प्रकट हुआ|
*बालबोधनी- 1874- मासिक- भा. हरिश्चन्द्र- काशी
*भारतबंधु- 1874- साप्ताहिक- बाबू तोताराम- अलीगढ़
*हिंदी प्रदीप- 1877- मासिक- बालकृष्ण भट्ट- इलाहाबाद
*सारसुधानिधि - 1879- साप्ताहिक - कोलकता
*आनंद कादंबिनी -1881- मासिक- बदरीनारायण चौधरी- मिर्जापुर
*भारतेंदु - 1883- राधाचरण गोस्वामी - वृंदावन
*ब्राह्मण - 1883- मासिक - प्रतापनारायण मिश्र- कानपुर
*इंदु - 1883 - मासिक--- लाहौर
*भारतोदय - 1885- दैनिक - कानपुर
*हिंदी बंगवासी -1890- साप्ताहिक- कोलकता
*नागरी-नीरद -1893 - साप्ताहिक- बदरी नारायण चौधरी - मिर्जापुर
*साहित्य सुधानिधि- 1894- मासिक- काशी
*नागरी प्रचारिणी पत्रिका- 1896- त्रैमासिक- श्याम सुन्दर दास- काशी
*समस्यापूर्ति- 1897--- बांकीपुर
*उपन्यास पत्रिका- 1898- मासिक- किशोरीलाल गोस्वामी - काशी
*सरस्वती-1900 - मासिक- श्याम सुंदर दास- काशी/इलाहाबाद
*सुदर्शन -1900 - मासिक- देवकीनंदन खत्री - काशी
नोट:- संकलन में कोई त्रुटि हो तो जरूर बताएं |
Friday, April 26, 2019
आदिकालीन कवियों की प्रमुख कृतियों का विवरण
१.अब्दुर्रहमान : संदेश रासक
२.नरपति नाल्ह : बीसलदेव रासो (अपभ्रंश हिंदी)
३.चंदबरदायी : पृथ्वीराज रासो (डिंगल-पिंगल हिंदी)
४.दलपति विजय : खुमान रासो (राजस्थानी हिंदी)
५.जगनिक : परमाल रासो
६.शार्गंधर : हम्मीर रासो
७.नल्ह सिंह : विजयपाल रासो
८.जल्ह कवि : बुद्धि रासो
९.माधवदास चारण : राम रासो
१०.देल्हण : गद्य सुकुमाल रासो
११.श्रीधर : रणमल छंद , पीरीछत रायसा
१२.जिनधर्मसूरि : स्थूलिभद्र रास
१३.गुलाब कवि : करहिया कौ रायसो
१४.शालिभद्रसूरि : भरतेश्वर बाहुबलिरास
१५.जोइन्दु : परमात्म प्रकाश
१६ भट्टकेदार : जयचंद प्रकाश
१७.मधुकर कवि : जसमयंक चंद्रिका
१८.स्वयंभू : पउम चरिउ
१९. योगसार :सानयधम्म दोहा
२०.हरप्रसाद शास्त्री : बौद्धगान और दोहा
२१.धनपाल : भवियत्त कहा
२२.लक्ष्मीधर : प्राकृत पैंगलम
२३.अमीर खुसरो : किस्सा चाहा दरवेश, खालिक बारी
२४.विद्यापति : कीर्तिलता, कीर्तिपताका, विद्यापति पदावली (मैथिली)
१.अब्दुर्रहमान : संदेश रासक
२.नरपति नाल्ह : बीसलदेव रासो (अपभ्रंश हिंदी)
३.चंदबरदायी : पृथ्वीराज रासो (डिंगल-पिंगल हिंदी)
४.दलपति विजय : खुमान रासो (राजस्थानी हिंदी)
५.जगनिक : परमाल रासो
६.शार्गंधर : हम्मीर रासो
७.नल्ह सिंह : विजयपाल रासो
८.जल्ह कवि : बुद्धि रासो
९.माधवदास चारण : राम रासो
१०.देल्हण : गद्य सुकुमाल रासो
११.श्रीधर : रणमल छंद , पीरीछत रायसा
१२.जिनधर्मसूरि : स्थूलिभद्र रास
१३.गुलाब कवि : करहिया कौ रायसो
१४.शालिभद्रसूरि : भरतेश्वर बाहुबलिरास
१५.जोइन्दु : परमात्म प्रकाश
१६ भट्टकेदार : जयचंद प्रकाश
१७.मधुकर कवि : जसमयंक चंद्रिका
१८.स्वयंभू : पउम चरिउ
१९. योगसार :सानयधम्म दोहा
२०.हरप्रसाद शास्त्री : बौद्धगान और दोहा
२१.धनपाल : भवियत्त कहा
२२.लक्ष्मीधर : प्राकृत पैंगलम
२३.अमीर खुसरो : किस्सा चाहा दरवेश, खालिक बारी
२४.विद्यापति : कीर्तिलता, कीर्तिपताका, विद्यापति पदावली (मैथिली)
Tuesday, April 23, 2019
हिन्दी भाषा – साहित्य प्रश्नोत्तरी
*1. भारतीय संविधान में हिंदी को राजभाषा के रूप में कब मान्यता प्राप्त हुई?*
(a) 14 सितंबर, 1949
(b) 15 अगस्त, 1947
(c) 14 सितंबर, 1948
(d) 14 सितंबर, 1975
(Ans : a)
*2. ‘तुलसीदास’ किस काल के कवि हैं?*
(a) आदिकाल
(b) आधुनिक काल
(c) भक्तिकाल
(d) रीतिकाल
(e) वीरगाथाकाल
(Ans : c)
*3. ‘कामायनी’ किसकी रचना है?*
(a) जायसी
(b) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
(c) जयशंकर प्रसाद
(d) महादेवी वर्मा
(e) सुमित्रानंदन पंत
(Ans : c)
*4. ‘क्ष’ कौन-से दो व्यंजनों के मेल से बना है?*
(a) क् + छ
(b) क् + ष
(c) क् + च
(d) क् + क्ष
(e) क् + श
(Ans : b)
*5. अग्नि का पर्यायवाची शब्द है–*
(a) सोम
(b) हुताशन
(c) अक्षि
(d) आलय
(e) अनिल
(Ans : b)
*6. कौन-सा शब्द शुद्ध लिखा गया है?*
(a) अतिथी
(b) अतीथी
(c) अतीथि
(d) अतिथि
(e) अतिथ
(Ans : d)
*7. शब्द का शुद्ध रूप पहचानिए–*
(a) बीमारी
(b) बिमारी
(c) बिमारि
(d) बीमारि
(e) बेमारी
(Ans : a)
*8. महा + ऋषि में संधि होने पर बनेगा–*
(a) महार्षि
(b) महोर्षि
(c) महर्षि
(d) माहार्षि
(e) महार्षी
(Ans : c)
*9. उपकार का विलोम है–*
(a) अउपकार
(b) निरूपकार
(c) अपकार
(d) प्रतिकार
(e) अनूपकार
(Ans : c)
*10. देवनागरी लिपि किस भाषा की लिपि है?*
(a) तमिल
(b) पंजाबी
(c) हिंदी
(d) उर्दू
(e) गुजराती
(Ans : c)
*11. ‘सच्चरित्र’ का संधि-विच्छेद होगा–*
(a) सद् + चरित्र
(b) सत् + चरित्र
(c) सतच + रित्र
(d) सच्च + रित्र
(e) सच् + चरित्र
(Ans : b)
*12. ‘न रहेगा बांस न बजेबी बांसुरी’ का अर्थ है–*
(a) बांस को नष्ट करना
(b) बांसुरी न बजाना
(c) झगड़े को जड़ से नष्ट कर देना
(d) किसी को उधार न देना
(e) बांसुरी को फेंकना
(Ans : c)
*13. ‘आज्ञापान करने वाले’ को कहते हैं–*
(a) आज्ञाकारी
(b) परोपकारी
(c) उपकारी
(d) सत्यवादी
(e) आज्ञार्थी
(Ans : a)
*14. ‘मुठ्ठी गरम करना’ का अर्थ है–*
(a) हाथ गरम करना
(b) घूस देना
(c) आग तापना
(d) झूठ बोलना
(e) हाथ में आग पकड़ना
(Ans : b)
🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰
🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰
*15. ‘राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय’ कहां है?*
(a) पुणे
(b) वाराणसी
(c) नई दिल्ली
(d) पटना
(e) वर्धा
(Ans : c)
*16. ‘मैं अपनी माताजी के लिए दवा ले आया हूँ’ वाक्य में ‘के लिए’ कौन-सा कारक है?*
(a) अधिकरण कारक
(b) संप्रदान कारक
(c) संबंध कारक
(d) कर्म कारक
(e) कर्ता कारक
(Ans : b)
*17. ‘वह बहुत सोता है’ वाक्य में सोता (सोना) कौन-सी क्रिया है?*
(a) अकर्मक
(b) सकर्मक
(c) प्रेरणार्थक
(d) सहायक क्रिया
(e) निरर्थक
(Ans : a)
*18. ‘चीफ की दावत’ कहानी के लेखक कौन हैं?*
(a) दुष्यंत कुमार
(b) भीष्म साहनी
(c) राजेंद्र प्रसाद
(d) डॉ. देवराज
(e) रघुवीर सहाय
(Ans : b)
*19. ‘गोदान’ उपन्यास के लेखक का नाम है–*
(a) मोहन राकेश
(b) विष्णु प्रभाकर
(c) रामधारीसिंह ‘दिनकर’
(d) प्रेमचंद
(e) जयशंकर प्रसाद
(Ans : d)
*20. सापेक्ष का विलोम है–*
(a) आपेक्ष
(b) निरपेक्ष
(c) असापेक्ष
(d) कुसापेक्ष
(e) उपेक्ष
(Ans : b)
*21. स्मरण का विलोम है–*
(a) भूलना
(b) अस्मरण
(c) विस्मरण
(d) सुस्मरण
(Ans : c)
*22. अथ का विलोम है–*
(a) पथ
(b) अंत
(c) प्रारंभ
(d) इति
(Ans : d)
*23. इनमें से कौन-सी रचना रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की है?*
(a) उर्वशी
(b) अंधायुग
(c) पल्लव
(d) नीहार
(Ans : a)
*24. इनमें से किस कवि ने अधिकतर कविताएं ब्रज भाषा में लिखी हैं?*
(a) मीराबाई
(b) जयशंकर प्रसाद
(c) सूरदास
(d) रहीम
(Ans : c)
*25. नामवर सिंह ने अधिकतर क्या लिखा है?*
(a) कविता
(b) कहानी
(c) संस्मरण
(d) आलोचना
(Ans : d)
*26. इनमें से कौन छायावादी कवि है?*
(a) तुलसीदास
(b) नागार्जुन
(c) सुमित्रानंदन पंत
(d) भारत भूषण अग्रवाल
(Ans : c)
*27. ‘संसद से सड़क तक’ काव्य-संकलन किसका है?*
(a) रघुवीर सहाय
(b) अज्ञेय
(c) सुदामा पांडेय ‘धूमिल’
(d) श्रीकांत वर्मा
(Ans : c)
*28. ‘रामलला नहछू’ किसकी रचना है?*
(a) घनानंद
(b) तुलसीदास
(c) रैदास
(d) रत्नाकार
(Ans : b)
*29. प्रभु जी तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अग बास समानी।।*
*किस संत कवि की पंक्तियां हैं?*
(a) कबीरदास
(b) गुरुनानक
(c) मलूकदास
(d) रैदास
(Ans : d)
*30. ‘रंगभूमि’ उपन्यास के लेखक कौन हैं?*
(a) अमरकांत
(b) प्रेमचंद
(c) रांगेय राघव
(d) राजेंद्र यादव
(Ans : b)
*1. भारतीय संविधान में हिंदी को राजभाषा के रूप में कब मान्यता प्राप्त हुई?*
(a) 14 सितंबर, 1949
(b) 15 अगस्त, 1947
(c) 14 सितंबर, 1948
(d) 14 सितंबर, 1975
(Ans : a)
*2. ‘तुलसीदास’ किस काल के कवि हैं?*
(a) आदिकाल
(b) आधुनिक काल
(c) भक्तिकाल
(d) रीतिकाल
(e) वीरगाथाकाल
(Ans : c)
*3. ‘कामायनी’ किसकी रचना है?*
(a) जायसी
(b) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
(c) जयशंकर प्रसाद
(d) महादेवी वर्मा
(e) सुमित्रानंदन पंत
(Ans : c)
*4. ‘क्ष’ कौन-से दो व्यंजनों के मेल से बना है?*
(a) क् + छ
(b) क् + ष
(c) क् + च
(d) क् + क्ष
(e) क् + श
(Ans : b)
*5. अग्नि का पर्यायवाची शब्द है–*
(a) सोम
(b) हुताशन
(c) अक्षि
(d) आलय
(e) अनिल
(Ans : b)
*6. कौन-सा शब्द शुद्ध लिखा गया है?*
(a) अतिथी
(b) अतीथी
(c) अतीथि
(d) अतिथि
(e) अतिथ
(Ans : d)
*7. शब्द का शुद्ध रूप पहचानिए–*
(a) बीमारी
(b) बिमारी
(c) बिमारि
(d) बीमारि
(e) बेमारी
(Ans : a)
*8. महा + ऋषि में संधि होने पर बनेगा–*
(a) महार्षि
(b) महोर्षि
(c) महर्षि
(d) माहार्षि
(e) महार्षी
(Ans : c)
*9. उपकार का विलोम है–*
(a) अउपकार
(b) निरूपकार
(c) अपकार
(d) प्रतिकार
(e) अनूपकार
(Ans : c)
*10. देवनागरी लिपि किस भाषा की लिपि है?*
(a) तमिल
(b) पंजाबी
(c) हिंदी
(d) उर्दू
(e) गुजराती
(Ans : c)
*11. ‘सच्चरित्र’ का संधि-विच्छेद होगा–*
(a) सद् + चरित्र
(b) सत् + चरित्र
(c) सतच + रित्र
(d) सच्च + रित्र
(e) सच् + चरित्र
(Ans : b)
*12. ‘न रहेगा बांस न बजेबी बांसुरी’ का अर्थ है–*
(a) बांस को नष्ट करना
(b) बांसुरी न बजाना
(c) झगड़े को जड़ से नष्ट कर देना
(d) किसी को उधार न देना
(e) बांसुरी को फेंकना
(Ans : c)
*13. ‘आज्ञापान करने वाले’ को कहते हैं–*
(a) आज्ञाकारी
(b) परोपकारी
(c) उपकारी
(d) सत्यवादी
(e) आज्ञार्थी
(Ans : a)
*14. ‘मुठ्ठी गरम करना’ का अर्थ है–*
(a) हाथ गरम करना
(b) घूस देना
(c) आग तापना
(d) झूठ बोलना
(e) हाथ में आग पकड़ना
(Ans : b)
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*15. ‘राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय’ कहां है?*
(a) पुणे
(b) वाराणसी
(c) नई दिल्ली
(d) पटना
(e) वर्धा
(Ans : c)
*16. ‘मैं अपनी माताजी के लिए दवा ले आया हूँ’ वाक्य में ‘के लिए’ कौन-सा कारक है?*
(a) अधिकरण कारक
(b) संप्रदान कारक
(c) संबंध कारक
(d) कर्म कारक
(e) कर्ता कारक
(Ans : b)
*17. ‘वह बहुत सोता है’ वाक्य में सोता (सोना) कौन-सी क्रिया है?*
(a) अकर्मक
(b) सकर्मक
(c) प्रेरणार्थक
(d) सहायक क्रिया
(e) निरर्थक
(Ans : a)
*18. ‘चीफ की दावत’ कहानी के लेखक कौन हैं?*
(a) दुष्यंत कुमार
(b) भीष्म साहनी
(c) राजेंद्र प्रसाद
(d) डॉ. देवराज
(e) रघुवीर सहाय
(Ans : b)
*19. ‘गोदान’ उपन्यास के लेखक का नाम है–*
(a) मोहन राकेश
(b) विष्णु प्रभाकर
(c) रामधारीसिंह ‘दिनकर’
(d) प्रेमचंद
(e) जयशंकर प्रसाद
(Ans : d)
*20. सापेक्ष का विलोम है–*
(a) आपेक्ष
(b) निरपेक्ष
(c) असापेक्ष
(d) कुसापेक्ष
(e) उपेक्ष
(Ans : b)
*21. स्मरण का विलोम है–*
(a) भूलना
(b) अस्मरण
(c) विस्मरण
(d) सुस्मरण
(Ans : c)
*22. अथ का विलोम है–*
(a) पथ
(b) अंत
(c) प्रारंभ
(d) इति
(Ans : d)
*23. इनमें से कौन-सी रचना रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की है?*
(a) उर्वशी
(b) अंधायुग
(c) पल्लव
(d) नीहार
(Ans : a)
*24. इनमें से किस कवि ने अधिकतर कविताएं ब्रज भाषा में लिखी हैं?*
(a) मीराबाई
(b) जयशंकर प्रसाद
(c) सूरदास
(d) रहीम
(Ans : c)
*25. नामवर सिंह ने अधिकतर क्या लिखा है?*
(a) कविता
(b) कहानी
(c) संस्मरण
(d) आलोचना
(Ans : d)
*26. इनमें से कौन छायावादी कवि है?*
(a) तुलसीदास
(b) नागार्जुन
(c) सुमित्रानंदन पंत
(d) भारत भूषण अग्रवाल
(Ans : c)
*27. ‘संसद से सड़क तक’ काव्य-संकलन किसका है?*
(a) रघुवीर सहाय
(b) अज्ञेय
(c) सुदामा पांडेय ‘धूमिल’
(d) श्रीकांत वर्मा
(Ans : c)
*28. ‘रामलला नहछू’ किसकी रचना है?*
(a) घनानंद
(b) तुलसीदास
(c) रैदास
(d) रत्नाकार
(Ans : b)
*29. प्रभु जी तुम चंदन हम पानी। जाकी अंग-अग बास समानी।।*
*किस संत कवि की पंक्तियां हैं?*
(a) कबीरदास
(b) गुरुनानक
(c) मलूकदास
(d) रैदास
(Ans : d)
*30. ‘रंगभूमि’ उपन्यास के लेखक कौन हैं?*
(a) अमरकांत
(b) प्रेमचंद
(c) रांगेय राघव
(d) राजेंद्र यादव
(Ans : b)
Friday, April 19, 2019
*वस्तुनिष्ठ हिन्दी साहित्य प्रश्नोतर*
1. वीर गाथा काल का मुख्य रस है -
(अ) शांत (ब) वीर ✅
(स) श्रंगार (द) हास्य
2. हिन्दी साहित्य का स्वर्ण युग किसे कहा जाता है-
(अ) वीर गाथा काल (ब) आधुनिक काल
(स) रीतिकाल (द) भक्ति काल ✅
3. वीर गाथा काल के काव्य की मुख्य भाषा है -
(अ) बुन्देली (ब) अवधी
(स) डिंगल-पिगल✅ (द) खडी बोली
4. 'रामचरित मानस' की काव्य भाषा है -
(अ) ब्रज (ब) अवधी ✅
(स) डिंगल-पिगल (द) खडी बोली
5. 'रामचरित मानस' में प्रयुक्त प्रमुख छंद है -
(अ) छप्पय (ब) चौपाई एवं दोहा✅
(स) सवैया (द) कुण्डलियाँ
5. 'रामचरित मानस' के रचनाकार हैं -
(अ) तुलसीदास✅ (ब) सूरदास
(स) पद्माकर (द) जयशंकर प्रसाद
6. वीरगाथा काल की प्रसिध्द रचना है-
(अ) साकेत (ब) प्रियप्रवास
(स) पृथ्वीराज रासो ✅ (द) कामायनी
7. भक्ति काल की काव्य भाषा है -
(अ) ब्रज (ब) अवधी
(स) ब्रज एवं अवधी दोनों ✅(द) खडी बोली
8. वीरगाथा काल की अवधि है -
(अ) संवत् 1050 से संवत् 1375 तक ✅
(ब) संवत् 1375 से संवत् 1700 तक
(स) संवत् 1700 से संवत् 1900 तक
(द) संवत् 1900 से अब तक
9. निम्न में से कौन कवि वीरगाथा काल के नहीं हैं -
(अ) पद्माकर ✅ (ब) चंदरबरदाई
(स) नरपति नाल्ह (द) जगनिक
10. खुमान रासो के रचनाकार हैं -
(अ) दलपति विजय ✅ (ब) चंदरबरदाई
(स) नरपति नाल्ह (द) जगनिक
11. कीर्तिलता और कीर्तिपताका के रचनाकार हैं-
(अ) विद्यापति ✅ (ब) चंदरबरदाई
(स) नरपति नाल्ह (द) जगनिक
12. कीर्तिलता और कीर्तिपताका किस काल की रचना है -
(अ) वीर गाथा काल ✅ (ब) आधुनिक काल
(स) रीतिकाल (द) भक्ति काल
13. राम भक्ति शाखा के प्रवर्तक हैं-
(अ) रामानन्द ✅ (ब) बल्लभाचार्य
(स) तुलसीदास (द) सूरदास
14. राम भक्ति शाखा के प्रमुख कवि हैं-
(अ) जायसी (ब) मीरा
(स) तुलसीदास ✅ (द) सूरदास
15. भक्ति काल के सर्वाधिक प्रसिध्द ग्रन्थ का नाम है -
(अ) पद्मावत (ब) सूरसागर
(स) रामचरित मानस ✅ (द) बीजक
16. रामचरित मानस है -
(अ) मुक्तक काव्य (ब) खण्ड काव्य
(स) महाकाव्य ✅ (द) गद्य काव्य
17. राम भक्ति शाखा के कवि नहीं हैं -
(अ) हृदयराम (ब) नाभादास
(स) अग्रदास (द) सूरदास ✅
18.प्राणचन्द चौहान का सम्बन्ध है -
(अ) राम भक्ति शाखा ✅ (ब) प्रेममार्गी शाखा
(स) ज्ञानमार्गी शाखा (द) कृष्णभक्ति शाखा
19. विद्यापति की पदावली है -
(अ) मुक्तक काव्य ✅ (ब) खण्ड काव्य
(स) महाकाव्य (द) गद्य काव्य
20. कीर्तिलता और कीर्तिपताका की रचना किस भाषा में की गई है -
(अ) ब्रज (ब) अवधी
(स) अवहट्ट ✅ (द) मैथिली
21. विद्यापति की पदावली की काव्य भाषा है -
(अ) ब्रज (ब) अवधी
(स) अवहट्ट (द)मैथिली ✅
22. नाथ साहित्य के प्रवर्तक हैं -
(अ) गोरखनाथ (ब) मछंदर नाथ ✅
(स) जलंधर नाथ (द) आदि नाथ
23. अमीर खुसरो किस काल के कवि हैं -
(अ) वीर गाथा काल ✅ (ब) आधुनिक काल
(स) रीतिकाल (द) भक्ति काल
24. शुक्ल जी के अनुसार हिन्दी का प्रथम महाकाव्य है -
(अ) पद्मावत (ब) पृथ्वीराज रासो ✅
(स) रामचरित मानस (द) कीर्तिलता
25. 'चर्यापद' किनकी रचना है -
(अ) सरहपा (ब) सबरपा✅
(स) स्वयंभू (द) गोरखनाथ
26. 'पउम चरिउ ' किसकी रचना है -
(अ) सरहपा (ब) सबरपा
(स) स्वयंभू ✅ (द) गोरखनाथ
27. भक्तिकाल के लोकनायक कवि हैं -
(अ) जायसी (ब) मीरा
(स) तुलसीदास ✅ (द) सूरदास
28 तुलसीदास की भक्ति थी -
(अ) दास्य भाव ✅ (ब) सख्य भाव
(स) प्रेम भाव (द) पतिभाव
29. कृष्ण भक्ति शाखा के प्रवर्तक हैं -
(अ) रामानन्द (ब) बल्लभाचार्य ✅
(स) तुलसीदास (द) सूरदास
30. कृष्ण भक्ति शाखा के प्रमुख कवि हैं -
(अ) जायसी (ब) मीरा
(स) तुलसीदास (द) सूरदास ✅
31. सूरदास जी के गुरु थे -
(अ) रामानन्द (ब) बल्लभाचार्य ✅
(स) नाभादास (द) रामानुज
32. वात्सल्य रस के सम्राट हैं -
(अ) महादेवी वर्मा (ब) मीरा
(स) तुलसीदास (द) सूरदास ✅
33. ज्ञानमार्गी शाखा के प्रमुख कवि हैं -
(अ) जायसी (ब) कबीरदास ✅
(स) तुलसीदास (द) सूरदास
34. 'वाणी का डिक्टेटर' (भाषा का तानाशाह ) कहा जाता है -
(अ) अज्ञेय (ब) कबीरदास ✅
(स) नागार्जुन (द) निराला
35. सूरदास के आराध्य हैं -
(अ) राम (ब) कृष्ण ✅
(स) शिव (द) पार्वती
36. सूरदास की भक्ति --है -
(अ) दास्य भाव (ब) सख्य भाव ✅
(स) प्रेम भाव (द) पतिभाव
37. 'सूरसागर' की काव्य भाषा है -
(अ) ब्रज ✅ (ब) अवधी
(स) बुन्देलखंडी (द) मैथिली
38. भक्तिकाल को कहा जाता है -
(अ) आदिकाल (ब) उत्तर मध्यकाल
(स) पूर्व मध्यकाल ✅ (द) आधुनिक काल
39. भक्तिकाल की कालावधि है -
(अ) संवत् 1050 से संवत् 1375 तक
(ब) संवत् 1375 से संवत् 1700 तक ✅
(स) संवत् 1700 से संवत् 1900 तक
(द) संवत् 1900 से अब तक
40. कृष्ण भक्ति शाखा के कवि नहीं हैं -
(अ) नन्ददास (ब) कुम्भनदास
(स) परमानन्द दास (द) अग्रदास ✅
41. अष्टछाप कवि हैं -
(अ) जायसी (ब) मीरा
(स) तुलसीदास (द) सूरदास ✅
42. रसखान किस काल के कवि हैं -
(अ) आदिकाल (ब) पूर्व मध्यकाल ✅
(स) उत्तर मध्यकाल (द) आधुनिक काल
43. 'मैथिल कोकिल' के नाम से जाने जाते हैं -
(अ) बिहारी (ब) मैथिलीशरण गुप्त
(स) विद्यापति ✅ (द) महादेवी वर्मा
44. 'अष्टछाप का जहाज ' किसे कहा जाता है -
(अ) नंददास (ब)सूरदास ✅
(स) विट्ठलनाथ (द) बल्लभाचार्य
45. 'तुलसी का सारा काव्य समन्वय की विराट चेष्टा है ' किसने कहा है -
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल (ब) हजारी प्रसाद द्विवेदी ✅
(स) श्यामसुंदर दास (द) जयशंकर प्रसाद
46. 'मदनाष्टक ' के रचनाकार हैं -
(अ) नंददास ✅ (ब) सूरदास
(स)परमानन्द दास (द) रहीमदास
47. राम भक्ति कवि नहीं हैं -
(अ) नाभादास ✅ (ब) छीतस्वामी
(स) केशवदास (द) नरहरिदास
48. गदाधर भट्ट किस भक्ति संप्रदाय से संबध्द थे -
(अ) बल्लभ संप्रदाय ✅ (ब) निम्बार्क संप्रदाय
(स) राधा बल्लभ संप्रदाय (द) चैतन्य संप्रदाय
49. 'पुष्टि मार्ग' का आधार ग्रन्थ है -
(अ) रामचरित मानस (ब) गीता
(स) श्रीमद्भागवत ✅ (द) पद्मावत
50. निम्न में से कौन कृष्ण भक्त कवि संप्रदाय निरपेक्ष थे -
(अ) तुलसीदास (ब) सूरदास ✅
(स) मीरा (द) स्वामी हरिदास
1. वीर गाथा काल का मुख्य रस है -
(अ) शांत (ब) वीर ✅
(स) श्रंगार (द) हास्य
2. हिन्दी साहित्य का स्वर्ण युग किसे कहा जाता है-
(अ) वीर गाथा काल (ब) आधुनिक काल
(स) रीतिकाल (द) भक्ति काल ✅
3. वीर गाथा काल के काव्य की मुख्य भाषा है -
(अ) बुन्देली (ब) अवधी
(स) डिंगल-पिगल✅ (द) खडी बोली
4. 'रामचरित मानस' की काव्य भाषा है -
(अ) ब्रज (ब) अवधी ✅
(स) डिंगल-पिगल (द) खडी बोली
5. 'रामचरित मानस' में प्रयुक्त प्रमुख छंद है -
(अ) छप्पय (ब) चौपाई एवं दोहा✅
(स) सवैया (द) कुण्डलियाँ
5. 'रामचरित मानस' के रचनाकार हैं -
(अ) तुलसीदास✅ (ब) सूरदास
(स) पद्माकर (द) जयशंकर प्रसाद
6. वीरगाथा काल की प्रसिध्द रचना है-
(अ) साकेत (ब) प्रियप्रवास
(स) पृथ्वीराज रासो ✅ (द) कामायनी
7. भक्ति काल की काव्य भाषा है -
(अ) ब्रज (ब) अवधी
(स) ब्रज एवं अवधी दोनों ✅(द) खडी बोली
8. वीरगाथा काल की अवधि है -
(अ) संवत् 1050 से संवत् 1375 तक ✅
(ब) संवत् 1375 से संवत् 1700 तक
(स) संवत् 1700 से संवत् 1900 तक
(द) संवत् 1900 से अब तक
9. निम्न में से कौन कवि वीरगाथा काल के नहीं हैं -
(अ) पद्माकर ✅ (ब) चंदरबरदाई
(स) नरपति नाल्ह (द) जगनिक
10. खुमान रासो के रचनाकार हैं -
(अ) दलपति विजय ✅ (ब) चंदरबरदाई
(स) नरपति नाल्ह (द) जगनिक
11. कीर्तिलता और कीर्तिपताका के रचनाकार हैं-
(अ) विद्यापति ✅ (ब) चंदरबरदाई
(स) नरपति नाल्ह (द) जगनिक
12. कीर्तिलता और कीर्तिपताका किस काल की रचना है -
(अ) वीर गाथा काल ✅ (ब) आधुनिक काल
(स) रीतिकाल (द) भक्ति काल
13. राम भक्ति शाखा के प्रवर्तक हैं-
(अ) रामानन्द ✅ (ब) बल्लभाचार्य
(स) तुलसीदास (द) सूरदास
14. राम भक्ति शाखा के प्रमुख कवि हैं-
(अ) जायसी (ब) मीरा
(स) तुलसीदास ✅ (द) सूरदास
15. भक्ति काल के सर्वाधिक प्रसिध्द ग्रन्थ का नाम है -
(अ) पद्मावत (ब) सूरसागर
(स) रामचरित मानस ✅ (द) बीजक
16. रामचरित मानस है -
(अ) मुक्तक काव्य (ब) खण्ड काव्य
(स) महाकाव्य ✅ (द) गद्य काव्य
17. राम भक्ति शाखा के कवि नहीं हैं -
(अ) हृदयराम (ब) नाभादास
(स) अग्रदास (द) सूरदास ✅
18.प्राणचन्द चौहान का सम्बन्ध है -
(अ) राम भक्ति शाखा ✅ (ब) प्रेममार्गी शाखा
(स) ज्ञानमार्गी शाखा (द) कृष्णभक्ति शाखा
19. विद्यापति की पदावली है -
(अ) मुक्तक काव्य ✅ (ब) खण्ड काव्य
(स) महाकाव्य (द) गद्य काव्य
20. कीर्तिलता और कीर्तिपताका की रचना किस भाषा में की गई है -
(अ) ब्रज (ब) अवधी
(स) अवहट्ट ✅ (द) मैथिली
21. विद्यापति की पदावली की काव्य भाषा है -
(अ) ब्रज (ब) अवधी
(स) अवहट्ट (द)मैथिली ✅
22. नाथ साहित्य के प्रवर्तक हैं -
(अ) गोरखनाथ (ब) मछंदर नाथ ✅
(स) जलंधर नाथ (द) आदि नाथ
23. अमीर खुसरो किस काल के कवि हैं -
(अ) वीर गाथा काल ✅ (ब) आधुनिक काल
(स) रीतिकाल (द) भक्ति काल
24. शुक्ल जी के अनुसार हिन्दी का प्रथम महाकाव्य है -
(अ) पद्मावत (ब) पृथ्वीराज रासो ✅
(स) रामचरित मानस (द) कीर्तिलता
25. 'चर्यापद' किनकी रचना है -
(अ) सरहपा (ब) सबरपा✅
(स) स्वयंभू (द) गोरखनाथ
26. 'पउम चरिउ ' किसकी रचना है -
(अ) सरहपा (ब) सबरपा
(स) स्वयंभू ✅ (द) गोरखनाथ
27. भक्तिकाल के लोकनायक कवि हैं -
(अ) जायसी (ब) मीरा
(स) तुलसीदास ✅ (द) सूरदास
28 तुलसीदास की भक्ति थी -
(अ) दास्य भाव ✅ (ब) सख्य भाव
(स) प्रेम भाव (द) पतिभाव
29. कृष्ण भक्ति शाखा के प्रवर्तक हैं -
(अ) रामानन्द (ब) बल्लभाचार्य ✅
(स) तुलसीदास (द) सूरदास
30. कृष्ण भक्ति शाखा के प्रमुख कवि हैं -
(अ) जायसी (ब) मीरा
(स) तुलसीदास (द) सूरदास ✅
31. सूरदास जी के गुरु थे -
(अ) रामानन्द (ब) बल्लभाचार्य ✅
(स) नाभादास (द) रामानुज
32. वात्सल्य रस के सम्राट हैं -
(अ) महादेवी वर्मा (ब) मीरा
(स) तुलसीदास (द) सूरदास ✅
33. ज्ञानमार्गी शाखा के प्रमुख कवि हैं -
(अ) जायसी (ब) कबीरदास ✅
(स) तुलसीदास (द) सूरदास
34. 'वाणी का डिक्टेटर' (भाषा का तानाशाह ) कहा जाता है -
(अ) अज्ञेय (ब) कबीरदास ✅
(स) नागार्जुन (द) निराला
35. सूरदास के आराध्य हैं -
(अ) राम (ब) कृष्ण ✅
(स) शिव (द) पार्वती
36. सूरदास की भक्ति --है -
(अ) दास्य भाव (ब) सख्य भाव ✅
(स) प्रेम भाव (द) पतिभाव
37. 'सूरसागर' की काव्य भाषा है -
(अ) ब्रज ✅ (ब) अवधी
(स) बुन्देलखंडी (द) मैथिली
38. भक्तिकाल को कहा जाता है -
(अ) आदिकाल (ब) उत्तर मध्यकाल
(स) पूर्व मध्यकाल ✅ (द) आधुनिक काल
39. भक्तिकाल की कालावधि है -
(अ) संवत् 1050 से संवत् 1375 तक
(ब) संवत् 1375 से संवत् 1700 तक ✅
(स) संवत् 1700 से संवत् 1900 तक
(द) संवत् 1900 से अब तक
40. कृष्ण भक्ति शाखा के कवि नहीं हैं -
(अ) नन्ददास (ब) कुम्भनदास
(स) परमानन्द दास (द) अग्रदास ✅
41. अष्टछाप कवि हैं -
(अ) जायसी (ब) मीरा
(स) तुलसीदास (द) सूरदास ✅
42. रसखान किस काल के कवि हैं -
(अ) आदिकाल (ब) पूर्व मध्यकाल ✅
(स) उत्तर मध्यकाल (द) आधुनिक काल
43. 'मैथिल कोकिल' के नाम से जाने जाते हैं -
(अ) बिहारी (ब) मैथिलीशरण गुप्त
(स) विद्यापति ✅ (द) महादेवी वर्मा
44. 'अष्टछाप का जहाज ' किसे कहा जाता है -
(अ) नंददास (ब)सूरदास ✅
(स) विट्ठलनाथ (द) बल्लभाचार्य
45. 'तुलसी का सारा काव्य समन्वय की विराट चेष्टा है ' किसने कहा है -
(अ) आचार्य रामचंद्र शुक्ल (ब) हजारी प्रसाद द्विवेदी ✅
(स) श्यामसुंदर दास (द) जयशंकर प्रसाद
46. 'मदनाष्टक ' के रचनाकार हैं -
(अ) नंददास ✅ (ब) सूरदास
(स)परमानन्द दास (द) रहीमदास
47. राम भक्ति कवि नहीं हैं -
(अ) नाभादास ✅ (ब) छीतस्वामी
(स) केशवदास (द) नरहरिदास
48. गदाधर भट्ट किस भक्ति संप्रदाय से संबध्द थे -
(अ) बल्लभ संप्रदाय ✅ (ब) निम्बार्क संप्रदाय
(स) राधा बल्लभ संप्रदाय (द) चैतन्य संप्रदाय
49. 'पुष्टि मार्ग' का आधार ग्रन्थ है -
(अ) रामचरित मानस (ब) गीता
(स) श्रीमद्भागवत ✅ (द) पद्मावत
50. निम्न में से कौन कृष्ण भक्त कवि संप्रदाय निरपेक्ष थे -
(अ) तुलसीदास (ब) सूरदास ✅
(स) मीरा (द) स्वामी हरिदास
Thursday, November 29, 2018
Hindi special
✒ *HINDI SPECIAL*
प्रश्न 1- किस युग को आधुनिक हिन्दी कविता का सिंहद्वार कहा जाता है।
उत्तर - भारतेन्दु युग को ।
प्रश्न 2- द्विवेदी युग के प्रवर्तक कौन थे।
उत्तर - महावीर प्रसाद द्विवेदी ।
प्रश्न 3- हिन्दी का पहला सामाजिक उपन्यास कौन सा माना जाता है।
उत्तर - भाग्यवती ।
प्रश्न 4- सन् 1950 से पहले हिन्दी् कविता किस कविता के रूप में जानी जाती थी।
उत्तर - प्रयोगवादी ।
प्रश्न 5- ब्रज भाषा का सर्वोत्तम कवि है।
उत्तर - सूरदास ।
प्रश्न 6- आदिकाल के बाद हिन्दी में किस साहित्य का उदय हुआ ।
उत्तर - भक्ति साहित्य का ।
प्रश्न 7- निर्गुण भक्ति काव्य के प्रमुख कवि है।
उत्तर - कबीरदास ।
प्रश्न 8- किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है।
उत्तर - भक्ति काल को ।
प्रश्न 9- हिन्दी का आदि कवि किसे माना जाता है।
उत्तर - स्व्यंभू ।
प्रश्न 10- आधुनिक काल का समय कब से माना जाता है।
उत्तर - 1900 से अब तक ।
प्रश्न 11- जयशंकर प्रसाद की सर्वश्रेष्ठ रचना कौन सी है।
उत्तर - कामायनी ।
प्रश्न 12- बिहारी ने क्या लिखे है।
उत्तर - दोहे ।
प्रश्न 13- कबीर किसके शिष्य थे।
उत्तर - रामानन्द ।
प्रश्न 14- पद्यावत महाकाव्य कौन सी भाषा में लिखा है।
उत्तर - अवधी ।
प्रश्न 15- चप्पू किसे कहा जाता है।
उत्तर - गद्य और पद्य मिश्रित रचनाओं को ।
प्रश्न 16- कलाधर उपनाम से कविता कौन से कवि लिखते थे।
उत्तर - जयशंकर प्रसाद ।
प्रश्न 17- रस निधि किस कवि का उपनाम है।
उत्तर - पृथ्वी सिंह ।
प्रश्न 18- प्रेमचन्द्र के अधुरे उपन्यांस का नाम है।
उत्तर - मंगलसूत्र ।
प्रश्न 19- हिन्दी का सर्वाधिक नाटककार कौन है।
उत्तर - जयशंकर प्रसाद ।
प्रश्न 20- तुलसीकृत रामचरित मानस में कौन सी भाषा का प्रयोग किया गया है।
उत्तर - अवधी भाषा का प्रयोग किया गया है।
प्रश्न 21- एकांकी के जन्मदाता कौन है।
उत्तर - धर्मवीर भारती ।
प्रश्न 22- मीराबाई ने किस भाव से कृष्ण की उपासना की ।
उत्तर - माधुर्य भाव से ।
प्रश्न 23- रामचरित मानस का प्रधान रस है।
उत्तर - शान्त रस ।
प्रश्न 24- सबसे पहले अपनी आत्मकथा हिन्दी में किसने लिखी ।
उत्तर - डॉं. राजेन्द्र प्रसाद ने ।
प्रश्न 25- हिन्दी कविता का पहला महाकाव्य् कौन सा है।
उत्तर - पृथ्वीराज रासो ।
प्रश्न 26- हिन्दी के सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र का नाम क्या है।
उत्तर - उदन्ड मार्तण्ड ।
प्रश्न 27- हिन्दी साहित्य की प्रथम कहानी है।
उत्तर - इन्दुमती ।
प्रश्न 28- आंचलिक रचनाऍं किससे सम्बन्धित होती है।
उत्तर - क्षेत्र विषेश से ।
प्रश्न 29- पृथ्वीराज रासो किस काल की रचना है ।
उत्तर - आदिकाल की ।
प्रश्न 30- हिन्दी गद्य का जन्म दाता किसको माना जाता है।
उत्तर - भारतेन्दु हरिचन्द्र जी को ।
प्रश्न 31- कवि कालिदास की ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ का हिन्दी अनुवाद किसने किया।
उत्तर - राजा लक्ष्मणसिंह ने ।
प्रश्न 32- पद्य साहित्य को कितने भागों में बॉंटा गया है।
उत्तर - पन्द्रह भागों में ।
प्रश्न 33- कवि नरेन्द्र शर्मा ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के निधन से प्रभावित होकर कौन सी रचना की ।
उत्तर - रक्त चन्दन की रचना की ।
प्रश्न 34- नाट्यशास्त्रकारों द्वारा अमान्य रस कौन सा है।
उत्तर - वीभत्स रस ।
प्रश्न 35- काव्य शास्त्र का प्राचीनतम नाम क्या था।
उत्तर - अलंकार शास्त्र ।
प्रश्न 36- रीति सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे।
उत्तर - आचार्य वामन ।
प्रश्न 37- हिन्दी में काव्य शास्त्र के प्रथम आचार्य कौन है।
उत्तर - केशवदास ।
प्रश्न 38- साहित्य शब्द् किस शब्द से बना है।
उत्तर - सहित शब्द से बना है।
प्रश्न 39- हिन्दी साहित्य में जीवनी साहित्य का प्रारम्भ कौन से युग में हुआ ।
उत्तर - भारतेंदु युग में ।
प्रश्न 40- हिन्दी भाषा और सांहित्य के लेखक है।
उत्तर - श्यामसुंदरदास ।
प्रश्न 41- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । यह किसने कहा ।
उत्तर - अरस्तू ने ।
प्रश्न 42- भाषा किसे कहते है।
उत्तर - मनुष्य अपने मानसिक विचारों की अभिव्यक्ति के लिए जिस माध्यम का प्रयोग करता है। वह भाषा कहलाती है।
प्रश्न 43- भाषा शब्द की उत्पत्ति कहॉ से हुई है।
उत्तर - भाषा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के भाष धातु से हुई है।
प्रश्न 44- सामान्य् शब्दों मे हम भाषा को किस तरह से व्यक्तु करेगे ।
उत्तर - भाषा वह साधन है । जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों या विचारों को बोलकर या लिखकर दूसरे मनुष्यो तक पहुँचाता है।
प्रश्न 45- भाषा को मोटे रूप में कितने भागों मे बांटा गया है।
उत्तर - भाषा को मोटे रूप में 2 भागों मे बांटा गया है।
1. लिखित भाषा
2. मौखिक भाषा
प्रश्न 46- हिन्दी भाषा का सम्बंन्ध किस लिपि से है।
उत्तर - देवनागरी लिपि से है।
प्रश्न 7- बोलने वालो की संख्या की दृष्टि से हिन्दी का विश्व मे कौन सा स्थान है।
उत्तर - तीसरा ।
प्रश्न 48- सूरदास के काव्य किस भाषा में है।
उत्तर - ब्रजभाषा में ।
प्रश्न 49- संविधान के किस अनुच्छे्द में कहा गया है – ‘’ संघ की राजभाषा हिन्दी् और लिपि देवनागरी होगी ‘’ ।
उत्तर - 343 वें अनुच्छेद में कहॉ गया ।
प्रश्न 50- हिन्दी शब्द की व्युात्पात्ति कहॉ से हुई है।
उत्तर - सिंधु से ।
प्रश्न 51- वर्तमान हिन्दी का प्रचलित रूप कैसा है।
उत्तर - खडी बोली ।
प्रश्न 52- जिन ध्वनियों के संयोग से शब्दों का निर्माण होता है। उन्हें क्या कहते है।
उत्तर - वर्ण ।
प्रश्न 53- स्वरों की संख्या कितनी मानी गई है।
उत्तर - 11 ।
प्रश्न 54- हिन्दी मानक वर्ण माला में कुल कितने वर्ण है।
उत्तर - 52 ।
प्रश्न 55- अन्तस्थ व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्तर - 4 ।
प्रश्न 56- हिन्दी वर्ण माला को कितने भागों में विभक्त किया गया है।
उत्तर - दो भागो में ।
प्रश्न 57- हिन्दो वर्ण माला में स्पर्श व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्तर - 25 ।
प्रश्न 58- मात्रा के आधार पर हिन्दी स्वंरों के दो भेद कौन से है।
उत्तर - हस्वर और दीर्घ ।
प्रश्न 59- ‘ क्ष ‘ वर्ण किसके योग से बना है।
उत्तर - ‘’ क् + ष ‘’ से बना है।
प्रश्न 60- हिन्दी वर्ण माला में व्यंजनों की संख्या है।
उत्तर - 33 व्यंजन है।
प्रश्न 61- सूरदास का काव्य किस भाषा में है।
उत्तर - ब्रजभाषा में ।
प्रश्न 62- हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग की स्थापना कब हुई ।
उत्तर - 1910 में ।
प्रश्न 63- संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लेखित भारतीय भाषाओं की संख्या है।
उत्तर - 22 ।
प्रश्न 64- हिन्दी की विशिष्ट बोली ब्रज भाषा किस रूप में सबसे अधिक प्रसिद्ध है।
उत्तर - काव्य भाषा ।
प्रश्न 65- देवनागरी लिपि किस लिपि का विकसित रूप है।
उत्तर - ब्राम्ही लिपि ।
प्रश्न 66- रामायण महाभारत आदि ग्रन्थ कौन सी भाषा में लिखे गये है।
उत्तर - आर्यभाषा में ।
प्रश्न 67- विद्यापति की प्रसिद्ध रचना पदावली किस भाषा में लिखी गई है।
उत्तर - मैथिली में ।
प्रश्न 68- भारत में हिन्दी का संवैधानिक स्वरूप है।
उत्तर - राजभाषा । ।
प्रश्न 69- जाटू किस बोली का उपनाम है।
उत्तर - बॉगरू ।
प्रश्न 70- ''एक मनई के दुई बेटवे रहिन'' यह अवतरण हिन्दी की किस बोली में है।
उत्तर - भोजपुरी से ।
प्रश्न 71- हिन्दी का पहला नाटक है।
उत्तर - नहुष ।
प्रश्न 72- कबीरदास की भाषा थी।
उत्तर - सधुक्कडी ।
प्रश्न 73- कलम का जादूगर किसे कहा जाता है।
उत्तर - रामवृक्ष बेनीपुरी को ।
प्रश्न 74- प्रगतिवाद उपयोगितावाद का दूसरा नाम है। यह कथन किसका है।
उत्तर - रामविलास शर्मा ।
प्रश्न 75- रामचरितमानस में कुल कितने काण्ड है।
उत्तर - सात ।
प्रश्न 76- हिन्दी साहित्य के इतिहास के रचयिता कौन है।
उत्तर - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ।
प्रश्न 77- गीत गोविन्द किस भाषा में है।
उत्तर - संस्कृत भाषा में ।
प्रश्न 78- लोक नायक किसको कहा जाता है।
उत्तर - तुलसीदास जी को ।
प्रश्न 79- इन्दिरापति किसे कहा जाता है।
उत्तर - विष्णु को ।
प्रश्न 80- पंचतंत्र क्या है।
उत्तर - कहानी संग्रह ।
प्रश्न 1- किस युग को आधुनिक हिन्दी कविता का सिंहद्वार कहा जाता है।
उत्तर - भारतेन्दु युग को ।
प्रश्न 2- द्विवेदी युग के प्रवर्तक कौन थे।
उत्तर - महावीर प्रसाद द्विवेदी ।
प्रश्न 3- हिन्दी का पहला सामाजिक उपन्यास कौन सा माना जाता है।
उत्तर - भाग्यवती ।
प्रश्न 4- सन् 1950 से पहले हिन्दी् कविता किस कविता के रूप में जानी जाती थी।
उत्तर - प्रयोगवादी ।
प्रश्न 5- ब्रज भाषा का सर्वोत्तम कवि है।
उत्तर - सूरदास ।
प्रश्न 6- आदिकाल के बाद हिन्दी में किस साहित्य का उदय हुआ ।
उत्तर - भक्ति साहित्य का ।
प्रश्न 7- निर्गुण भक्ति काव्य के प्रमुख कवि है।
उत्तर - कबीरदास ।
प्रश्न 8- किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है।
उत्तर - भक्ति काल को ।
प्रश्न 9- हिन्दी का आदि कवि किसे माना जाता है।
उत्तर - स्व्यंभू ।
प्रश्न 10- आधुनिक काल का समय कब से माना जाता है।
उत्तर - 1900 से अब तक ।
प्रश्न 11- जयशंकर प्रसाद की सर्वश्रेष्ठ रचना कौन सी है।
उत्तर - कामायनी ।
प्रश्न 12- बिहारी ने क्या लिखे है।
उत्तर - दोहे ।
प्रश्न 13- कबीर किसके शिष्य थे।
उत्तर - रामानन्द ।
प्रश्न 14- पद्यावत महाकाव्य कौन सी भाषा में लिखा है।
उत्तर - अवधी ।
प्रश्न 15- चप्पू किसे कहा जाता है।
उत्तर - गद्य और पद्य मिश्रित रचनाओं को ।
प्रश्न 16- कलाधर उपनाम से कविता कौन से कवि लिखते थे।
उत्तर - जयशंकर प्रसाद ।
प्रश्न 17- रस निधि किस कवि का उपनाम है।
उत्तर - पृथ्वी सिंह ।
प्रश्न 18- प्रेमचन्द्र के अधुरे उपन्यांस का नाम है।
उत्तर - मंगलसूत्र ।
प्रश्न 19- हिन्दी का सर्वाधिक नाटककार कौन है।
उत्तर - जयशंकर प्रसाद ।
प्रश्न 20- तुलसीकृत रामचरित मानस में कौन सी भाषा का प्रयोग किया गया है।
उत्तर - अवधी भाषा का प्रयोग किया गया है।
प्रश्न 21- एकांकी के जन्मदाता कौन है।
उत्तर - धर्मवीर भारती ।
प्रश्न 22- मीराबाई ने किस भाव से कृष्ण की उपासना की ।
उत्तर - माधुर्य भाव से ।
प्रश्न 23- रामचरित मानस का प्रधान रस है।
उत्तर - शान्त रस ।
प्रश्न 24- सबसे पहले अपनी आत्मकथा हिन्दी में किसने लिखी ।
उत्तर - डॉं. राजेन्द्र प्रसाद ने ।
प्रश्न 25- हिन्दी कविता का पहला महाकाव्य् कौन सा है।
उत्तर - पृथ्वीराज रासो ।
प्रश्न 26- हिन्दी के सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र का नाम क्या है।
उत्तर - उदन्ड मार्तण्ड ।
प्रश्न 27- हिन्दी साहित्य की प्रथम कहानी है।
उत्तर - इन्दुमती ।
प्रश्न 28- आंचलिक रचनाऍं किससे सम्बन्धित होती है।
उत्तर - क्षेत्र विषेश से ।
प्रश्न 29- पृथ्वीराज रासो किस काल की रचना है ।
उत्तर - आदिकाल की ।
प्रश्न 30- हिन्दी गद्य का जन्म दाता किसको माना जाता है।
उत्तर - भारतेन्दु हरिचन्द्र जी को ।
प्रश्न 31- कवि कालिदास की ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ का हिन्दी अनुवाद किसने किया।
उत्तर - राजा लक्ष्मणसिंह ने ।
प्रश्न 32- पद्य साहित्य को कितने भागों में बॉंटा गया है।
उत्तर - पन्द्रह भागों में ।
प्रश्न 33- कवि नरेन्द्र शर्मा ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के निधन से प्रभावित होकर कौन सी रचना की ।
उत्तर - रक्त चन्दन की रचना की ।
प्रश्न 34- नाट्यशास्त्रकारों द्वारा अमान्य रस कौन सा है।
उत्तर - वीभत्स रस ।
प्रश्न 35- काव्य शास्त्र का प्राचीनतम नाम क्या था।
उत्तर - अलंकार शास्त्र ।
प्रश्न 36- रीति सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे।
उत्तर - आचार्य वामन ।
प्रश्न 37- हिन्दी में काव्य शास्त्र के प्रथम आचार्य कौन है।
उत्तर - केशवदास ।
प्रश्न 38- साहित्य शब्द् किस शब्द से बना है।
उत्तर - सहित शब्द से बना है।
प्रश्न 39- हिन्दी साहित्य में जीवनी साहित्य का प्रारम्भ कौन से युग में हुआ ।
उत्तर - भारतेंदु युग में ।
प्रश्न 40- हिन्दी भाषा और सांहित्य के लेखक है।
उत्तर - श्यामसुंदरदास ।
प्रश्न 41- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । यह किसने कहा ।
उत्तर - अरस्तू ने ।
प्रश्न 42- भाषा किसे कहते है।
उत्तर - मनुष्य अपने मानसिक विचारों की अभिव्यक्ति के लिए जिस माध्यम का प्रयोग करता है। वह भाषा कहलाती है।
प्रश्न 43- भाषा शब्द की उत्पत्ति कहॉ से हुई है।
उत्तर - भाषा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के भाष धातु से हुई है।
प्रश्न 44- सामान्य् शब्दों मे हम भाषा को किस तरह से व्यक्तु करेगे ।
उत्तर - भाषा वह साधन है । जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों या विचारों को बोलकर या लिखकर दूसरे मनुष्यो तक पहुँचाता है।
प्रश्न 45- भाषा को मोटे रूप में कितने भागों मे बांटा गया है।
उत्तर - भाषा को मोटे रूप में 2 भागों मे बांटा गया है।
1. लिखित भाषा
2. मौखिक भाषा
प्रश्न 46- हिन्दी भाषा का सम्बंन्ध किस लिपि से है।
उत्तर - देवनागरी लिपि से है।
प्रश्न 7- बोलने वालो की संख्या की दृष्टि से हिन्दी का विश्व मे कौन सा स्थान है।
उत्तर - तीसरा ।
प्रश्न 48- सूरदास के काव्य किस भाषा में है।
उत्तर - ब्रजभाषा में ।
प्रश्न 49- संविधान के किस अनुच्छे्द में कहा गया है – ‘’ संघ की राजभाषा हिन्दी् और लिपि देवनागरी होगी ‘’ ।
उत्तर - 343 वें अनुच्छेद में कहॉ गया ।
प्रश्न 50- हिन्दी शब्द की व्युात्पात्ति कहॉ से हुई है।
उत्तर - सिंधु से ।
प्रश्न 51- वर्तमान हिन्दी का प्रचलित रूप कैसा है।
उत्तर - खडी बोली ।
प्रश्न 52- जिन ध्वनियों के संयोग से शब्दों का निर्माण होता है। उन्हें क्या कहते है।
उत्तर - वर्ण ।
प्रश्न 53- स्वरों की संख्या कितनी मानी गई है।
उत्तर - 11 ।
प्रश्न 54- हिन्दी मानक वर्ण माला में कुल कितने वर्ण है।
उत्तर - 52 ।
प्रश्न 55- अन्तस्थ व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्तर - 4 ।
प्रश्न 56- हिन्दी वर्ण माला को कितने भागों में विभक्त किया गया है।
उत्तर - दो भागो में ।
प्रश्न 57- हिन्दो वर्ण माला में स्पर्श व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्तर - 25 ।
प्रश्न 58- मात्रा के आधार पर हिन्दी स्वंरों के दो भेद कौन से है।
उत्तर - हस्वर और दीर्घ ।
प्रश्न 59- ‘ क्ष ‘ वर्ण किसके योग से बना है।
उत्तर - ‘’ क् + ष ‘’ से बना है।
प्रश्न 60- हिन्दी वर्ण माला में व्यंजनों की संख्या है।
उत्तर - 33 व्यंजन है।
प्रश्न 61- सूरदास का काव्य किस भाषा में है।
उत्तर - ब्रजभाषा में ।
प्रश्न 62- हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग की स्थापना कब हुई ।
उत्तर - 1910 में ।
प्रश्न 63- संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लेखित भारतीय भाषाओं की संख्या है।
उत्तर - 22 ।
प्रश्न 64- हिन्दी की विशिष्ट बोली ब्रज भाषा किस रूप में सबसे अधिक प्रसिद्ध है।
उत्तर - काव्य भाषा ।
प्रश्न 65- देवनागरी लिपि किस लिपि का विकसित रूप है।
उत्तर - ब्राम्ही लिपि ।
प्रश्न 66- रामायण महाभारत आदि ग्रन्थ कौन सी भाषा में लिखे गये है।
उत्तर - आर्यभाषा में ।
प्रश्न 67- विद्यापति की प्रसिद्ध रचना पदावली किस भाषा में लिखी गई है।
उत्तर - मैथिली में ।
प्रश्न 68- भारत में हिन्दी का संवैधानिक स्वरूप है।
उत्तर - राजभाषा । ।
प्रश्न 69- जाटू किस बोली का उपनाम है।
उत्तर - बॉगरू ।
प्रश्न 70- ''एक मनई के दुई बेटवे रहिन'' यह अवतरण हिन्दी की किस बोली में है।
उत्तर - भोजपुरी से ।
प्रश्न 71- हिन्दी का पहला नाटक है।
उत्तर - नहुष ।
प्रश्न 72- कबीरदास की भाषा थी।
उत्तर - सधुक्कडी ।
प्रश्न 73- कलम का जादूगर किसे कहा जाता है।
उत्तर - रामवृक्ष बेनीपुरी को ।
प्रश्न 74- प्रगतिवाद उपयोगितावाद का दूसरा नाम है। यह कथन किसका है।
उत्तर - रामविलास शर्मा ।
प्रश्न 75- रामचरितमानस में कुल कितने काण्ड है।
उत्तर - सात ।
प्रश्न 76- हिन्दी साहित्य के इतिहास के रचयिता कौन है।
उत्तर - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ।
प्रश्न 77- गीत गोविन्द किस भाषा में है।
उत्तर - संस्कृत भाषा में ।
प्रश्न 78- लोक नायक किसको कहा जाता है।
उत्तर - तुलसीदास जी को ।
प्रश्न 79- इन्दिरापति किसे कहा जाता है।
उत्तर - विष्णु को ।
प्रश्न 80- पंचतंत्र क्या है।
उत्तर - कहानी संग्रह ।
Sunday, November 11, 2018
प्रमुख कवि तथा उपनाम
लेखकों और कवियों का उपनाम
*1. जयशंकर साहू - 'प्रसाद'*
2. सूर्यकांत त्रिपाठी - 'निराला'
3. गुसाईं दत्त - सुमित्रानन्दन पन्त
4. धनपत राय – प्रेमचन्द
5. रामधारी सिंह - 'दिनकर’
6. मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान – मिर्ज़ा ग़ालिब
7. मुन्नन द्विवेदी - शांतिप्रिय द्विवेदी
8. हरिप्रसाद द्विवेदी - वियोगि हरि
9. वैद्यनाथ मिश्र – नागार्जुन
*10. हरिवंश राय श्रीवास्तव - 'बच्चन'*
11. रघुपति सहाय - फिराक गोरखपुरी
12. सम्पूर्ण सिंह कालरा – गुलज़ार
13. धर्मवीर सक्सेना - धर्मवीर भारती
14. पुष्पलता शर्मा – पुष्पा भारती
15. शिवमंगल सिंह - 'सुमन'
16. मदन मोहन गुगलानी - मोहन राकेश
17. कैलाश सक्सेना – कमलेश्वर
18. उपेन्द्रनाथ शर्मा - 'अश्क'
19. फणीश्वर नाथ - 'रेणु'
*20. गोपालदास सक्सेना - 'नीरज'*
21. श्रीराम वर्मा – अमरकान्त
22. रमेश चन्द्र - शैलेष मटियानी
23. सुदामा पाण्डेय - 'धूमिल'
24. बालस्वरूप भटनागर - 'राही'
25. गंगाप्रसाद उनियाल - 'विमल'
26. रामेश्वर शुक्ल - 'अंचल'
27. वासुदेव सिंह - त्रिलोचन शास्त्री
28. (सच्चिदानंद) हीरानन्द वात्स्यायन - 'अज्ञेय'
29. (तिरूमल्लै) नम्बाकम (वीर) राघव (आचार्य) - रांगेय
राघव
*30. (पाण्डेय) बेचन शर्मा - 'उग्र'*
31. (राय) देवीप्रसाद - 'पूर्ण'
32. (पण्डित) चन्द्रधर शर्मा - 'गुलेरी'
33. बालकृष्ण शर्मा - 'नवीन'
34. गजानन माधव - 'मुक्तिबोध'
35. गोपाल शरण सिंह - 'नेपाली'
36. जनार्दन प्रसाद झा - 'द्विज'
37. सत्यनारायण - 'कविरत्न'
38. भगवान वर्मा - लाला भगवानदीन
39. बालमुकुन्द गुप्त – शिवशम्भु
*40. गयाप्रसाद शुक्ल - 'सनेही'*
41. अयोध्यासिंह उपाध्याय - 'हरिऔध'
42. नाथूराम शर्मा - 'शंकर'
43. बदरीनारायण चौधरी - 'प्रेमघन'
44. जगन्नाथ दास - 'रत्नाकर'
45. सदासुख लाल - 'नियाज'
46. सैयद गुलाम नबी – रसलीन
47. सैयद इब्राहिम – रसखान
48. मलिक मोहम्मद - 'जायसी'
49. विश्वम्भर नाथ शर्मा - 'कौशिक'
*50. चण्डीप्रसाद - 'हृदयेश'*
51. हरिकृष्ण शर्मा - 'प्रेमी'
52. गणेशबिहारी मिश्र, श्यामबिहारी मिश्र,
शुकदेवबिहारी मिश्र - 'मिश्रबन्धु'
53. गुलशेर अहमद खान - 'शानी'
54. रामरिख बंसल - ‘मनहर ’
55. काशीनाथ उपाध्याय - बेधडक बनारसी
56. कृष्णदेव प्रसाद गौड - बेढब बनारसी
57. प्रभुलाल गर्ग - काका हाथरसी
58. चन्द्रभूषण त्रिवेदी - रमई काका
59. राजेन्द्र बाला घोष - बंग महिला
*60. महेन्द्र कुमारी - मन्नू भण्डारी*
61. प्रेम कुमार कुन्द्रा – प्रेम जनमेजय
62. अनिल कुमार जैन – अनिल जनविजय
63. सरोजिनी मलिक - 'प्रीतम'
64. उषा सक्सेना - 'प्रियंवदा'
65. गौरा पन्त - 'शिवानी'
66. सुशील कुमार चड्ढा – हुल्लड़ मुरादाबादी
*67. पंडित आनन्द मोहन जुत्शी - गुलज़ार देहल्वी*
*1. जयशंकर साहू - 'प्रसाद'*
2. सूर्यकांत त्रिपाठी - 'निराला'
3. गुसाईं दत्त - सुमित्रानन्दन पन्त
4. धनपत राय – प्रेमचन्द
5. रामधारी सिंह - 'दिनकर’
6. मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान – मिर्ज़ा ग़ालिब
7. मुन्नन द्विवेदी - शांतिप्रिय द्विवेदी
8. हरिप्रसाद द्विवेदी - वियोगि हरि
9. वैद्यनाथ मिश्र – नागार्जुन
*10. हरिवंश राय श्रीवास्तव - 'बच्चन'*
11. रघुपति सहाय - फिराक गोरखपुरी
12. सम्पूर्ण सिंह कालरा – गुलज़ार
13. धर्मवीर सक्सेना - धर्मवीर भारती
14. पुष्पलता शर्मा – पुष्पा भारती
15. शिवमंगल सिंह - 'सुमन'
16. मदन मोहन गुगलानी - मोहन राकेश
17. कैलाश सक्सेना – कमलेश्वर
18. उपेन्द्रनाथ शर्मा - 'अश्क'
19. फणीश्वर नाथ - 'रेणु'
*20. गोपालदास सक्सेना - 'नीरज'*
21. श्रीराम वर्मा – अमरकान्त
22. रमेश चन्द्र - शैलेष मटियानी
23. सुदामा पाण्डेय - 'धूमिल'
24. बालस्वरूप भटनागर - 'राही'
25. गंगाप्रसाद उनियाल - 'विमल'
26. रामेश्वर शुक्ल - 'अंचल'
27. वासुदेव सिंह - त्रिलोचन शास्त्री
28. (सच्चिदानंद) हीरानन्द वात्स्यायन - 'अज्ञेय'
29. (तिरूमल्लै) नम्बाकम (वीर) राघव (आचार्य) - रांगेय
राघव
*30. (पाण्डेय) बेचन शर्मा - 'उग्र'*
31. (राय) देवीप्रसाद - 'पूर्ण'
32. (पण्डित) चन्द्रधर शर्मा - 'गुलेरी'
33. बालकृष्ण शर्मा - 'नवीन'
34. गजानन माधव - 'मुक्तिबोध'
35. गोपाल शरण सिंह - 'नेपाली'
36. जनार्दन प्रसाद झा - 'द्विज'
37. सत्यनारायण - 'कविरत्न'
38. भगवान वर्मा - लाला भगवानदीन
39. बालमुकुन्द गुप्त – शिवशम्भु
*40. गयाप्रसाद शुक्ल - 'सनेही'*
41. अयोध्यासिंह उपाध्याय - 'हरिऔध'
42. नाथूराम शर्मा - 'शंकर'
43. बदरीनारायण चौधरी - 'प्रेमघन'
44. जगन्नाथ दास - 'रत्नाकर'
45. सदासुख लाल - 'नियाज'
46. सैयद गुलाम नबी – रसलीन
47. सैयद इब्राहिम – रसखान
48. मलिक मोहम्मद - 'जायसी'
49. विश्वम्भर नाथ शर्मा - 'कौशिक'
*50. चण्डीप्रसाद - 'हृदयेश'*
51. हरिकृष्ण शर्मा - 'प्रेमी'
52. गणेशबिहारी मिश्र, श्यामबिहारी मिश्र,
शुकदेवबिहारी मिश्र - 'मिश्रबन्धु'
53. गुलशेर अहमद खान - 'शानी'
54. रामरिख बंसल - ‘मनहर ’
55. काशीनाथ उपाध्याय - बेधडक बनारसी
56. कृष्णदेव प्रसाद गौड - बेढब बनारसी
57. प्रभुलाल गर्ग - काका हाथरसी
58. चन्द्रभूषण त्रिवेदी - रमई काका
59. राजेन्द्र बाला घोष - बंग महिला
*60. महेन्द्र कुमारी - मन्नू भण्डारी*
61. प्रेम कुमार कुन्द्रा – प्रेम जनमेजय
62. अनिल कुमार जैन – अनिल जनविजय
63. सरोजिनी मलिक - 'प्रीतम'
64. उषा सक्सेना - 'प्रियंवदा'
65. गौरा पन्त - 'शिवानी'
66. सुशील कुमार चड्ढा – हुल्लड़ मुरादाबादी
*67. पंडित आनन्द मोहन जुत्शी - गुलज़ार देहल्वी*
Friday, October 19, 2018
ज्ञानपीठ पुरुस्कार
*ज्ञानपीठ पुरस्कार*
1965 – जी शंकर कुरूप (मलयालम)
1966 – ताराशंकर बंध्योपाध्याय (बांग्ला)
1967 – के.वी.पुटप्पा (कन्नड), उमाशंकर जोशी (गुजराती)
1968 – सुमित्रानन्दन पन्त (हिन्दी)
1969 – फिराक गोरखपुरी (उर्दू)
1970 – विश्वनाथ सत्यनारायण (तेलुगू)
1971 – विष्णु डे (बांग्ला)
1972 – रामधारी सिंह दिनकर (हिन्दी)
1973 – डॉ दत्तात्रेेेय रामचन्द्र बेन्द्रे (कन्नड), गोपीनाथ मोहन्ती (ओडिया)
1974 – विष्णु सखा खाण्डेकर (मराठी)
1975 – ए.वी.अकिलन्दम (तमिल)
1976 – श्रीमती आशापूर्णा देवी (बांग्ला)
1977 – शिवराम कारन्थ (कन्नड)
1978 – एच.एस. अज्ञेय (हिन्दी)
1979 – डॉ वीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य (असमिया)
1980 – एस. के. पोट्टेकट (मलयालम)
1981 – अमृता प्रीतम (पंजाबी)
1982 – महादेवी वर्मा (हिन्दी)
1983 – मस्ति वेंकटेश आयंगर (कन्नड)
1984 – तक्षी शिवशंकर पिल्लई (मलयालम)
1985 – पन्नाला पटेल (गुजराती)
1986 – सच्चिदानन्द राउतराय (ओडिया)
1987 – वि.वा.शिरवाडकर (मराठी)
1988 – सी.नारायण रेड्डी (तेलुगू)
1989 – कुर्रतुल एन.हैदर (उर्दू)
1990 – विनायक कृष्ण गोकाक (कन्नड)
1991 – सुभाष मुखोपाध्याय (बांग्ला)
1992 – नरेश मेहता (हिन्दी)
1993 – डॉ सीताकान्त महापात्र (ओडिया)
1994 – प्रो यू आर अनंतमूर्ति (कन्नड)
1995 – एम.टी.वासुदेवन नायर (मलयालम)
1996 – श्रीमती महाश्वेता देवी (बांग्ला)
1997 – अली सरदार जाफरी (उर्दू)
1998 – गिरीश कर्नाड (कन्नड)
1999 – निर्मल वर्मा (हिन्दी), गुरदयाल सिंह (पंजाबी)
2000 – इन्दिरा गोस्वामी (असमिया)
2001 – राजेन्द्र केशवलाल (गुजराती)
2002 – डी. जयकांतन (तमिल)
2003 – विंदा करंदीकर (मराठी)
2004 – रहमान रही (कश्मीरी)
2005 – कुॅवर नारायण (हिन्दी)
2006 – रवीन्द्र केलकर (कोंकणी), सत्यव्रत शास्त्री (संस्कृत)
2007 – ओ.एन.वी.कुरूप (मलयालम)
2008 – अखलाख मोहम्मद खान (शहरयार)
2009 – अमरकांत (हिन्दी), श्री लाल शुक्ला (हिन्दी)
2010 – चन्द्रशेखर कंवर (कन्नड)
2011 – प्रतिभा राय (ओडिया)
2012 – डॉ रावुरी भारद्वाज (तेलुगू)
2013 – प्रो केदारनाथ सिंह (हिन्दी)
2014 – भालचन्द्र नेमाडे (मराठी)
2015 – रधुवीर चौधरी (गुजराती)
2016 – शंख घोष (बांग्ला)
2017 – कृष्णा सोबती (हिन्दी)
1965 – जी शंकर कुरूप (मलयालम)
1966 – ताराशंकर बंध्योपाध्याय (बांग्ला)
1967 – के.वी.पुटप्पा (कन्नड), उमाशंकर जोशी (गुजराती)
1968 – सुमित्रानन्दन पन्त (हिन्दी)
1969 – फिराक गोरखपुरी (उर्दू)
1970 – विश्वनाथ सत्यनारायण (तेलुगू)
1971 – विष्णु डे (बांग्ला)
1972 – रामधारी सिंह दिनकर (हिन्दी)
1973 – डॉ दत्तात्रेेेय रामचन्द्र बेन्द्रे (कन्नड), गोपीनाथ मोहन्ती (ओडिया)
1974 – विष्णु सखा खाण्डेकर (मराठी)
1975 – ए.वी.अकिलन्दम (तमिल)
1976 – श्रीमती आशापूर्णा देवी (बांग्ला)
1977 – शिवराम कारन्थ (कन्नड)
1978 – एच.एस. अज्ञेय (हिन्दी)
1979 – डॉ वीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य (असमिया)
1980 – एस. के. पोट्टेकट (मलयालम)
1981 – अमृता प्रीतम (पंजाबी)
1982 – महादेवी वर्मा (हिन्दी)
1983 – मस्ति वेंकटेश आयंगर (कन्नड)
1984 – तक्षी शिवशंकर पिल्लई (मलयालम)
1985 – पन्नाला पटेल (गुजराती)
1986 – सच्चिदानन्द राउतराय (ओडिया)
1987 – वि.वा.शिरवाडकर (मराठी)
1988 – सी.नारायण रेड्डी (तेलुगू)
1989 – कुर्रतुल एन.हैदर (उर्दू)
1990 – विनायक कृष्ण गोकाक (कन्नड)
1991 – सुभाष मुखोपाध्याय (बांग्ला)
1992 – नरेश मेहता (हिन्दी)
1993 – डॉ सीताकान्त महापात्र (ओडिया)
1994 – प्रो यू आर अनंतमूर्ति (कन्नड)
1995 – एम.टी.वासुदेवन नायर (मलयालम)
1996 – श्रीमती महाश्वेता देवी (बांग्ला)
1997 – अली सरदार जाफरी (उर्दू)
1998 – गिरीश कर्नाड (कन्नड)
1999 – निर्मल वर्मा (हिन्दी), गुरदयाल सिंह (पंजाबी)
2000 – इन्दिरा गोस्वामी (असमिया)
2001 – राजेन्द्र केशवलाल (गुजराती)
2002 – डी. जयकांतन (तमिल)
2003 – विंदा करंदीकर (मराठी)
2004 – रहमान रही (कश्मीरी)
2005 – कुॅवर नारायण (हिन्दी)
2006 – रवीन्द्र केलकर (कोंकणी), सत्यव्रत शास्त्री (संस्कृत)
2007 – ओ.एन.वी.कुरूप (मलयालम)
2008 – अखलाख मोहम्मद खान (शहरयार)
2009 – अमरकांत (हिन्दी), श्री लाल शुक्ला (हिन्दी)
2010 – चन्द्रशेखर कंवर (कन्नड)
2011 – प्रतिभा राय (ओडिया)
2012 – डॉ रावुरी भारद्वाज (तेलुगू)
2013 – प्रो केदारनाथ सिंह (हिन्दी)
2014 – भालचन्द्र नेमाडे (मराठी)
2015 – रधुवीर चौधरी (गुजराती)
2016 – शंख घोष (बांग्ला)
2017 – कृष्णा सोबती (हिन्दी)
Tuesday, October 2, 2018
विलोम शब्द
Hindi Antonyms (विलोम शब्द)
1. अग्र – पश्च
2. अज्ञ – विज्ञ
3. अमृत -विष
4. अथ – इति
5. अघोष – सघोष
6. अधम – उत्तम
7. अपकार – उपकार
8. अपेक्षा – उपेक्षा
9. अस्त – उदय
10. अनुरक्त – विरक्त
11. अनुराग – विराग
12. अन्तरंग – बहिरंग
13. अवतल – उत्तल
14. अवर – प्रवर
15. अमर – मर्त्य
16. अर्पण – ग्रहण
17. अवनि – अम्बर
18. अपमान – सम्मान
19. अतिवृष्टि – अनावृष्टि
20. अनुकूल – प्रतिकूल
21. अन्तर्द्वन्द्व – बहिर्द्वन्द्व
22. अग्रज – अनुज
23. अकाल – सुकाल
24. अर्थ – अनर्थ
25. अँधेरा – उजाला
26. अपेक्षित – अनपेक्षित
27. आदि – अन्त
28. आस्तिक – नास्तिक
29. आरम्भ – समापन
30. आहूत – अनाहूत
31. आयात – निर्यात
32. आभ्यन्तर – बाह्य
33. आवृत – अनावृत
34. आशा – निराशा
35. आरोहण – अवरोहण
36. आस्था – अनास्था
37. आर्द्र – शुष्क
38. आकाश – पाताल
39. आवाहन – विसर्जन
40. आविर्भाव – तिरोभाव
41. आरोह – अवरोह
42. आदान – प्रदान
43. आगामी – विगत
44. आदर -अनादर
45. आकर्षण – विकर्षण
46. आर्य – अनार्य
47. आश्रित – अनाश्रित
48. इष्ट – अनिष्ट
49. इहलोक – परलोक
50. उग्र – सौम्य
51. उदात्त – अनुदात्त
52. उत्कृष्ट – निकृष्ट
53. उपसर्ग – परसर्ग
54. उन्मुख – विमुख
55. उन्नत – अवनत
56. उद्दत – विनीत
57. उपमान – उपमेय
58. उपत्यका – अधित्यका
59. उत्तरायण – दक्षिणायन
60. उन्मूलन – रोपण
61. उष्ण – शीत
62. उदयाचल – अस्ताचल
63. उपयुक्त – अनुपयुक्त
64. उच्च – निम्न
65. एड़ी – चोटी
66. ऐहिक – पारलौकिक
67. औचित्य – अनौचित्य
68. एक – अनेक
69. एकत्र – विकीर्ण
70. एकता – अनेकता
71. एकाग्र – चंचल
72. ऐतिहासिक – अनैतिहासिक
73. औपचारिक – अनौपचारिक
74. ऋजु – वक्र
75. ऋत – अनृत
76. कटु – सरल
77. कनिष्ट – जयेष्ट
78. कृष्ण – शुक्ल
79. कुटिल – सरल
80. कृत्रिम – अकृत्रिम
81. करुण – निष्ठुर
82. कायर – वीर
83. कुलीन – अकुलीन
84. क्रय – विक्रय
85. कल्पित – यथार्थ
86. कृतज्ञ – कृतघ्न
87. कोप -कृपा
88. क्रोध – क्षमा
89. कृश – स्थूल
90. क्रिया – प्रतिक्रिया
91. खण्डन – मण्डन
92. खरा – खोटा
93. खाद्य – अखाद्य
94. गुप्त – प्रकट
95. गरल – सुधा
96. गम्भीर – वाचाल
97. गुरु – लघु
98. गौरव – लाघव
99. गोचर – अगोचर
100. गुण – दोष
101. ग्राम्य – नागर
102. घृणा – प्रेम
103. चिरंतन – नश्वर
104. चल – अचल
105. चंचल – अचंचल
106. चिर – अचिर
107. जीवन – मरण
108. जाग्रत – सुप्त
109. जंगम – स्थावर
110. जागरण – सुषुप्ति
111. ज्योति – तम
112. तरुण – वृद्ध
113. तृप्त – अतृप्त
114. तृष्णा – तृप्ति
115. तीक्ष्ण – कुंठित
116. दण्ड – पुरस्कार
117. दानी – कृपण
118. दुरात्मा – महात्मा
119. देव – दानव
120. दिन – रात
121. धृष्ट – विनीत
122. निरर्थक – सार्थक
123. निर्दय – सदय
124. निषिद्ध – विहित
125. नैसर्गिक – कृत्रिम
126. निष्काम – सकाम
127. परतन्त्र – स्वतन्त्र
128. प्राचीन – नवीन
129. प्राची – प्रतीची
130. प्रभु – भृत्य
131. प्रसाद – अवसाद
132. पूर्ववर्ती – परवर्ती
133. पाश्चात्य – पौवार्त्य
134. बंजर – उर्वर
135. भला – बुरा
136. भूत – भविष्य
137. मुख्य – गौण
138. मनुज – दनुज
139. मूक – वाचाल
140. मन्द – तीव्र
141. मौखिक – लिखित
142. योगी -भोगी
143. युद्ध – शान्ति
144. यश – अपयश
145. योग्य – अयोग्य
146. राजा – रंक
147. रक्षक -भक्षक
148. रुग्ण – स्वस्थ
149. रुदन – हास्य
150. रिक्त – पूर्ण
151. लौकिक – अलौकिक
152. लम्बा – चौड़ा
153. व्यास – समास
154. विख्यात – कुख्यात
155. विधि – निषेध
156. विपन्न – सम्पन्न
157. विपदा – सम्पदा
158. वृष्टि – अनावृष्टि
159. शासक – शासित
160. शिष्ट – अशिष्ट
161. शिख- नख
162. श्याम – श्वेत
163. शोक – हर्ष
164. शोषक – पोषक
165. सत्कार – तिरस्कार
166. संक्षेप – विस्तार
167. सूक्ष्म – स्थूल
168. संगठन – विघटन
169. संयोग – वियोग
170. सुमति – कुमति
171. सत्कर्म – दुष्कर्म
172. सामिष – निरामिष
173. स्मरण – विस्मरण
174. संसदीय – असंसदीय
175. सृजन – संहार
176. क्षय – अक्षय
177. क्षुद्र – विराट
178. ज्ञेय – अज्ञेय
179. स्वीकृति – अस्वीकृति
180. भौतिक – आध्यात्मिक
1. अग्र – पश्च
2. अज्ञ – विज्ञ
3. अमृत -विष
4. अथ – इति
5. अघोष – सघोष
6. अधम – उत्तम
7. अपकार – उपकार
8. अपेक्षा – उपेक्षा
9. अस्त – उदय
10. अनुरक्त – विरक्त
11. अनुराग – विराग
12. अन्तरंग – बहिरंग
13. अवतल – उत्तल
14. अवर – प्रवर
15. अमर – मर्त्य
16. अर्पण – ग्रहण
17. अवनि – अम्बर
18. अपमान – सम्मान
19. अतिवृष्टि – अनावृष्टि
20. अनुकूल – प्रतिकूल
21. अन्तर्द्वन्द्व – बहिर्द्वन्द्व
22. अग्रज – अनुज
23. अकाल – सुकाल
24. अर्थ – अनर्थ
25. अँधेरा – उजाला
26. अपेक्षित – अनपेक्षित
27. आदि – अन्त
28. आस्तिक – नास्तिक
29. आरम्भ – समापन
30. आहूत – अनाहूत
31. आयात – निर्यात
32. आभ्यन्तर – बाह्य
33. आवृत – अनावृत
34. आशा – निराशा
35. आरोहण – अवरोहण
36. आस्था – अनास्था
37. आर्द्र – शुष्क
38. आकाश – पाताल
39. आवाहन – विसर्जन
40. आविर्भाव – तिरोभाव
41. आरोह – अवरोह
42. आदान – प्रदान
43. आगामी – विगत
44. आदर -अनादर
45. आकर्षण – विकर्षण
46. आर्य – अनार्य
47. आश्रित – अनाश्रित
48. इष्ट – अनिष्ट
49. इहलोक – परलोक
50. उग्र – सौम्य
51. उदात्त – अनुदात्त
52. उत्कृष्ट – निकृष्ट
53. उपसर्ग – परसर्ग
54. उन्मुख – विमुख
55. उन्नत – अवनत
56. उद्दत – विनीत
57. उपमान – उपमेय
58. उपत्यका – अधित्यका
59. उत्तरायण – दक्षिणायन
60. उन्मूलन – रोपण
61. उष्ण – शीत
62. उदयाचल – अस्ताचल
63. उपयुक्त – अनुपयुक्त
64. उच्च – निम्न
65. एड़ी – चोटी
66. ऐहिक – पारलौकिक
67. औचित्य – अनौचित्य
68. एक – अनेक
69. एकत्र – विकीर्ण
70. एकता – अनेकता
71. एकाग्र – चंचल
72. ऐतिहासिक – अनैतिहासिक
73. औपचारिक – अनौपचारिक
74. ऋजु – वक्र
75. ऋत – अनृत
76. कटु – सरल
77. कनिष्ट – जयेष्ट
78. कृष्ण – शुक्ल
79. कुटिल – सरल
80. कृत्रिम – अकृत्रिम
81. करुण – निष्ठुर
82. कायर – वीर
83. कुलीन – अकुलीन
84. क्रय – विक्रय
85. कल्पित – यथार्थ
86. कृतज्ञ – कृतघ्न
87. कोप -कृपा
88. क्रोध – क्षमा
89. कृश – स्थूल
90. क्रिया – प्रतिक्रिया
91. खण्डन – मण्डन
92. खरा – खोटा
93. खाद्य – अखाद्य
94. गुप्त – प्रकट
95. गरल – सुधा
96. गम्भीर – वाचाल
97. गुरु – लघु
98. गौरव – लाघव
99. गोचर – अगोचर
100. गुण – दोष
101. ग्राम्य – नागर
102. घृणा – प्रेम
103. चिरंतन – नश्वर
104. चल – अचल
105. चंचल – अचंचल
106. चिर – अचिर
107. जीवन – मरण
108. जाग्रत – सुप्त
109. जंगम – स्थावर
110. जागरण – सुषुप्ति
111. ज्योति – तम
112. तरुण – वृद्ध
113. तृप्त – अतृप्त
114. तृष्णा – तृप्ति
115. तीक्ष्ण – कुंठित
116. दण्ड – पुरस्कार
117. दानी – कृपण
118. दुरात्मा – महात्मा
119. देव – दानव
120. दिन – रात
121. धृष्ट – विनीत
122. निरर्थक – सार्थक
123. निर्दय – सदय
124. निषिद्ध – विहित
125. नैसर्गिक – कृत्रिम
126. निष्काम – सकाम
127. परतन्त्र – स्वतन्त्र
128. प्राचीन – नवीन
129. प्राची – प्रतीची
130. प्रभु – भृत्य
131. प्रसाद – अवसाद
132. पूर्ववर्ती – परवर्ती
133. पाश्चात्य – पौवार्त्य
134. बंजर – उर्वर
135. भला – बुरा
136. भूत – भविष्य
137. मुख्य – गौण
138. मनुज – दनुज
139. मूक – वाचाल
140. मन्द – तीव्र
141. मौखिक – लिखित
142. योगी -भोगी
143. युद्ध – शान्ति
144. यश – अपयश
145. योग्य – अयोग्य
146. राजा – रंक
147. रक्षक -भक्षक
148. रुग्ण – स्वस्थ
149. रुदन – हास्य
150. रिक्त – पूर्ण
151. लौकिक – अलौकिक
152. लम्बा – चौड़ा
153. व्यास – समास
154. विख्यात – कुख्यात
155. विधि – निषेध
156. विपन्न – सम्पन्न
157. विपदा – सम्पदा
158. वृष्टि – अनावृष्टि
159. शासक – शासित
160. शिष्ट – अशिष्ट
161. शिख- नख
162. श्याम – श्वेत
163. शोक – हर्ष
164. शोषक – पोषक
165. सत्कार – तिरस्कार
166. संक्षेप – विस्तार
167. सूक्ष्म – स्थूल
168. संगठन – विघटन
169. संयोग – वियोग
170. सुमति – कुमति
171. सत्कर्म – दुष्कर्म
172. सामिष – निरामिष
173. स्मरण – विस्मरण
174. संसदीय – असंसदीय
175. सृजन – संहार
176. क्षय – अक्षय
177. क्षुद्र – विराट
178. ज्ञेय – अज्ञेय
179. स्वीकृति – अस्वीकृति
180. भौतिक – आध्यात्मिक
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